
क्या रेग्युलेशन प्लान से निवेश बेच कर डायरेक्ट प्लान पर शिफ्ट करना बेहतर है ?
समीर देशपांडे
अगर आप निवेश से जुड़े फैसले खुद से करते हैं तो रेग्युलर प्लान से रकम निकाल कर डायरेक्ट प्लान में निवेश करना एक सही कदम होगा। इसका कारण यह है कि डायरेक्ट प्लान में निवेश की लागत रेग्युलर प्लान से काफी कम है। यानी निवेश पर खर्च को लेकर डायरेक्ट प्लान फायदमेंद है। बहुत से डिजिटल प्लेटफॉर्म, जैसे ग्रो, कुवेर, पेटीम मनी और ईटीमनी आ रहे हैं। ऐसे में डायरेक्ट प्लान में निवेश करना बहुत आसान और सुविधाजनक हो गया है। ऐसे डिजिटल प्लेटफॉर्म की मदद से बैंक अकाउंट से फंड कंपनियों को रकम ट्रांसफर करना या फंड कंपनियों से आपके अकाउंट में रकम ट्रांसफर करना बहुत आसान बना दिया है।
रेग्युलर प्लान से रकम निकाल कर डायरेक्ट प्लान में लगाने का एक और फायदा यह है कि आपको कैपिटल गेन की ज्यादा चिंता नहीं करनी होगी। हालांकि आपको अपना निवेश भुनाते हुए लगने वाले एग्जिट लोड पर ध्यान देना होगा। ज्यादातर इक्विटी फंड एक साल से पहले निवेश भुनाने पर एग्जिट लोड चार्ज करते हैं। ऐसे में अगर आपको रेग्युलर फंड से निकलना है तो आपको इसके हिसाब से रणनीति बनानी होगी।
ये लेख पहली बार जुलाई 14, 2020 को पब्लिश हुआ.




