वैल्यू रिसर्च से पूछें

मुझे अपनी ग्रेच्‍युटी की रकम कहां निवेश करनी चाहिए ?

धीरेंद्र कुमार ग्रेच्‍युटी की रकम को निवेश करने के लिए बतौर निवेश विकल्‍प पीपीएफ, एनपीएस और म्‍युचुअल फंड की बात कर रहे हैं

मुझे अपनी ग्रेच्‍युटी की रकम कहां निवेश करनी चाहिए ?

मेरी उम्र 45 साल है और मैंने हाल में नौकरी बदली है। मुझे ग्रेच्‍युटी के तौर पर अच्‍छी रकम मिली है। मैं तय नहीं कर पा रहा है कि इस रकम को मैं पीपीएफ, एनपीएस या म्‍युचुअल फंड में निवेश करूं ?
समीर

अगर आप 15 साल के निए निवेश कर रहे हैं तो रकम पीपीएफ में निवेश न करें। इसके अलावा आप पीपीएफ में एक वित्‍तीय वर्ष में 1.5 लाख रुपए से अधिक निवेश नहीं कर सकते हैं। एनपीएस में आपकी रकम रिटायरमेंट तक एक तरह से लॉक हो जाती है। इस तरह से आपके पास म्‍युचुअल फंड का विकल्‍प बचता है। अगर आप अगले 15 साल तक काम करने जा रहे हैं तो मैं चाहूंगा कि आप यह रकम इक्विटी फंड में निवेश करें। अगर आपको इस रकम की जरूरत अगले 15साल तक नहीं पड़ने वाली तो एक दो मल्‍टी कैप फंड में निवेश कर सकते हैं। पूरी रकम एक साथ निवेश न करें। पहले आप सारी रकम फिक्‍स्ड इनकम फंड में रख दें और अगले दो तीन साल में सारी रकम इक्विटी फंड में ट्रांसफर कर दें। इस रकम को थोड़े थोड़े हिस्‍सों में बांट कर हर माह अगले तीन साल तक निवेश करने से इस बात का जोखिम कम हो जाएगा कि आपकी रकम उस समय निवेश हो जब बाजार अपने उच्‍चतम स्‍तर पर था। यह बहुत अहम रकम है। तीन साल में इस रकम को निवेश करने के बाद अगले 12 साल तक निवेश बनाएं रखें। यह रकम आपके रिटायरमेंट कॉर्पस में बहुत अच्‍छा योगदान करने के लायक हो जाएगी।

ये लेख पहली बार अगस्त 29, 2020 को पब्लिश हुआ.

Disclaimer: यह कंटेंट सिर्फ़ जानकारी के लिए है और इसे निवेश सलाह या रेकमेंडेशन नहीं मानना चाहिए.

वैल्यू रिसर्च से पूछें aks value research information

कोई सवाल छोटा नहीं होता. पर्सनल फ़ाइनांस, म्यूचुअल फ़ंड्स, या फिर स्टॉक्स पर बेझिझक अपने सवाल पूछिए, और हम आसान भाषा में आपको जवाब देंगे.


टॉप पिक

‘मेरे पोर्टफ़ोलियो में 25 फ़ंड हैं. शुरुआत कहां से करूं?’

पढ़ने का समय 5 मिनटउदयप्रकाश

20% रिटर्न, हर महीने ₹1 लाख: क्या ऐसी उम्मीद लगाना सही है?

पढ़ने का समय 6 मिनटअभिषेक राणा

मिडिल ईस्ट में युद्ध और असर आपकी जेब पर

पढ़ने का समय 6 मिनटउदयप्रकाश

इमरजेंसी फ़ंड की समस्या

पढ़ने का समय 5 मिनटअमेय सत्यवादी

क्या आपका म्यूचुअल फ़ंड सच में आपके लिए काम कर रहा है?

पढ़ने का समय 5 मिनटअमेय सत्यवादी

वैल्यू रिसर्च हिंदी पॉडकास्ट

updateनए एपिसोड हर शुक्रवार

गैरज़रूरी जटिलता की बीमारी फिर लौटी

गैरज़रूरी जटिलता की बीमारी फिर लौटी

SEBI का नया कैटेगराइज़ेशन से जुड़ा सर्कुलर पुराने मसलों को ठीक करता है, लेकिन इंडस्ट्री को प्रोडक्ट के लिहाज़ से अगले दौर की भीड़ के लिए नया सामान भी दे देता है

दूसरी कैटेगरी