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Top 10 Mutual Funds: इक्विटी म्यूचुअल फ़ंड्स ने एक बार फिर साबित किया है कि सब्र रखने वाले निवेशकों को लंबे समय में अच्छा फ़ायदा मिल सकता है. वैल्यू रिसर्च के डेटा के अनुसार, 10 ऐसे फ़ंड रहे हैं जिन्होंने बीते 10 वर्षों में सालाना (CAGR) 20% से ज़्यादा रिटर्न दिया. यह प्रदर्शन बताता है कि सही कैटेगरी, मजबूत फ़ंड मैनेजमेंट और लंबे समय का नज़रिया मिलकर शानदार नतीजे दे सकते हैं.
10 साल के टॉप 10 फ़ंड
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फ़ंड
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10 साल का रिटर्न (%) | एसेट साइज़ (करोड़ ₹ में ) | एक्सपेंस रेशियो (%) |
|---|---|---|---|
| Motilal Oswal NASDAQ 100 ETF* | 23.92 | 10,971 | 59.00% |
| Nippon India Small Cap | 22.12 | 61,809 | 0.67 |
| Quant Infrastructure | 21.27 | 2,489 | 0.91 |
| Quant ELSS Tax Saver | 21.2 | 10,978 | 0.81 |
| Quant Flexi Cap | 20.56 | 5,687 | 0.74 |
| DSP Natural Resources and New Energy Dir* | 20.51 | 2,044 | 0.81 |
| 20.33 | 13,554 | 0.49 | |
| Bank of India Manufacturing & Infra Dir | 20.23 | 647 | 0.71 |
| Invesco India Mid cap Dir | 20.16 | 9,895 | 0.55 |
| Nippon India Growth Mid Cap Dir | 20.05 | 39,676 | 0.78 |
| 29 अप्रैल 2026 तक रिटर्न; *28 अप्रैल 2026 तक रिटर्न Motilal Oswal NASDAQ 100 ETF को छोड़कर सभी फ़ंड का डेटा डायरेक्ट प्लान का है. |
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टॉप पर रहा ये फ़ंड
इस लिस्ट में सबसे ऊपर Motilal Oswal Financial Services का Motilal Oswal NASDAQ 100 ETF रहा, जिसने सालाना 23.92% रिटर्न दिया. यह फ़ंड अमेरिकी टेक और ग्रोथ कंपनियों में निवेश करता है, इसलिए इसे वैश्विक बाजारों, ख़ासकर NASDAQ की तेज़ी का फ़ायदा मिला.
दूसरे स्थान पर Nippon Life India Asset Management का Nippon India Small Cap Fund रहा, जिसने 22.12% CAGR दिया. छोटे साइज़ की कंपनियों में निवेश करने वाले फ़ंड्स ने पिछले दशक में मजबूत प्रदर्शन किया है और यही रुझान यहां भी दिखा.
क्वांट ने चौंकाया
तीसरे, चौथे और पांचवें स्थान पर Quant Money Managers के फ़ंड्स का दबदबा दिखा. उसके Quant Infrastructure Fund (21.27%), Quant ELSS Tax Saver Fund (21.2%) और Quant Flexi Cap Fund (20.56%) को लिस्ट में जगह मिली. यानी टॉप 5 में तीन फ़ंड्स एक ही फ़ंड हाउस के हैं. यह बताता है कि आक्रामक और थीमैटिक निवेश रणनीति ने पिछले दशक में अच्छा असर दिखाया.
DSP Natural Resources and New Energy Fund बीते 10 साल के दौरान 20.51% के CAGR रिटर्न के साथ छठे स्थान पर रहा. यह सेक्टर आधारित फ़ंड है, इसलिए उसे कमोडिटी, ऊर्जा और संसाधन थीम से जुड़े साइकिल्स का फ़ायदा मिला.
सातवें स्थान पर Edelweiss Mid Cap Fund (20.33%) रहा. इसके बाद Bank of India Manufacturing & Infra Fund (20.23%), Invesco India Mid Cap Fund (20.16%) और Nippon India Growth Mid Cap Fund (20.05%) शामिल रहे.
किस फ़ंड हाउस का दबदबा?
अगर लिस्ट को देखें तो उसमें Quant Money Managers के फ़ंड्स का दबदबा रहा, जिसके तीन फ़ंड टॉप 10 में हैं. Nippon Life India Asset Management के दो फ़ंड शामिल हैं. बाकी फ़ंड हाउस एक-एक फ़ंड के साथ मौजूद हैं.
इससे संकेत मिलता है कि कुछ एसेट मैनेजमेंट कंपनियों ने ख़ास निवेश शैली और रिसर्च के दम पर लगातार बेहतर प्रदर्शन दिया.
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एसेट साइज़ और एक्सपेंस रेशियो क्या बताते हैं?
सिर्फ़ रिटर्न ही नहीं, इस लिस्ट में शामिल फ़ंड्स का एसेट साइज़ (AUM) और एक्सपेंस रेशियो भी कई अहम संकेत देते हैं. मिसाल के तौर पर, Nippon India Small Cap और Nippon India Growth Mid Cap जैसे फ़ंड्स का एसेट साइज़ काफ़ी बड़ा है, जो निवेशकों के भरोसे और लंबे ट्रैक रिकॉर्ड को दिखाता है. वहीं कुछ छोटे साइज़ के फ़ंड्स, जैसे Bank of India Manufacturing & Infra और Quant Infrastructure, ने भी मज़बूत रिटर्न दिए हैं, जिससे पता चलता है कि छोटा AUM हमेशा कमज़ोरी का संकेत नहीं होता. दूसरी ओर, Edelweiss Mid Cap और Invesco India Mid Cap जैसे फ़ंड्स का एक्सपेंस रेशियो तुलनात्मक रूप से कम है, जो लंबे समय के निवेशकों के कुल रिटर्न को बेहतर बना सकता है.
निवेशकों के लिए क्या सीख?
20%+ रिटर्न देखकर आकर्षित होना स्वाभाविक है, लेकिन केवल पिछला प्रदर्शन देखकर निवेश करना समझदारी नहीं है. कई टॉप फ़ंड्स स्मॉल कैप, मिड कैप, सेक्टर या इंटरनेशनल थीम से जुड़े हैं, जिनमें जोखिम भी ज्यादा होता है. कम समय में, ऐसे फ़ंड्स में उतार-चढ़ाव भी ज़्यादा देखने को मिल सकता है.
क्या इन फ़ंड्स में निवेश करना चाहिए?
सिर्फ़ इसलिए कि किसी फ़ंड ने पिछले 10 साल में अच्छा रिटर्न दिया है, ज़रूरी नहीं कि वो आपके लिए भी सही हो. आपकी निवेश की अवधि, जोख़िम उठाने की क्षमता, मौजूदा पोर्टफ़ोलियो और फ़ाइनेंशियल गोल, ये सब भी मायने रखते हैं. हो सकता है कोई स्टार परफ़ॉर्मर फ़ंड कुछ गिनी-चुनी कंपनियों पर ज़्यादा दांव लगाए बैठा हो, जो आगे काम करे या न करे. या फिर वो अपनी कैटेगरी का सबसे बेहतरीन मैनेज्ड फ़ंड हो, जिसे सालों तक होल्ड करने में समझदारी हो.
इन दोनों में फ़र्क़ करने के लिए थोड़ी गहरी पड़ताल ज़रूरी है.
यही काम वैल्यू रिसर्च फ़ंड एडवाइज़र करता है. हमारे एक्सपर्ट फ़ंड्स को सिर्फ़ पुराने रिटर्न से नहीं, बल्कि पोर्टफ़ोलियो की क्वालिटी, फ़ंड मैनेजर की निरंतरता, रिस्क-एडजस्टेड परफ़ॉर्मेंस और कई दूसरे पहलुओं से परखते हैं. ताकि आपको साफ़, निष्पक्ष और आपकी ज़रूरत के हिसाब से सलाह मिले.
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Disclaimer: यह कंटेंट सिर्फ़ जानकारी के लिए है और इसे निवेश सलाह या रेकमेंडेशन नहीं मानना चाहिए.
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