
मैंने हाल में पढ़ा है कि इस बात की बहुत संभावना है कि अमेरिका में कोविड महामारी की वजह से टेक कंपनियों के शेयरों की कीमतें टूट सकती हैं। इसकी वजह से नवंबर में म्युचुअल फंड की कीमतों पर असर पड़ सकता है। इस बात के मद्देनजर मुझे म्युचुअल फंड में किस तरह से निवेश करना चाहिए ?
हरप्रीत
मैं उम्मीद करता हूं कि आपका अनुमान सही और आप इसका पूरा फायदा उठा सकें। लेकिन मैं इसका कोई आधार नहीं देखता हूं। ऐसा इसलिए है क्योंकि बाजार के बारे में सटीक अनुमान नहीं लगाया जा सकता है और बाजार की चाल कई बातों से तय होती है। इसके अलावा आप अमेरिका में टेक कंपनियों के धराशाई होने की बात कह रहे हैं उससे भी मैं सहमत नहीं हूं। हो सकता है कि बाजार के एक हिस्से के साथ ऐसा हो। लेकिन ये टेक कंपनियां अच्छी कंपनियं हैं और रकम बना रही हैं। जब मैं इन कंपनियों की तुलना भारत के सर्विस सेक्टर की कंपनियों से करता हूं तो अमेरिका की कंपनियां अपेक्षाकृत सस्ती लगती हैं। हालांकि ये कंपनियां ज्यादा तेजी से बढ़ रही हैं। लेकिन ये फिर भी महंगी नहीं हैं। प्रतिस्पर्धा के लिहाज से ये कंपनियां लाभ की स्थिति में हैं। मैं अक्सर सोचता हूं कि क्या हमारे पास जी मेल या अमेरिका की सेवाओं का विकल्प हो सकता है जिनका हम इस्तेमाल करते हैं।
अगर आप बाजार में प्रभुत्व रखने वाले 5 टेक्लोलॉजी स्टॉक पर गौर करें जिनके बारे में लोग बात करते हैं और जो नास्डॉक में बड़ा असर रखते हैं तो आप पाएंगे कि वैल्यूएशन के लिहाज इनकी कीमत थोड़ी ज्यादा है। नास्डॉक 100 में भारतीय निवेशक निवेश कर सकते हैं। लेकिन ये अच्छी कंपनियां और प्रतिस्पर्धा के लिहाज से लाभ की स्थिति में होने के साथ तेज रफ्तार से आगे बढ़ रहीं हैं। और इनके प्रदर्शन की बराबरी करना दूसरी कंपनियों के लिए आसान नहीं है।
इसके अलावा डॉलर के मुकाबले रुपए की कीमत में लगातार गिरावट से भी भारतीय निवेशकों को फायदा होता है। लेकिन लेकिन मुझे नहीं पता कि आगे बाजार की चाल क्या होगी। निवेशक अगर बुरे समय में भी इक्विटी में निवेश बनाए रखते हैं तो उनको इसका फायदा मिलता है। इसके अलावा आपको उसी रकम को इक्विटी में निवेश करना चाहिए जिसे आप लंबी अवधि तक निवेश में बनाए रख सकें। और अगर आप बाजार को लेकर चिंतित हैं तो असेट अलॉकेशन प्लान अपना सकते हैं।
ये लेख पहली बार अगस्त 21, 2020 को पब्लिश हुआ.




