
टू व्हीलर बनाने वाली कंपनियों के लिए गुज़रा साल खट्टे-मीठे अनुभवों वाला रहा। एक तरफ़ जहां घरेलू बाज़ार में बिक्री शानदार रही, वहीं निर्यात में लगातार गिरावट देखी गई।
वित्त वर्ष 2023 के पहले 9 महीनों में निर्यात के मामले में लीडर रही बजाज ऑटो ने 20.8% की गिरावट देखी। बजाज जैसी दूसरी कंपनियां भी बहुत बेहतर नहीं कर पाईं।
वो क्या फ़ैक्टर हैं जो टू व्हीलर कंपनियों को घर कर शेर साबित कर रही हैं।
मैक्रोइकोनॉमिक मुश्किलें: अफ़्रीका और लैटिन अमेरिका में महंगाई बढ़ रही है और मांग कमज़ोर है। बजाज ऑटो, हीरो मोटोकॉर्प और टीवीएस मोटर्स के लिए ये मार्केट अहम हैं। निर्यात में गिरावट की ये बड़ी वजह रही है। इसके अलावा, श्रीलंका के आर्थिक संकट ने भी निर्यात के आंकड़ों को बदतर किया है।
ऊंचे बेस का असर: वित्तवर्ष 2022 में टू व्हीलर निर्यात में उछाल आया था, और निर्यात वित्तवर्ष 2021 की तुलना में 39% बढ़ गया था। जैसी उम्मीद थी, ऑटो निर्माताओं के लिए इस वित्तवर्ष की निर्यात में ग्रोथ के इस आंकड़े को बनाए रखना मुश्किल हो रहा है।
करेंसी की क़ीमतों में गिरावट: पिछले कुछ महीनों के दौरान यूएस डॉलर लगातार मज़बूत हुआ है और इस वजह से ज़्यादातर करेंसी की क़ीमतों में गिरावट दोहरे अंक में दर्ज की गई। इस वजह से उभरती अर्थव्यवस्थाओं में ग्राहकों के लिए टू व्हीलर्स ख़रीदना थोड़ा मुश्किल भी रहा।
हालांकि ऑटो सेक्टर आगामी तिमाहियों में वापसी की उम्मीद कर रहा है, लेकिन अभी ये कहना जल्दबाज़ी होगी कि चीज़ें उम्मीद के मुताबिक़ ही रहेंगी।
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