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क्‍या सेंसेक्‍स कभी कंपनियों की कमाई के के स्‍तर को छू पाएगा ?

धीरेंद्र कुमार का कहना है कि अगर आप करेक्‍शन का इंतजार करेंगे तो इंतजार करते ही रह जाएंगे। आपको एक नियम बना कर निवेश शुरू करना होगा और नियम पर बने रहना होगा

धीरेंद्र कुमार का कहना है कि अगर आप करेक्‍शन का इंतजार करेंगे तो इंतजार करते ही रह जाएंगे। आपको एक नियम बना कर निवेश शुरू करना होगा और नियम पर बने रहना होगा

जब कोबिड के मामले 500 थे तो सेंसेक्‍स 26,000 था और जब मामले बढ़ कर 12 लाख हो गए तो सेंसेक्‍स 38,000 पर है। क्‍या सेंसेक्‍स कभी कंपनियों की कमाई या फंडामेंटल की बराबरी कर पाएगा ? क्‍या एक वैल्‍यू निवेशक को निवेश जारी रखना चाहिए या इंतजार करना बेहतर होगा।

गिगी सुनील जैकब

मेरे पास इस सवाल का कोई जवाब नहीं है। कुछ दिन पहले सेबी चेयरमैन ने कहा था कि वे बाजार में भागीदारी करने वाले इंडीविजुअल निवेशकों की संख्‍या को लेकर आश्‍चर्यचकित हैं। यहां तक कि आरबीआई गवर्नर ने भी आर्थिक संभावनाओं और बाजार के व्‍यवहार में विरोधाभाष की बात कही थी। ऐसे में मेरा मानना है कि मौजूदा हालात में क्‍या हो रहा है इसके बारे में हर कोई अंधेरे में है। यह पता नहीं चल रहा है कि आर्थिक स्थिति और बाजार के व्‍यवहार में इतना अंतर क्‍यो हैं1 यह अनुमान लगना बहुत मुश्किल है कि बाजार में करेक्‍शन आएगा या नहीं।

अब आपके सवाल पर आते हैं। मुझे लगता है कि आपको अपने लिए कुछ नियम बनाने चाहिए और इसके बाद इन नियमों का पालन करना चाहिए। अगर आप बाजार में करेक्‍शन आने का इंतजार करेंगे तो हो सकता है कि आप इंतजार ही करते रह जाएं। तो आप कब निवेश करेंगे इसको लेकर एक नियम बनाने की जरूरत है। और इस नियम का कड़ाई से पालन भी होना चाहिए। आपको रोज इन नियमों को खुद को याद दिलाना होग। जैसे मान लेते हैं कि आपके पास निवेश के लिए 1 लाख रुपए हैं। तो आप नियम बना सकते हैं कि बाजार जब एक निश्चित स्‍तर पर पहुंचेगा तो आप 25,000 रुपए निवेश करेंगे। इसके बाद बाजार जब एक और खास स्‍तर पर पहुंचेगा तो आप एक और 25,000 रुपए निवेश करेंगे। अगर आप ये नियम नहीं बनाते हैं तो आप हमेशा इंतजार करते रह जाएंगे। इसके अलावा अपने लिए नियम बनाना इसलिए भी अहम है क्‍योंकि यह आपको चिंता से दूर रहने में मदद करता है क्‍योंकि बाजार अगर खुद को करेक्‍ट करता है तो आप डर जाते हैं कि बाजार और गिरेगा और अगर बाजार ऊपर जाता है तो आपको दुख होता है कि आप बाजार में उस समस भागीदारी नहीं कर पाए जब बाजार नीचे था।

आपको यह सुनिश्चित करना चाहिए कि जो रकम आप निवेश कर रहे हैं उसकी जरूरत अगले पांच सात साल तक आपको नहीं होगी। क्‍योंकि यह वह समय होगा जब निवेश खुद को ठीक करेगा। मुझे नहीं लगता कि अर्थव्‍यवस्‍था के फंडामेंटल बहुत जल्‍दी बाजार के स्‍तर की बराबरी कर पाएंगे। कुछ कंपनियां इसका अपवाद हो सकती हैं लेकिन अर्थव्‍यवस्‍था के एक बड़े हिस्‍से को यहां से खुद को आगे ले जाने के लिए कड़ी मेहनत करनी होगी। तो आपके लिए बेहतर होगा कि आप स्‍टॉक की वैल्‍यू और बाजार के स्‍तर के हिसाब से नियम खुद बनाएं और इस नियम के हिसाब से ही आगे कदम बढ़ाएं।


ये लेख पहली बार अगस्त 11, 2020 को पब्लिश हुआ.

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