
लार्ज और मिड कैप के अलावा मैंने 10 लाख रुपए निप्पॉन इंडिया फार्मा फंड में निवेश किए थे। इस फंड ने 65 फीसदी की बढ़त दर्ज की है। क्या मुझे अब इस फंड को बेच कर निकल लेना चाहिए या और दो तीन साल इंतजार करना चाहिए। कृपया सुझाव दें कि अगर फार्मा सेक्टर रिकॉर्ड ऊंचाई पर हो उस समय फंड बेचना सही होगा ?
रमेश
मुझे नहीं पता। फार्मा अभी और बेहतर कर सकता है। कुछ साल तक फार्मा सेक्टर का प्रदर्शन बहुत कमजोर रहा और हाल के समय में इसने शानदार वापसी की है। और फार्मा सेक्टर की कुछ कंपनियों ने समस्याएं दूर करने के लिए भी कदम उठाए हैं। पिछले पांच सालों में फार्मा कंपनियों ने कई तरह की समस्यओं का सामना किया है। जैसे एफडीए अनुपालन का मामला और नियमों में बदलाव। नियमों में बदलाव ने भारत की फार्मा कंपनियों को इस बात के लिए मजबूर किया कि वे नियमों के अनुपालन के तौर तरीकों में बदलाव लाएं। अब भारतीय कंपनियों को यह सुनिश्चित करना होगा कि वे ग्लोबल स्टैंडर्ड के मानकों को पूरा करती हैं। क्योंकि वे दवाएं न सिर्फ घरेलू बाजार के बना रही हैं बल्कि इन दवाओं का निर्यात वैश्विक बाजार में भी हो रहा है। जब कंपनियां दिक्कत का सामना करती हैं तो वे इसको दूर करने के लिए कदम उठाती हैं। और कुछ कंपनियों ने तो इस दिशा में बहुत महत्वाकांक्षी प्लान बनाए हैं।
जहां तक आपके फार्मा फंड की बात हैं तो इस फंड ने 65 फीसदी बढ़त दर्ज की है। यही एक कारण फंड बेचने के लिए काफी नहीं है। अगर आपने इस फंड में इसलिए निवेश किया है क्योंकि आपको सेक्टर की गहरी समझ है तो आप फंड को बनाए रखें। लेकिन अगर आपको सेक्टर की समझ नहीं है और 65 फीसदी का रिटर्न आपको खुशी दे रहा है तो इसके बजाए आपको डायवसीफाइड इक्विटी फंड में निवेश करना चाहिए । आपके डायवर्सीफाइड इक्विटी फंड का एक्सपोजर फार्मा में होगा। मेरा मानना है कि आपका एक असेट अलॉकेशन प्लान होना चाहिए। यह प्लान पोर्टफोलियो की रीबैलेंसिंग के आधार पर गाइड करेगा कि आपको कब निवेश खरीदना चाहिए और कब बेचना चाहिए। अगर आप सेक्टर को समझते हैं और मानते है कि फार्मा सेक्टर के लिए आने वाले समय में अच्छी संभावनाएं तब भी आपको यह सुनिश्चित करना चाहिए कि फार्मा सेक्टर का अलॉकेशन एक तय सीमा से अधिक न हो। जैसे 10 फीसदी। हो सकता है कि कभी यह आपके कुल निवेश का 10 फीसदी से बढ़ कर 15 फीसदी हो जाए ऐसे में आपको अपने पोर्टफोलियो को रीबैलेंस करना चाहिए। आपको असेट अलॉकेशन प्लान अपने वित्तीय हालात के हिसाब से बनाने चाहिए। बाजार की संभावनाओं के आधार पर प्लान या नियम नहीं बनाने चाहिए। क्योंकि किसी को नहीं पता कि बाजार में आने वाले समय में क्या होगा और बाजार में तेज गिरावट या रिकवरी तभी होती है जब हम इनकम बहुत कम उम्मीद कर रहे होते हैं।
ये लेख पहली बार सितंबर 25, 2020 को पब्लिश हुआ.




