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म्यूचुअल फ़ंड कंपनियों से मिले डिविडेंड पर टैक्स देना होता है?

धीरेंद्र कुमार से समझते हैं कि म्यूचुअल फ़ंड में टैक्स का फ़ायदा कैसे मिलता है

म्यूचुअल फ़ंड कंपनियों से मिले डिविडेंड पर टैक्स देना होता है?

क्या म्यूचुअल फ़ंड को कंपनियों में निवेश करने पर मिले डिविडेंड पर टैक्स का भुगतान करना ज़रूरी है? अगर हां, तो क्यों? - एस के शर्मा

नहीं, म्यूचुअल फ़ंड टैक्स नहीं देते हैं. तक़रीबन दो साल पहले तक, डिविडेंड पर टैक्स हुआ करता था जो कंपनियों द्वारा किसी भी तरह के निवेशक को भुगतान करने पर डिविडेंड पर लगाया जाता था. फिर चाहे कोई एक निवेशक हो या फिर म्यूचुअल फ़ंड. इसलिए किसी कंपनी का स्टॉक रखने वाले निवेशक के लिए जो भी डिविडेंड दे रहा है वो डिविडेंड वितरण टैक्स, कंपनी द्वारा काटा जाता था और जमा किया जाता था. निवेशक के हाथ में डिविडेंड टैक्स फ़्री हुआ करता था. मगर, अब ये सब बदल गया है.

डिविडेंड वितरण टैक्स समाप्त हो चुका है, और अब टैक्स का भार निवेशकों पर है. लेकिन म्यूचुअल फ़ंड टैक्स फ़्री हैं. ये किसी भी लॉन्ग-टर्म कैपिटल गेन या कैपिटल गेन पर टैक्स नहीं देते हैं. ये म्यूचुअल फ़ंड निवेशकों के लिए सबसे बड़े फ़ायदे की बात है. अगरआप ख़ुद किसी स्टॉक में निवेश करते हैं, और आपका होल्डिंग पीरियड एक साल से कम है, तो आप पर 15 फ़ीसदी का शॉर्ट टर्म कैपिटल गेन टैक्स और ज़्यादा समय बढ़ने पर 10 फ़ीसदी लॉन्ग-टर्म कैपिटल गेन टैक्स लगेगा. डेट फ़ंड के मामले में, अगर आपका होल्डिंग टाइम तीन साल या उससे ज़्यादा है, तो इंडेक्सेशन के बाद वाले लाभ पर, 20 प्रतिशत तक का टैक्स लगाया जाता है, और शॉर्ट टाइम फ्रे़म के लिए इसमें कम रेट पर टैक्स लगता है. लेकिन म्यूचुअल फ़ंड किसी टैक्स का भुगतान नहीं करते; निवेशक अपनी होल्डिंग पीरियड के आधार पर सभी तरह के टैक्स का भुगतान करते हैं.

ये भी पढ़िए- क्या मुझे इक्विटी फ़ंड के मुनाफ़े पर टैक्स देना होगा?

ये लेख पहली बार फ़रवरी 02, 2024 को पब्लिश हुआ.

Disclaimer: यह कंटेंट सिर्फ़ जानकारी के लिए है और इसे निवेश सलाह या रेकमेंडेशन नहीं मानना चाहिए.

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