लर्निंग

निवेश में संतुलन जरूरी

गोल हासिल करने के लिए जरूरी है कि अपनी बचत को अलग अलग तरह के निवेश में संतुलित तरीके से लगाया जाए

निवेश में संतुलन जरूरी

निवेश करने के तीन तरीके होते हैं। आप रकम किसी को उधार दे दें और उससे ब्‍याज कमाएं। किसी कंपनी के शेयर खरीद लें और उस कंपनी के एक हिस्‍से के ओनर बन जाएं। और तीसरा तरीका है कि गोल्‍ड या प्रॉपर्टी खरीद लें। इसमें रहती है कि समय के साथ असेट की कीमतें बढ़ेंगी ओर आपको फायदा होगा।

इक्विटी इन्‍वेस्टिंग

जब आप किसी कंपनी के शेयर खरीदते हैं तो आपका मुनाफा और नुकसान काफी हद तक इस बात पर निर्भर करता है कि कंपनी का प्रदर्शन कैसा रहता है।

शेयर खरीद कर आप कंपनी के एक हिस्‍से के ओनर बन जाते हैं। हालांकि आपके पास बहुत कम शेयर होते हैं ऐसे में आप यह तय नहीं कर सकते हैं कि कंपनी कैसे चलाई जाए। लेकिन प्रति शेयर के हिसाब से आपको वहीं फायदे मिलते हैं जो कंपनी के दूसरे ओनर को मिलते हैं।

जब कंपनी अपने मुनाफे का एक हिस्‍सा डिवीडेंड के तौर पर शेयरधारकों को देती हैं तो इस मुनाफे का एक हिस्‍सा आपको भी मिलता है। और जब समय के साथ कंपनी की वैल्‍यू बढ़ती है तो यानी कंपनी के शेयरों की कीमतें बढ़ती तो आपके निवेश की वैल्‍यू में भी इजाफा होता है। तो किसी भी बिजनेस ओनर की तरह आप भी कुछ शेयरों को बेचने का फैसला कर सकते हैं या भविष्‍य की योजनाओं के लिए अपने पास बनाए रख सकते हैं।

वहीं अगर इसका उलटा होता है। यानी आपके शेयरों की कीमत गिरती है तो आप रकम गवां सकते हैं। अगर कंपनी का प्रदर्शन बहुत खराब हो जाता है तो आप अपने निवेश का एक बड़ा हिस्‍सा गवां सकते हैं।

डेट इन्‍वेस्टिंग

मुनाफा कमाने का एक तरीका यह भी है कि आप अपनी रकम किसी को उधार दे दें। यहां हमने यह नहीं कहा है कि अपनी रकम किसी कंपनी को उधार दे दें। किसी और को उधार देने का मतलब है कि आप अपनी रकम न सिर्फ किसी कंपनी को उधार दे रहे हैं बल्कि सरकार या किसी दूसरे संस्‍थान को भी रकम उधार दे सकते हैं।

मुनाफा कमाने का एक तरीका यह भी है कि आप अपनी रकम किसी को उधार दे दें। यहां हमने यह नहीं कहा है कि अपनी रकम किसी कंपनी को उधार दे दें। किसी और को उधार देने का मतलब है कि आप अपनी रकम न सिर्फ किसी कंपनी को उधार दे रहे हैं बल्कि सरकार या किसी दूसरे संस्‍थान को भी रकम उधार दे सकते हैं।

किसी को रकम उधार देने का मतलब है कि आपने किसी को रकम उधार दे दी और रिटर्न के तौर पर आपको ब्‍याज मिल रहा है। उदाहरण के लिए तौर पर रकम जमा कर और इस पर ब्‍याज हासिल करना लेंडिंग है। जब आप बैंक में रकम जमा कराते हैं तो इसका मतलब है कि आप बैंक को रकम उधार दे रहे हैं। इसी तरह से जब आप पोस्‍ट ऑफिस डिपॉजिट या पीपीपीएफ में रकम जमा कराते हैं तो इसका मतलब है कि आप सरकार को रकम उधार दे रहे हैं।

हालांकि यहां शेयरों की तुलना में मुनाफा कमाने की गुंजाइश काफी सीमित है। जब आप बैंक डिपॉजिट में रकम जमा कराते हैं तो आपका मुनाफा ब्‍याज तक ही सीमित रहता है।

बैंक चाहे जितना सफल हो जाए या चाहे जितना मुनाफा कमाए आपको एक तय ब्‍याज ही मिलेगा। हालांकि यह भी सच है कि इस तरीके में जोखिम भी बहुत कम होता है। ज्‍यादातर डिपॉजिट में रकम गवांने या ब्‍याज न मिलने का जोखिम बहुत कम होता है। यहां आपको पहले से पता रहता है कि ब्‍याज कितना मिलेगा। ऐसे में जोखिम भी बहुत कम होता है।

तीसरे तरह के निवेश में जोखिम और पुरस्‍कार को समझना बहुत आसान है। आप कुछ खरीदत हैं और अगर कीमतें बढ़ती है तो आपको मुनाफा होता है और अगर कीमतें गिरती हैं तो आप रकम गवांते हैं।

अगर हम निवेश की इन तरीकों से एक चुनने की बात करें तो यह काफी जटिल है। इक्विटी दूसरों की तुलना में ज्‍यादा जटिल है। सैकड़ों कंपनियां हैं जिनके शेयर आप खरीद सकते हैं। और यह सही शेयर चुनना आसान नहीं है। हालांकि सही जगह रकम निवेश करने के तरीके हैं।

असेट रीबैलेंसिंग

असेट रीबलैंसिंग निवेश की दुनिया में सबसे उपयोगी और फिर भी सबसे ज्‍यादा नजरअंदाज की जाने वाली चीज है। हालांकि इसे करना बहुत आसान है। खास कर म्‍युचुअल फंड निवेशकों के लिए। ऐसे आपके लिए यह समझना और देखना जरूरी है कि क्‍या यह आपके पोर्टफोलियो के लिए काम कर सकता है।

असेट रीबलैंसिंग का मतलब है कि एक लक्ष्‍य को ध्‍यान में रख कर निवेश करना। जैसे आपका कितना निवेश डेट में होना चाहिए और कितना निवेश इक्विटी में। यानी आप अपने लक्ष्‍य को पाने के लिए समय समय पर रकम एक असेट से निकाल कर दूसरे असेट में लगाते हैं। यही असेट रीबैलेंसिंग है।

ऐसा एक नियम के तहत करना बेहतर होता है। इससे आपको यह नहीं सोचना पड़ता है कि असेट रीबलैंसिंग करने के लिए सही समय कौन सा है।

युवा निवेशकों के लिए फिक्‍स्ड इनकम का हिस्‍या बहुत कम यानी 10 फीसदी हो कता है। हालांकि यह शून्‍य नहीं होना चाहिए। और जो निवेशक ज्‍यादा सतर्क रवैया अपनाना चाहते हैं। उनके लिए फिक्‍स्ड इनकम का हिस्‍सा थोड़ा ज्‍यादा हो सकता है। रिटायर्ड लोग अलग तरीका अपना सकते हैं।

आप हर साल अपने पोर्टफोलियो को रीबैलेंस कर सकते हैं। इसका मतलब है कि आपके पोर्टफोलियों का संतुलन अगर बिगड़ गया है तो आप एक असेट से रकम निकाल कर दूसरे असेट में लगा सकते हैं। और इस तरह से अपना लक्ष्‍य पा सकते हैं।

आम तौर पर इक्विटी फिक्‍स्ड इनकम की तुलना में ज्‍यादा तेजी से बढ़ती है। ऐसे में आप इक्विटी का कुछ हिस्‍सा बेच कर फिक्‍स्ड इनकम में लगा सकते हैं। इसी तरह से जब इक्विटी गिरने लगे तो फिक्‍स्ड इनकम का कुछ हिस्‍सा बेच कर इक्विटी में लगा सकते हैं। इस तरह से आप मनचाहा संतुलन या लक्ष्‍य पा सकते हैं।

यह तरीका मुनाफा वसूली और गिर रही असेट में निवेश के लिए भी शानदार तरीके से काम करता है। इस तरह से आपके निवेश में संतुलन बना रहता है। जब इक्विटी में गिरावअ होती हैं तो आप मुनाफे का कुछ हिस्‍सा निकाल कर सुरक्षित असेट में लगा सकते हैं। इस तरह से इक्विटी से आपने जो मुनाफा कमाया है उसका एक हिस्‍सा सुरक्षित हो जाता है।

और अगर आप अपने पोर्टफोलियो की असेट रीबैलेंसिंग खुद से कर रहे हैं। तो आपको यह सुनिश्चित करना चाहिए कि यह काम बहुत जल्‍दी जल्‍दी न करें। आपको असेट रीबैलैंसिंग साल में एक बार ही करनी चाहिए।

ये लेख पहली बार सितंबर 16, 2020 को पब्लिश हुआ.

Disclaimer: यह कंटेंट सिर्फ़ जानकारी के लिए है और इसे निवेश सलाह या रेकमेंडेशन नहीं मानना चाहिए.

वैल्यू रिसर्च से पूछें aks value research information

कोई सवाल छोटा नहीं होता. पर्सनल फ़ाइनांस, म्यूचुअल फ़ंड्स, या फिर स्टॉक्स पर बेझिझक अपने सवाल पूछिए, और हम आसान भाषा में आपको जवाब देंगे.


टॉप पिक

‘मेरे पोर्टफ़ोलियो में 25 फ़ंड हैं. शुरुआत कहां से करूं?’

पढ़ने का समय 5 मिनटउदयप्रकाश

रिटायरमेंट के लिए फ़िक्स्ड इनकम चुनने का सही तरीक़ा क्या है?

पढ़ने का समय 4 मिनटअमेय सत्यवादी

इमरजेंसी फ़ंड की समस्या

पढ़ने का समय 5 मिनटअमेय सत्यवादी

हाउसिंग फ़ाइनेंस स्टॉक्स कर रहे हैं वापसी. क्या निवेश का है मौक़ा?

पढ़ने का समय 7 मिनटLekisha Katyal

ऐसा निवेशक बनें जो संकट में भी चैन से सो सके

पढ़ने का समय 6 मिनटधीरेंद्र कुमार

म्यूचुअल फंड पॉडकास्ट

updateनए एपिसोड हर शुक्रवार

गैरज़रूरी जटिलता की बीमारी फिर लौटी

गैरज़रूरी जटिलता की बीमारी फिर लौटी

SEBI का नया कैटेगराइज़ेशन से जुड़ा सर्कुलर पुराने मसलों को ठीक करता है, लेकिन इंडस्ट्री को प्रोडक्ट के लिहाज़ से अगले दौर की भीड़ के लिए नया सामान भी दे देता है

दूसरी कैटेगरी