फंड बेसिक

बाजार को बनाएं दोस्‍त

उतार चढ़ाव तो बाजार का स्‍वभाव है। इससे डरे नहीं इसका फायदा उठाएं

इससे पहले हमने बात की थी कि आप जैसे लोग बाजार में निवेश से कतराते क्‍यों हैं ? बाजार पर भरोसा क्‍यों नहीं कर पाते हैं ? आज हम आपको बताएंगे कि कैसे बाजार को लेकर आपकी तमाम आशंकाएं और डर गलत जानकारी या कम जानकारी की वजह से हैं। आपको बाजार को ठीक से जानने और समझने की जरूरत है। एक बार आप बाजार को ठीक से जान लेंगे,समझ लेंगे तो बाजार आपका दोस्‍त बन जाएगा।

बाजार का भरोसा नहीं

बाजार की सबसे ज्‍यादा बुराई इस बात के लिए की जाती है कि इसका कोई भरोसा नहीं है। कभी ऊपर चला जाता है और कभी नीचे। खास कर जब बाजार में तेज गिरावट का दौर आता है तो लोग बाजार को कोसना शुरू कर देते हैं। ऐसा लगता है कि बाजार अब ऊपर जाएगा ही नहीं। और फिर जब बाजार गिरावट से उबर कर फिर से तेजी की राह पकड़ लेता है तो सब कुछ शांत हो जाता है। बाजार की बुराई बंद हो जाती है। लेकिन इससे बाजार को कोई मदद नहीं मिलती है। बाजार की बदनामी तो हो चुकी होती है। लोगों को तो एक ही बात याद रह जाती है कि बाजार का कोई भरोसा नहीं है। लेकिन बाजार एक सीधी राह पर नहीं चल सकता है। यह कभी नीचे जाता है तो कभी ऊपर जाता है। बाजार के काम करने का तरीका ही यही है। बाजार का नेचर यानी प्रकृति है। जैसे हमारा आपका एक नेचर है उसी तरह से बाजार का भी एक नेचर है।

बाजार तो ऊपर ही जा रहा है

अगर आप पिछले दो तीन साल की अवधि में बाजार के प्रदर्शन का आंकलन करेंगे तो हो सकता है कि आपको लगे कि बाजार नीचे चला गया या उसी स्‍तर पर है। लेकिन अगर आप पिछले 10- 15 साल की अवधि में देखेंगे तो यही पाएंगे कि बाजार ऊपर ही जा रहा है। 2008 में बाजार में जब बड़ी गिरावट आई थी तो उस समय सेंसेक्‍स 19,000 पर था और यहां से गिर कर सेंसेक्‍स 9,000 तक पहुंच गया था और आज सेंसेक्‍स 40,000 के स्‍तर पर है। यानी सेंसेक्‍स 9,000 के स्‍तर से उबर कर आज 40,000 के स्‍तर तक पहुंचा है।

उतार चढ़ाव में ही है मुनाफा

अब आपके काम की बात। बाजार का उतार चढ़ाव एक आम निवेशक के लिए बुरा नहीं है। अच्‍छा है। इससे ही तो मुनाफा बनता है। बाजार जब नीचे गिरता है तो बाजार सस्‍ता हो जाता है। सस्‍ते बाजार में आप कम पैसे में ज्‍यादा माल खरीद पाते हैं । बाजार में तेजी आने पर यानी बाजार महंगा हो जाता है तो आपका सस्‍ता माल भी महंगा हो जाता है।

गिरावट में निवेश बढ़ा देते हैं अनुभवी निवेशक

आप इसे सिस्‍टमेटिक इन्‍वेस्‍टमेंट प्‍लान यानी एसआईपी के उदाहरण से भी समझ सकते हैं। मान लेते हैं कि आप हर माह 5,000 रुपए एसआईपी में निवेश कर रहे हैं। और बाजार में गिरावट आ गई यानी बाजार सस्‍ता हो गया तो आप अब आपको 5,000 रुपए में ही पहले से ज्‍यादा यूनिट मिलेंगी और जब बाजार फिर से ऊपर चढ़ेगा तो उसी के हिसाब से आपकी सारी यूनिट महंगी हो जाएगी। इस तरह से आपका मुनाफा बढ़ जाएगा। इसीलिए अनुभवी निवेशक बाजार में गिरावट का दौर आने वाले पर निवेश बढ़ा देते हैं। यानी वे सस्‍ता माल ज्‍यादा खरीद लेते हैं और बाजार में तेजी का दौर आने पर मुनाफा कमाते हैं।

ये लेख पहली बार नवंबर 01, 2019 को पब्लिश हुआ.

वैल्यू रिसर्च से पूछें aks value research information

कोई सवाल छोटा नहीं होता. पर्सनल फ़ाइनांस, म्यूचुअल फ़ंड्स, या फिर स्टॉक्स पर बेझिझक अपने सवाल पूछिए, और हम आसान भाषा में आपको जवाब देंगे.


टॉप पिक

कुछ इंटरनेशनल फ़ंड निवेश के लिए खुले, लेकिन घरेलू फ़ंड भी दे सकते हैं मौक़ा

पढ़ने का समय 7 मिनट•आकार रस्तोगी

Tata Capital ने सब कुछ सही किया, फिर भी शेयर जहां था वहीं रहा

पढ़ने का समय 6 मिनट•Lakshya Naredi

इंश्योरेंस रेगुलेटर के भीतर आख़िर क्या बदल गया?

पढ़ने का समय 4 मिनट•धीरेंद्र कुमार

Tonbo Imaging IPO: टेक्नोलॉजी दमदार, पर आंकड़े कमज़ोर

पढ़ने का समय 7 मिनट•Ananya Khurana

हर डेस्क से कमाई में WeWork India सबसे आगे, लेकिन क्या वाजिब है इसका वैल्यूएशन?

पढ़ने का समय 6 मिनट•अर्पित सूरी

वैल्यू रिसर्च हिंदी पॉडकास्ट

updateनए एपिसोड हर शुक्रवार

तीन साल का इंतज़ार

अभी-अभी पैर जमा रहे फ़ंड्स को परखने का चार-टेस्ट वाला तरीक़ा

अन्य एपिसोड

दूसरी कैटेगरी