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गलतियों से भी कमा सकते हैं मुनाफा

निवेश करते हुए हर कोई गलतियां करता है। सवाल यह है कि क्‍या आप अपनी गलतियों से रकम बना सकते हैं

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स्‍टोरी कोड: 49683

मैं उन लोगों को पसंद करता हूं जो स्‍वीकार करते हैं कि वे बेवकूफ हैं। मैं जानता हूं कि अगर में अपनी गलतियों को मान कर सुधार करने का प्रयास करता हूं तो मैं बेहतर प्रदर्शन करूंगा।

ये शब्‍द चार्ली मंगर के हैं। आप देख सकते हैं कि मंगर कारोबारी दुनिया के दिग्‍गज की तरह बात करना पसंद नहीं करते हैं। इसीलिए उनकी कही बातें काफी दिलचस्‍प और फायदेमंद होती है। वे कारोबारी दुनिया के जाने माने लोगो की तरह कठिन शब्‍दावली से भरी बातें नहीं करते हैं।

अपनी गलतियों को पहचानना और स्‍वीकार करना बफेट ओर मंगर के लिए बेहद अहम रहा है। एक आम कारोबारी व्‍यक्ति कभी भी अपनी गलती स्‍वीकार नहीं करते हैं लेकिन ये दो लोग अपनी गलियों को स्‍वीकार करने को लेकर काफी उत्‍साहित रहते हैं। इनकी एक दशक लंबी टेक समस्‍या इनमें सबसे बड़ी है। ऐतिहाहिसक तौर पर इन लोगों ने आईएबीएम में निवेश करने हुए बेहद खराब प्रदर्शन किया और एप्‍पल बहुत देर से खरीदा। हालांकि अंत में इन लोगों ने टेक कंपनियों के साथ काफी अच्‍छा प्रदर्शन किया। बफेट और मंगर ने स्‍वीकार किया है कि उनकी सबसे बड़ी गलती गूगल न खरीदना थी। 2004 में उनकी खुद की इन्‍श्‍योरेंस कंपनी को गूगल की नई एडवरटाइजिंग सेवा से बड़ा फायदा हुआ। उनको साफ दिख रहा था कि यह शानदार है। उन्‍होंने इस पर गौर किया, बातचीत की और देखा कि गूगल के कारोबार में शानदार संभावनाएं हैं फिर भी कभी निवेश नहीं किया।

यह कहने की जरूरत नहीं है कि पेशेवर इन्‍वेस्‍टमेंट मैनेजर्स या एडवाइजर्स ऐसा नहीं करते हैं। वे ऐसा नहीं कर सकते। इन लोगों की तरह यह स्‍वीकार करना कि वे गलत थे को मतलब होगा कि नौकरी से इस्‍तीफा देना। हालांकि, चलिए इस बात को भूल जाते हैं कि आपका फंड मैनेजर क्‍या करता है और क्‍या नहीं करता है। सबसे अहम बात यह है कि हम एक इंडीविजुअल के तौर पर गलतियां स्‍वीकार करने के लिए तैयार हो जाते हैं। ऐसा इसलिए है क्‍योंकि यह खुद को साफ सुथरा करने का कोई कर्मकांड नहीं है बल्कि अपने निवेश से मुनाफा कमाने ओर बेहतर निवेशक बनाने में इसकी अहम भूमिका है।

मंगर ने एक बार एक और बात कही थी। उन्‍होंने कहा था कि अगर आप अपने ज्ञान को बेहतर बनाना चाहते हैं तो अपनी गलतियो को भूलना एक भयंकर चूक होगी। क्‍यों ने मूर्खता का जश्‍न मनाया जाए। अगर आप बर्कशायर की टेक इन्‍वेस्‍टमेंट हिस्‍ट्री पर गौर करे तो यह चीज सामने आएगी। बर्कशायर ने टेक में निवेश नहीं किया क्‍योंकि बफेट और मंगर ने महसूस किया कि वे इसे अच्‍छी तरह से नहीं समझते हैं। हालांकि, 1990 दशक के अंतिम सालों में टेक का गैर तार्किक उछाल और बाद में गिरावट को देखते हुए निश्चित तौर पर यह सही रवैया था। बाद में उनको समझ में आया कि टेक एक प्रभावशाली उपभोक्‍ता सेक्‍टर में बदल गया है और उनको इस पर ध्‍यान देना चाहिए था।

बहुत से निवेशक मानते हैं कि जो उन्‍होंने किया है वह तार्किक है और सही चीज है। हालांकि बफेट ओर मंगर ने ऐसा नहीं किया। उन्‍होंने न सिर्फ अपनी गलतियों को स्‍वीकार‍किया बल्कि उन्‍होंने एप्‍पल में बड़े पैमाने खरीदारी करके इस गलती को सुधारा भी। सबसे बड़ी बात, उन्‍होंने अपनी गलतियों को दुनिया के सामने अपने सालाना शेयरहोल्‍डर्स मीटिंग में स्‍वीकार किया और इसके बारे में सवालों के जवाब दिए। इसकी नतीजा यह हुआ कि उनकी कंपनी और उसके शेयरहोल्‍डर्स ने इससे बेहतर ओर अधिक मुनाफा देने वाले निवेश किए।

निश्चित तौर पर मंगर की बातचीत के साथ यह सामान्‍य है। ये बातें सिर्फ निवेश के बारे में एक सबक के बजाए जीवन के लिए भी एक सीखा है। हर कोई गलतियां करता है और हम में से ज्‍यादातर लोग यह स्‍वीकार नहीं कर पाते हैं कि हम गलत थे। आप अपने आसपास गौर करें और आप हर रोज यह देख सकते हैं। हालांकि, निवेशे से जुड़ी गलतियों ऐसी हैं जिनको हम चुपचाप स्‍वीकार करके इसे सही कर सकते हैं। न सिर्फ सही कर सकते हैं बल्कि हम यह भी सुनिश्चित कर सकते हैं कि हम इससे कुछ सीखें और भविष्‍य में बेहतर रिटर्न का रास्‍ता साफ हो। पिछले साल मार्च और अप्रैल में बाजार को लेकर बड़े पैमाने पर लोगों के बीच डर को याद करें। क्‍या यह एक गलती थी ? उस समय निश्चित तौर पर ऐसा नहीं लग रहा था। बेहतर सवाल यह है कि क्‍या हमने इससे कुछ सीखा है ?


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