रिटायरमेंट प्लानिंग। यानी रिटायरमेंट के बाद की जरूरतों को पूरा करने लायक रकम का इंतजाम करना। पहले भी लोग बुढापे के लिए कुछ न कुछ बचा कर रखते थे। लेकिन अब रिटायरमेंट प्लानिंग की जरूरत पहले से बहुत ज्यादा बढ़ गई है। अब आप किसी के भरोसे नहीं रह सकते। महंगाई के दौर में किसी के लिए भी दूसरे का खर्च उठाना आसान नहीं है। चाहे वह आपका बेटा ही क्यों न हो। और जब आप थोड़ी बचत और निवेश से यह काम आसानी से कर सकते हैं तो दूसरों के भरोसे क्यों रहना।
राकेट साइंस नहीं रिटायरमेंट प्लानिंग
सबसे पहले आपको यह समझने की जरूरत है कि रिटायरमेंट प्लानिंग कोई राकेट साइंस नहीं है। रिटायरमेंट प्लानिंग एक शब्द है जो यह बताता है कि रिटायरमेंट के बाद की जरूरतों को पूरा करने के लायक रकम का इंतजाम अभी से करना शुरू कर दें। इससे थोड़ी थोड़ी बचत को निवेश करते हुए 20 से 30 साल में आप एक बड़ी रकम बना लेंगे। यानी रिटायरमेंट प्लानिंग के लिए भी आपको बस बचत और निवेश ही करना है। कुछ और नहीं करना है। बस आपको इस बात का ध्यान रखना है कि रिटायरमेंट के लिए आप जो निवेश कर रहे हैं। इसका इस्तेमाल किसी और काम के लिए न किया जाए। अगर आप ऐसा कर पाते हैं तो इस रकम से आपका बुढापा आराम से कट जाएगा।
कितनी रकम की होगी जरूरत
अब सवाल यह उठता है कि आप कैसे जान पाएंगे कि आपको रिटायरमेंट के लिए कितनी रकम जुटानी है। मान लेते हैं कि आपकी उम्र 35 साल है और आपका मौजूदा मासिक खर्च 50 हजार रुपए है। अगर अगले 25 साल के लिए महंगाई दर सालाना 6 फीसदी मान लें तो 60 साल की उम्र में आपको मासिक खर्च के लिए लगभग 2,15,000 रुपए की जरूरत होगी। तो इस हिसाब से आपके पास रिटायरमेंट के उम्र तक 5 करोड़ की रकम होनी चाहिए। यानी आपको रिटायरमेंट के बाद की जरूरतों के लिए कम से कम 5 करोड़ रुपए चाहिए। इस कैलकुलेशन में यह माना गया है कि आप 80 साल की उम्र तक जीवित रहेंगे। अब आपको पता है कि आपको अगले 25 साल में 5 करोड़ रुपए की रकम जुटानी है तो आप इसी हिसाब से हर माह बचत और निवेश की रकम तय कर सकते हैं। इससे आपको अपना लक्ष्य पाने में आसानी होगी।
टैक्स सेविंग फंड में निवेश से भी हो जाएगी रिटायरमेंट प्लानिंग
अगर आप युवा हैं और आप की उम्र 25 से 30 साल के बीच है। तो आपके लिए रिटायरमेंट प्लानिंग और भी आसान है। इनकम टैक्स एक्ट के सेक्शन 80 के तहत टैक्स सेविंग फंड यानी ईएलएसएस में सालाना 1.5 लाख रुपए तक के निवेश पर टैक्स छूट मिलती है। अगर आप सिर्फ ईएलएसएस में ही सालाना 1.5 लाख रुपए अगले 30 साल तक निवेश करते रहे तो यह रकम रिटायरमेंट के बाद की जरूरतों के लिए काफी होगी। यानी आपको रिटायरमेंट प्लानिंग के लिए अलग से कुछ नहीं करना है।
इक्विटी देती है ऊंचा रिटर्न पाने का मौका
ईएलएसएस में निवेश करने से टैक्स छूट का फायदा मिलेगा। इसके अलावा आपका पूरा पैसा इक्विटी में जाएगा। आप जैसे युवा की पूरी रकम इक्विटी में लगानी चाहिए। क्योंकि आपके पास निवेश के लिए लंबा समय है और निवेश को लंबे समय तक बनाए रख सकते हैं। ऐसे में आपके पास इक्विटी का फायदा उठाने का मौका है। इक्विटी में लंबी अवधि के निवेश करके ऊंचा रिटर्न हासिल किया जा सकता है।
ये लेख पहली बार अक्तूबर 31, 2019 को पब्लिश हुआ.