
लड़ाई की तैयारी में मैंने हमेशा पाया कि प्लान बेकार है लेकिन प्लानिंग जरूरी है। जनरल आईजनहावर ने यह बात कही थी। आईजनहावर दूसरे विश्व युद्ध में यूरोप में मित्र देशों के कमांडर थे। बाद में वे अमेरिका के राष्ट्रपति बने। यह उन विचारों में से एक है, जो शायद ही किसी के दिमाग में आता है लेकिन जब आप इससे परिचित होते हैं तो आप इस बात को आसानी से समझ सकते हैं कि यह कितना सच और कीमती है। मुझे लगता है कि प्लानिंग और अपने पर्सनल फाइनेंस व निवेश को मैनेज करने में प्लान की अनुपयोगिता की वजह से बहुत से लोग प्लानिंग का विचार छोड़ देते हैं। और इसके नतीजे बहुत खराब होते हैं।
फाइनेंशियल प्लान और प्लानिंग के बीच भ्रम बहुत स्पष्ट नहीं है। निश्चित तौर पर ये एक ही बात है। आप कुछ प्लानिंग करते हैं और इस गतिविधि का नतीजा प्लान है। तो यह कैसे हो सकता है कि प्लानिंग वाला भाग कीमती है लेकिन उसका प्लान बेकार ?
मैं वास्तविक उदाहरण के आधार पर इसे स्पष्ट करूंगा जो मैं हमेशा देखता हूं। एक निवेशक फाइनेंशियल प्लानर के साथ बैठता है या आर्टिकल पढ़ता या वीडियो देखता है जो उसे फाइनेंशियल प्लाने बनाने की प्रक्रिया में गाइड करता है। इसके नतीजे में कुछ यह बात कही जाती है कि अगर आप इतनी रकम इस चीज में एक तय अवधि तक निवेश करते हैं तो आप इतनी रकम बना सकते हैं। तो प्लानिंग की प्रक्रिया से एक प्लान बनता है जो यह अनुमान लगता है कि भविष्य में क्या होगा ? क्या अब आप समस्या देख पा रहे हैं ?
अनुमान गलत होगा। मुझे पता है कि मुझे यह बात इतने भरोसे के साथ नहीं कहनी चाहिए क्योंकि निश्चित तौर पर कुछ अनुमान सटीक भी होंगे। लेकिन ज्यादातर अनुमान सही नहीं होगे। फाइनेंशियल प्लानिंग प्रक्रिया की प्रकृति और इसमें शामिल लोगों की मनोदशा कुछ ऐसी है कि लगभग सारे अनुमान बहुत ज्यादा आशावादी हैं। इसके तीन कारण हैं। पहला, निवेशक हमेशा एक आशावादी मानसिकता में होता है। एक निवेशक होने के लिए ऐसा होना जरूरी भी है। दूसरा, अगर इस प्रक्रिया में फाइनेंशियल प्लानर शामिल है तो वे आशावाद बेच रहे हैं। तीसरा, भविष्य चौंकाने वाली घटनाओं से भरा है और ये चौंकाने वाली घटनाएं नकारात्मक ज्यादा होंगी सकारात्मक कम।
ये तीन फैक्टर मिल कर यह सुनिश्चित करेंगे कि भविष्य में, शायद बहुत जल्द प्लान के साथ एक बड़ी निराशा होगी। जब यह होता है तो निवेशक प्लानिंग में विश्वास खो देता है और या तो वह वापस जाकर फिक्स्ड डिपॉजिज में रकम जमा करने लगता है यह बिना सोचे समझे उन प्रोडक्ट में निवेश करने लगता है, जो उस समय उसे बेचा जा रहा है।
हालांकि अगर आप पीछे मुड़ कर देखें कि इस प्रक्रिया में क्या हुआ तो इसका सबसे कीमती भाग प्लानिंग था। कम से कम प्लानिंग की प्रक्रिया आपको अपनी फाइनेंशियल लाइफ को समझने के लिए मजबूर करती है। आप खुद से यह सवाल पूछते हैं कि आपके पास क्या है भविष्य में किन चीजों की जरूरत होगी। आपके गोल क्या हैं और कौन से गोल की प्राथमिकता ऊंची है और किस गोल की नीची। इन सवालों के जवाब के आधार पर एक प्लान तैयार तैयार करे हैं जो आपको वह सब हासिल करने में मदद करता है जो आप की जरूरत है। हालांकि आपको इस प्लान को एकदम पत्थर की लकीर की तरह नहीं लेना चाहिए। यह एक ऐसी चीज है जिसे आपको करना चाहिए और इसकी निगरानी करने की जरूरत होती है और समय समय पर इसमें जरूरत के हिसाब से कुछ बदलाव भी किए जा सकते हैं। फाइनेंशियल प्लानिंग की सबसे बड़ी अहमियत इस बात से है कि यह आपकी फाइनेंशियल लाइफ में जानकारी और जारूकता लाता है। प्लान अपने आप आता है और इसमे लगातार समायोजन की जरूरत पड़ती है।
यह काफी हद तक जीवन के हर क्षेत्र में सही है। जैसा कि आईजनहावर ने अपने बयान में कहा है। मैं आपको एक और अमेरिकी बॉक्सर माइक टायसन की बात के साथ छोड़ रहा हूं। हर व्यक्ति के पास प्लान है जब तक कि उसके मुंह पर घूंसा नहीं पड़ता।




