
मैंने दो इक्विटी फंडों में प्रति फंड 5,000 रुपए निवेश के साथ तीन साल पहले एसआईपी शुरू की थी। अब मैं एसआईपी भुना लूं या एसआईपी जारी रखूं। और अगर एसआईपी भुना लेता हूं तो मेरा नुकसान क्या होगा ?
केशव
पहले आप अपने हर फंड का स्टेटमेंट देखें। इससे आपको पता चल जाएगा कि आज की डेट में आपकी एसआईपी में कितनी रकम है।
किसी को भी इक्विटी निवेश की तुलना फिक्स्ड डिपॉजिट से नहीं करनी चाहिए। फिक्स्ड डिपॉजिट में निवेश की एक तय अवधि होती है जैसे तीन साल या पांच साल। इसके बाद आप अपनी रकम निकाल लेते हैं। लेकिन आपको इक्विटी फंड में निवेश कम से कम पांच साल के लिए करना चाहिए। इससे आपको फिक्स्ड इनकम से की तुलना में ज्यादा रिटर्न हासिल करने में मदद मिलेगी।
किसी को भी इक्विटी निवेश सिर्फ दो वजहों से भुनाना चाहिए। पहला उसे इस रकम की जरूरत है। या आपने जिस फंड में निवेश किया है वह बहुत खराब प्रदर्शन कर रहा हो। फंड के प्रदर्शन का आंकलन सिर्फ इस बात के आधार पर नहीं करना चाहिए कि फंड ने नेगेटिव रिटर्न दिया। हो सकता है कि पूरे बाजार में माहौल ही ऐसा हो। हां अगर आपके फंड का प्रदर्शन अपनी केटैगरी के दूसरे फंडों की तुलना में लगातार कमजोर रहा है तभी फंड से बाहर निकलना चाहिए। अगर कम समय के लिए फंड का प्रदर्शन कमजोर दिख रहा है तो इससे चिंतित होने की जरूरत नहीं है।
ये लेख पहली बार जुलाई 16, 2020 को पब्लिश हुआ.




