
अगर आपने सोचा था कि आपको और फ़ंड की ज़रूरत नहीं है, तो भी और नए फ़ंड मार्केट में आ गए हैं। इस बार, ये फ़ंड ट्रांसपोर्टेशन और लॉजिस्टिक्स फ़ंड हैं।
भारत की ग्रोथ स्टोरी को भुनाने के लिए ICICI Prudential Mutual Fund
दोनों म्यूचुअल फ़ंड हाउस का कहना है कि ट्रांसपोर्टेशन और लॉजिस्टिक्स सेक्टर के संगठित क्षेत्र में आने की उम्मीद है और ये भारतीय निवेशकों के लिए अच्छी खबर होगी। ICICI Prudential Mutual Fund के हेड-प्रोडक्ट डेवलपमेंट एंड स्ट्रैटेजी, चिंतन हरिया ने कहा है “भारत में ट्रांसपोर्टेशन ऐसा मार्केट हैं जहां अभी ग्रोथ की गुंजाइश काफी अधिक है। इसके अलावा, लॉजिस्टिक्स में सरकार की नई नीति देश के आर्थिक विकास में अहम भूमिका निभाएगी। हमारा मानना है कि पिछले कुछ वर्षों में कमजोर प्रदर्शन के बाद अब थीम वापसी कर रही है”।
ट्रांसपोर्टेशन और लॉजिस्टिक्स सेक्टर को अपग्रेड करने के लिए भारत सरकार ने हाल के कुछ महीनों में कई तरह की नीतियों की घोषणा की है। जैसे नेशनल लॉजिस्टिक्स पॉलिसी और महत्वाकांक्षी भारतमाला और सागरमाला प्रोजेक्ट।
ग्रोथ की गुंजाइश
इस सेक्टर में एंटर करने की टाइमिंग सटीक है। IDFC Mutual Fund के सीनियर फ़ंड मैनेजर इक्विटी, डेलिन पिंटो के अनुसार “ इस समय फ़ंड लॉन्च करने की प्रमुख वजह ये है कि जब हमने ऑटो और लॉजिस्टिक्स सेक्टर को देखा तो पाया कि पिछले कुछ वर्षों के दौरान मांग कमजोर रही है और सेक्टर नहीं बढ़ा है। हमारा मानना हे कि ये दोनों सेक्टर साइक्लिकल बॉटम पर है और ये लंबे समय में दूसरे सेक्टर को प्रदर्शन के मोर्चे पर काफी पीछे छोड़ सकते हैं”।
ये सही है कि इस इंडस्ट्री में पिछले कुछ वर्षों के दौरान मांग काफ़ी कमजोर रही है। निफ्टी ट्रांसपोर्टेशन और लॉजिटिक्स इंडेक्स 5 और 7 साल की अवधि में कमश: 5.15 प्रतिशत और 7.69 प्रतिशत की कमजोर ग्रोथ दर्ज कर रहे थे।
लेकिन अगर 2022 को संकेत माना जाए, तो दोनो फ़ंड हाउस के पास इन थीम आधारित फ़ंड को लॉन्च करने के लिए मजबूत तर्क हैं। ऐसे समय में जब सेंसेक्स 0.57 प्रतिशत गिर गया था, उस समय प्रमुख ट्रांसपोर्टेशन और लॉजिजिटक्स स्टॉक्स जैसे Mahindra and Mahindra
यही नहीं, इस खास थीम पर फ़ोकस करने वाले UTI Transportation and Logistics Fund
फ़ंड स्ट्रैटेजी के बारे में पूछे जाने पर, पिंटो ने कहा “ फ़ंड की स्ट्रैटेजी सरल है। फ़ोकस ट्रांसपोर्टेशन और लॉजिटिक्स सेक्टर के स्टॉक्स में निवेश करने पर होगा। इन सेक्टर्स में लगभग 16 सब सेक्टर्स हैं। इनमें ऑटो, ऑटो एन्सिलियरीज, टूर और ट्रैवल सर्विसेज और एयरलाइन्स शामिल हैं।
हमारी राय
अगर आप इन दो फ़ंड हाउस की बातों पर भरोसा करें तो इस सेक्टर में निवेश करने की मजबूत वजह है। हालांकि हमें एक और थीम आधारित फ़ंड लॉन्च करने की वजह समझ नहीं आ रही है क्योंकि ये संभावित म्यूचुअल फ़ंड निवेशकों को भ्रम में ही डालेगा।
वैल्यू रिसर्च में, हम सरलता में भरोसा करते हैं। ज्यादा फ़ंड लॉन्च करना एक्टिविटी को लेकर भूख से ज्यादा कुछ नहीं है। इस तरह के फ़ंड की स्ट्रैटेजी समय और मार्केट सेंटीमेंट के आधार पर बदलती रहती है, जो कि नुकसान का सबब बन सकती है। म्यूचुअल फ़ंड की स्ट्रैटेजी निवेशक की ज़रूरतों के अनुरूप होनी चाहिए न कि कम अवधि के उतार-चढ़ाव पर आधारित।
इसके अलावा, अगर भारत की ग्रोथ स्टोरी में कोई बाधा आ गई तो फ़ंड हाउस जो शानदार तस्वीर बना रहा है, वो तस्वीर टूट जाएगी। एक ही थीम पर कंसन्ट्रेट करने वाले फ़ंड के साथ ये रिस्क जुड़ा होता है।
बेहतर है कि आप डायवर्सीफाइड इक्विटी फ़ंड् या फ्लैक्सी कैप फ़ंड में निवेश करें कयोंकि ये भी बड़ी ट्रांसपोर्टेशन और लॉजिस्टिक्स कंपनियों में निवेश करते हैं।