
हम निवेश क्यों करते हें ? इसका बहुत सरल जवाब है कि बड़ी रकम जुटाने के लिए। अब मुश्किल यह है कि हम में से ज्यादातर लोगों के पास इनकम का जरिया एक ही होता है। और जरूरतें कई होती हैं। जैसे आज की जरूरतें, मध्यम अवधि की जरूरतें और लंबी अवधि की जरूरतें। तो हम अपनी बचत से इन जरूरतों को पूरा करने का प्रयास करें तो हमारे पास लंबी अवधि की जरूरतों को पूरा करने के लिए शायद कुछ भी नहीं बचेगा। इसलिए जरूरी है कि आप न सिर्फ पैसा बचाएं बल्कि इस पैसे को इस तरह से निवेश करें कि लंबी अवधि में बड़ी रकम बन सके।
तो अगर आप निवेश की शुरूआत जल्दी करते हैं यानी कम उम्र में निवेश शुरू कर देते हैं तो इससे बहुत फर्क पड़ता है। कहा जाता है कि अगर आपने सुबह का एक घंटा गंवा दिया तो आप पूरा दिन उसे ढूंढ़ने में खर्च कर देंगे। तो अगर आप निवेश शुरू करने में देरी करते हैं तो आपको सालों तक बड़ी रकम जुटाने के लिए बहुत प्रयास करना होगा जबकि जल्द निवेश की शुरुआत करके बहुत आसानी से यह काम किया जा सकता है। 20 से 25 साल के युवा जब अपनी पहली नौकरी शुरू करते हैं तो वे रिटायरमेंट के लिए बचत और निवेश में ज्यादा दिलचस्पी नहीं लेते हैं। उनको लगता है कि अभी तो कैरियर शुरू हुआ है अभी रिटायरमेंट बहुत दूर है। बिल्कुल 4 या 5 साल के बच्चे की तरह जो यह नहीं समझ सकते कि उनको इतनी कम उम्र स्कूल क्यों जाना पड़ रहा है। कॉलेज लाइफ के लिए छोटे बच्चे की तैयारी 12 से 15 साल पहले से शुरू हो जाती है। इसी तरह से युवाओं को भी नौकरी की शुरुआत के साथ ही रिटायरमेंट के लिए बचत और निवेश शुरू कर देना चाहिए। भले ही उनका रिटायरमेंट 40 साल दूर हो।
जल्द निवेश शुरू करने के कई फायदे हैं। आम तौर पर जब आप कमाना शुरू करते हैं तो आपकी जिम्मेदारी बहुत कम होती है। यानी ऐसा कोई नहीं होता है जो आप पर पैसे के लिए निर्भर हो। बचत को आदत बनाने का यह सबसे अच्छा समय होता है। निश्चित तौर पर कैरियर के शुरूआती दौर में आप अपनी कमाई से नए नए प्रोडक्ट खरीदना चाहते हैं, बाइक या कार लेना चाहते हैं। दोस्तों के साथ बाहर ट्रिप पर जाना चाहते हैं। एक हद तक इन सब चीजों पर खर्च करने में कोई बुराई नहीं है। लेकिन अगर आप यह सब करते हुए छोटी रकम भी बचा कर नियमित तौर पर निवेश करना शुरू कर देते हैं तो लंबी अवधि में आपकी बचत बहुत बड़ी रकम में बदल जाएगी। ऐसा कंपाउंड इंटरेस्ट की वजह से होगा।
बचत और निवेश में कंपाउंडिंग कितना फर्क डाल सकती है यह आप एक उदाहरण से समझ सकते हैं। विवेक ने रिटायरमेंट के लिए हर माह 1,000 रुपए निवेश शुरू किया और 30 साल तक निवेश जारी रखा। उनके निवेश पर सालाना 12 फीसदी रिटर्न मिला और विवेक के पास 30.8 लाख रुपए की रकम जमा हो गई। वहीं मोहित ने 12,000 रुपए महीने निवेश किया। लेकिन उनका निवेश सिर्फ 10 साल तक जारी रहा। 12 फीसदी रिटर्न मिलने पर भी मोहित सिर्फ 26.9 लाख रुपए ही जुटा पाया। अब आप देख सकते हैं मोहित ने 10 साल में 14.4 लाख रुपए निवेश किया और विवेक ने 30 साल में सिर्फ 3.6 लाख रुपए निवेश किया। लेकिन मोहित को विवेक की तुलना में 13 फीसदी कम रकम मिली। यही नहीं मोहित को कम समय में ज्यादा रकम बचाने और निवेश करने के लिए काफी प्रयास भी करना पड़ा। वहीं विवेक ने छोटी रकम निवेश की इससे उनके लिए बचत और निवेश करना काफी आसान रहा।
ज्यादातर लोगों के पास इनकम का जरिया एक ही है और अलग अगल समय पर तमाम जरूरतों को पूरा करने के लिए बड़ी रकम की जरूरत होती है। तो अगर बचत को बैंक डिपॉजिट में रखा जाए तो आपको उतना रिटर्न शायद ही मिल जिससे आप अपनी जरूरतों को पूरा करने के लायक रकम बना सकें। इसलिए लंबी अवधि में बड़ी रकम बनाने के लिए निवेश की प्लानिंग करना जरूरी हो जाता है। अब अगर आप आज से निवेश शुरू करना चाहते हैं तो हम कुछ ऐसा गलतियों के बारे में अलर्ट कर रहे हैं जो शुरूआत में निवेशक अक्सर करते हैं।
सही प्लान का इंतजार: निवेश के लिए सही और फुल प्रूफ के इंतजार में महीनों या सालों गुजार देना सही नहीं है। सही या परफेक्ट प्लान आपके लिए फायदेमंद ही होगा इस बात की कोई गारंटी नहीं है। और अगर आपने इस प्लान के चक्कर में निवेश शुरू करने में देरी की तो आप वह रिटर्न गंवा देंगे जो निवेश शुरू करने पर आप पा सकते थे। भले ही आप एक सरल प्लान से ही शुरूआत करें लेकिन शुरूआत जल्द करें।
कम अवधि के लिए निवेश : आप निवेश करने जा रहे हैं तो कुछ महीनों या सालों से आगे सोचिए। यह भी जरूरी है कि आप कम अवधि की जरूरतों के लिए कम शार्ट टर्म इन्वेस्टमेंट करें और लंबी अवधि की जरूरतों के लिए लॉग टर्म इन्वेस्टमेंट करें। इसका एक सरल नियम है कि आप अगले तीन साल के लक्ष्यों के लिए डेट फंड में निवेश करें और पांच साल या इससे अवधि अवधि के लक्ष्यों के लिए इक्विटी फंड में निवेश करें। इस तरह से आपका ज्यादा निवेश लंबी अवधि के लक्ष्यों के लिए ही होगा।
जोखिम से परहेज: आप डेट फंड में छोटी रकम निवेश करके बड़ी रकम नहीं जुटा सकते हैं। आपको महंगाई दर के ऊपर बड़ा रिटर्न पाने के लिए इक्विटी में निवेश करना होगा। यानी आपको थोड़ा जोखिम तो उठाना ही पड़ेगा। लंबी अवधि के लिए निवेश की बात है तो इक्विटी सबसे बेहतर विकल्प है। जरूरी है कि आप इक्विटी को लेकर तमाम तरह के डर अपने मन से निकाल दें। इस डर का कोई ठोस आधार नहीं है।
टिप्स पर भरोसा: बहुत जल्द अमीर बनने के लिए टिप्स की तलाश में समय न गवाएं। ऐसे टिप्स से आपको फायदा तो नहीं होगा पूंजी का ही नुकसान होगा। इसके बजाए आपको अपने निवेश के प्लान पर ही भरोसा करना चाहिए। आपको अपने निवेश के प्लान से ही फायदा होगा।
बार बार फंड बेचना खरीदना: अगर आप इक्विटी में निवेश कर रहे हैं तो बार बार फंड बेचना और खरीदना ठीक नहीं है। इस तरीके से आप न सिर्फ लंबी अवधि में बड़ा रिटर्न पाने का मौका गंवा देंगे बल्कि आपको पैसे का नुकसान भी उठाना पड़ेगा। क्योंकि बार फंड खरीदने बेचने से आपको ट्रांजैक्शन चार्ज और टैक्स के मद में भी पैसा चुकाना होगा।
ये लेख पहली बार अक्तूबर 15, 2019 को पब्लिश हुआ.


