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इन्वेस्टमेंट का यही तरीक़ा सही है

अनिश्चितता के दौर में आप अगर अपने निवेश को लेकर चिंतित हैं, तो धनक का तरीक़ा आसान भी है और क़ारगर भी.

अनिश्चितता के दौर में आप अगर अपने निवेश को लेकर चिंतित हैं, तो धनक का तरीक़ा आसान भी है और क़ारगर भी.

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हर तरह की अटकलें, चेतावनियां और सलाहों की बाढ़ में दुनिया भर से आ रही तमाम बुरी ख़बरों का आपके पैसे पर क्या असर होगा, ये आपके लिए चिंता का विषय होगा? अमेरिका और यूरोप के बैंकिंग संकट की ख़बरों के बीच क्या आपको भी अपने निवेश के तरीक़े बदलने का ख़याल आया है? कहीं महामारी का प्रकोप दोबारा तो नहीं आ जाएगा? युद्ध का क्या असर होगा? दुनिया भर में ब्याज की बढ़ती दरें क्या गुल खिलाएंगी? ये बातें आपके दिमाग़ पर कभी हावी हुई हैं?

नहीं? आपने ऐसा कुछ नहीं सोचा और आपको ये भी नहीं पता कि ऐसे में क्या करना चाहिए? बहुत बढ़िया, ये सुखद है और आप सही रास्ते पर हैं. भविष्य में क्या होगा ये किसी को नहीं पता. जो भी जानने का दावा करता है और बता रहा है कि क्या किया जाना चाहिए, वो या ख़ुद भ्रम में है या दूसरों को भ्रमित कर रहा है, या फिर ये दोनों ही बातें हो सकती हैं. यानी जो लोग खुलकर स्वीकार करते हैं कि वो कुछ नहीं जानते, वो बेहतर स्थिति में हैं क्योंकि वो असलियत स्वीकार कर रहे हैं और निवेश के सही तरीक़े के ज़्यादा क़रीब हैं. ये वो लोग हैं, जो वैसा कुछ नहीं करेंगे जिसकी सलाह थोक के भाव दी जा रही है.

जो लोग इंटरनेट के तमाम प्लेटफ़ॉर्म और दूसरी जगहों पर इन घटनाओं को लेकर गंभीरता से बहसें करते हैं, उनकी कोशिश होती है कि बिज़नस मीडिया की बातें सुन कर फ़ैसला करें कि कौन सी म्यूचुअल फ़ंड SIP शुरु की जाए और कौन सी बंद कर दी जाए. इस तरह की इन्वेस्टमेंट स्ट्रेटजी को तबाही नहीं भी कहें, तो ग़लतियों के लिए बनी स्ट्रेटजी कहना सही होगा. हालांकि, ऐसा डेटा जिस पर संदेह हो, एक प्लेग की तरह हर जगह मिल जाएगा, निवेश हेल्थ और मेडिसिन को छोड़कर उन थोड़े से क्षेत्रों में है जहां इसका बुरा असर काफ़ी ज़्यादा होता है.

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एक निवेशक के तौर पर आपको कौन सा रास्ता चुनना चाहिए? मैं तो कहूंगा कि आप ख़बरें पढ़ना तो जारी रखें, पर अपने निवेश के नज़रिए पर उसका असर मत पड़ने दें. मेरे और आपके पास ऐसा कोई तरीक़ा नहीं है कि हम भविष्य में झांकें, और पता लगा लें कि अमेरिकी और यूरोपियन बैंकों का, ग्लोबल लिक्विडिटी या यूरोप के युद्ध का क्या होगा, या ब्लादिमीर पुतिन या जो बाइडेन की मनःस्थिति कैसी होगी. और, याद रखने वाली बात है कि हमें इस सब के बारे में जानने की कोई ज़रूरत भी नहीं है, तब तक तो नहीं ही है जब तक हम पंटर नहीं हैं जिसे कुछ ही दिनों में ख़रीदने-बेचने का काम करना है.

इस सबके बजाए, हमें वो तरीक़ा अपनाना चाहिए जिसे हम 'धनक का तरीक़ा' (Value Research) कहते हैं. निवेश को लेकर धनक की अप्रोच ऐसी है जिसमें ये पता करने की ज़रूरत नहीं होती कि भविष्य में क्या होने वाला है, बल्कि सिर्फ़ अपने बारे में जानने की ज़रूरत होती है. आपकी अपनी ज़िंदगी के बारे में, आपकी संभावित आर्थिक ज़रूरतों के बारे में, और आपके जीवन की उन सभी बातों के बारे में जिनके लिए पैसों की ज़रूरत होती है.

निवेशकों को अपने भविष्य की आर्थिक ज़रूरतों को समय की कसौटी पर कसना चाहिए. यानी हर एक ज़रूरत के लिए कितना समय लगने वाला है. ये आसान भी है क्योंकि आमतौर पर सभी बड़े ख़र्चों का अंदाज़ा पहले ही लगाया जा सकता है.

वो सारा पैसा, जिसकी ज़रूरत आपको अब से लेकर अगले तीन साल के बीच होगी, उसे फ़िक्स्ड-इनकम वाले निवेशों में रखना चाहिए. या तो ये सरकारी छोटी-सेविंग स्कीम होनी चाहिए या डेट म्यूचुअल फ़ंड होने चाहिए. ऐसे सभी निवेश, जो लंबे समय के लिए किए जा रहे हैं उन्हें कुछ (ज़्यादा-से-ज़्यादा चार या पांच) डाइवर्सिफ़ाइड इक्विटी फ़ंड्स और हाइब्रिड फ़ंड्स में किया जाना चाहिए. इन निवेशों को अचानक या एकमुश्त न करके, धीरे-धीरे SIP से करना चाहिए. ये तरीक़ा आसान और असरदार है. और हां, फ़ंड्स के चुनाव में और किसी दूसरे प्लान में माइग्रेट करने में कुछ मेहनत भी लगती है. हालांकि, जिस तरह के टूल धनक पर उपलब्ध हैं—और ख़ासतौर पर धनक प्रीमियम पर—ये काम आपके लिए बिल्कुल मुश्किल नहीं होगा.

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ज़ाहिर है, इन निवेशों के अलावा, किसी भी इमर्जेंसी के लिए तैयार रहना ज़रूरी है. परिवार के हर कमाने वाले सदस्य के पास टर्म इंश्योरेंस होना चाहिए, जो उनकी एक दशक की आमदनी के बराबर हो तो अच्छा है. प्योर-टर्म इंश्योरेंस, काफ़ी सस्ता पड़ता है. इसके अलावा, हमें हेल्थ इंश्योरेंस भी लेना चाहिए और, इस सबसे बढ़कर, क़रीब नौ महीनों के ख़र्च के बराबर की रक़म अपने सेविंग अकाउंट में इमर्जेंसी फ़ंड के तौर पर रखनी चाहिए.

मैं जानता हूं कि पढ़ने में ये बहुत सरल लग रहा है, मगर धनक के निवेश के तरीक़े का सारा आधार ही यही है. ये तरीक़ा आपकी ज़रूरत और आपके भविष्य पर फ़ोकस करने वाला है. सीधे-सीधे कहें, तो घटनाओं और ट्रेंड्स पर चिंता होती ही है और उन पर प्रतिक्रियाएं भी होती ही हैं, मगर धनक के तरीक़े से करने पर, आप निवेश का काम अपने चुने हुए फ़ंड्स के फ़ंड मैनेजरों पर छोड़ देते हैं, और ये काम इसी तरह किया जाना चाहिए.

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