वैल्यू रिसर्च से पूछें

क्‍या मुझे खराब प्रदर्शन करने वाले म्‍युचुअल फंड से पैसा निकाल कर इंडेक्‍स फंड में लगाना चाहिए ?

धीरेंद्र कुमार म्‍युचुअल फंड और इंडेक्‍स फंड में निवेश की तुलना कर रहे हैं

धीरेंद्र कुमार म्‍युचुअल फंड और इंडेक्‍स फंड में निवेश की तुलना कर रहे हैं

क्‍या खराब प्रदर्शन कर रहे म्‍युचुअल फंड से पैसा निकाल कर इंडेक्‍स फंड में निवेश करना ठीक रहेगा।
देवेन्‍द्र

अगर आप आश्‍वस्‍त हैं कि आप दूसरा बेहतर प्रदर्शन करने वाला फंड नहीं चुन सकते तो आप ऐसा कर सकते हैं। हालांकि मैं आपको बताना चाहूंगा कि 2018 एक असाधारण साल रहा है जब सूचकांक ने बहुत अच्‍छा प्रदर्शन किया जबकि दूसरे फंडों ने अपेक्षाकृत कमजोर प्रदर्शन किया और ज्‍यादातर फंड प्रदर्शन के लिहाज से सूचकांक से बेहतर नहीं कर पाए। सूचकांक से बेहतर प्रदर्शन करने का म्‍युचुअल फंडों का अंतर निश्चित रूप से घट रहा है और पांच साल के एसआईपी रिटर्न में भी ये फंड सूचकांक से बेहतर प्रदर्शन करने के लिहाज से संघर्ष करते दिखे हैं। हालांकि निवेश के बारे में फैसला करते समय आपको सिर्फ 2018 के प्रदर्शन को आधार नहीं बनाना चाहिए। पिछले 20 सालों के दौरान ज्‍यादातर समय में म्‍युचुअल फंडों ने पांच साल के रिटर्न के मोर्चे पर सूचकांक से बेहतर प्रदर्शन किया है।

2018 में सूचकांकों ने इसलिए बहुत अच्‍छा प्रदर्शन किया है क्‍योंकि सूचकांक में कुछ कंपनियों के शेयर बहुत तेजी से ऊपर चढ़ गए जबकि बाजार के दूसरे हिस्‍से में गिरावट रही। जैसे स्‍माल कैप फंडों में 30 से 40 फीसदी तक गिरावट दर्ज की गई। ऐसे में मेरी राय है कि अगर आप लंबी अवधि के लिए निवेश कर रहे हैं तो आपको फंडों को ध्‍यान से चुनना चाहिए। आपको निवेश के लिए कुछ मल्‍टी कैप फंड चुनने के साथ स्‍माल कैप और मिड फंडों में भी निवेश करना चाहिए। इससे आपको अच्‍छा रिटर्न मिल सकता है।

लेकिन अगर आप ऐसा नहीं कर सकते हैं तो इंडेक्‍स फंड भी एक अच्‍छा विकल्‍प है। मौजूदा समय में कई तरह के इंडेक्‍स फंड उपलब्‍ध हैं। इनमें निवेश करने की लागत भी बहुत कम है। निवेश की लागत कम होना भी अपने आप में एक बड़ा फायदा है। अगर एक मैनेज किया जाने वाला म्‍युचुअल फंड 1.5 फीसदी से 2 फीसदी तक वसूलता है तो उसे इंडेक्‍स फंड की बराबरी करने के लिए सालाना 2 फीसदी बेहतर प्रदर्शन करना होगा। इंडेक्‍स फंड निवेश के लिए बहुत कम पैसा लेता है।

इसके अलावा मेरा मानना है कि इंडेक्‍स में कुछ बदलाव होंगे जिससे निवेशकों को ज्‍यादा रिटर्न मिल सकेगा। हालांकि फिर भी मेरा मानना है कि ऐसे म्‍युचुअल फंड जिनका सक्रिय तौर पर प्रबंधन किया जाता है, के अच्‍छे दिन बने रहेंगे।

ये लेख पहली बार सितंबर 10, 2019 को पब्लिश हुआ.

वैल्यू रिसर्च से पूछें aks value research information

कोई सवाल छोटा नहीं होता. पर्सनल फ़ाइनांस, म्यूचुअल फ़ंड्स, या फिर स्टॉक्स पर बेझिझक अपने सवाल पूछिए, और हम आसान भाषा में आपको जवाब देंगे.


टॉप पिक

कुछ इंटरनेशनल फ़ंड निवेश के लिए खुले, लेकिन घरेलू फ़ंड भी दे सकते हैं मौक़ा

पढ़ने का समय 7 मिनट•आकार रस्तोगी

Tata Capital ने सब कुछ सही किया, फिर भी शेयर जहां था वहीं रहा

पढ़ने का समय 6 मिनट•Lakshya Naredi

इंश्योरेंस रेगुलेटर के भीतर आख़िर क्या बदल गया?

पढ़ने का समय 4 मिनट•धीरेंद्र कुमार

दो इंटरनेशनल फ़ंड ले रहे हैं एकमुश्त निवेश, Q50 मिल रहा दोगुनी क़ीमत पर

पढ़ने का समय 5 मिनट•आकार रस्तोगी

NPS Swasthya: हेल्थ कवर के लिए जुड़िए, कॉर्पस बनाने के लिए नहीं

पढ़ने का समय 7 मिनट•आकार रस्तोगी

म्यूचुअल फंड पॉडकास्ट

updateनए एपिसोड हर शुक्रवार

तीन साल का इंतज़ार

अभी-अभी पैर जमा रहे फ़ंड्स को परखने का चार-टेस्ट वाला तरीक़ा

अन्य एपिसोड

दूसरी कैटेगरी