
सारांशः अगर कोई म्यूचुअल फ़ंड दो साल से कमज़ोर प्रदर्शन कर रहा है, तो तुरंत बाहर निकलने की जल्दी न करें. पहले यह देखें कि वह सच में अपनी कैटेगरी से पीछे है या सिर्फ़ बाज़ार की गिरावट का असर है. फ़ंड मैनेजर में बदलाव या निवेश शैली में बदलाव जैसे पहलुओं को समझना ज़रूरी है, ताकि फ़ैसला सोच-समझकर लिया जा सके.
क्या मुझे किसी म्यूचुअल फ़ंड स्कीम से बाहर निकल जाना चाहिए अगर वह लगातार दो साल ख़राब प्रदर्शन करे? – ख़ालिद मुनव्वर
किसी म्यूचुअल फ़ंड स्कीम से बाहर निकलने का फ़ैसला लेने से पहले यह पक्क़ा करना ज़रूरी है कि आपका फ़ंड सच में अंडरपरफ़ॉर्मर बन चुका है. अंडरपरफ़ॉर्मेंस का मतलब है कि फ़ंड अपनी ही तरह के दूसरे फ़ंड्स से कम रिटर्न दे रहा हो.
सबसे पहले क्या करें? अपनी कैटेगरी के दूसरे फ़ंड्स से उसकी तुलना करें. वैल्यू रिसर्च फ़ंड सेलेक्टर जैसे टूल की मदद ली जा सकती है. देखें कि उसी कैटेगरी के दूसरे फ़ंड्स कैसा प्रदर्शन कर रहे हैं. क्या वो भी गिरे हैं? या सिर्फ़ आपका फ़ंड ही गिरा है? गिरते हुए फ़ंड को तुरंत अंडरपरफ़ॉर्मर मान लेना ग़लत है. कई बार रिटर्न सिर्फ़ इसलिए गिरते हैं क्योंकि पूरा शेयर बाज़ार गिरा होता है.
क्या अंडरपरफ़ॉर्मेंस लगातार बना हुआ है? हर फ़ंड के अच्छे और बुरे दौर आते हैं. ज़रा-सी गिरावट पर फ़ंड बदल देना समझदारी नहीं है. कमज़ोर प्रदर्शन कम-से-कम दो से तीन साल तक लगातार दिखना चाहिए.
अब, जब यह तय हो जाए कि फ़ंड वाक़ई अंडरपरफ़ॉर्म कर रहा है, तो वजह समझने की कोशिश करें. देखें कि क्या फ़ंड मैनेजर बदला है और क्या उसी समय से प्रदर्शन कमजोर हुआ है. अगर ऐसा है, तो बाहर निकलने पर विचार किया जा सकता है.
अगर निवेश की शैली कुछ समय के लिए बाज़ार में पसंद नहीं की जा रही हो, तो सिर्फ़ फ़ंड को दोष देना सही नहीं होगा. उदाहरण के लिए, हाल के समय में ग्रोथ शैली ने वैल्यू शैली की तुलना में कमजोर प्रदर्शन किया है. ऐसे में अगर फ़ंड की बुनियाद मज़बूत है, तो थोड़ा और समय देना नुक़सानदायक नहीं होगा.
हर निवेशक चाहता है कि उसका चुना हुआ फ़ंड हमेशा शानदार रिटर्न दे. लेकिन ऐसा हमेशा संभव नहीं है. हर फ़ंड अच्छे और कमज़ोर दौर से गुज़रता है. अगर आपका फ़ंड आपके लक्ष्य के मुताबिक़ ठीक-ठाक रिटर्न देने में नाकाम है, तो बाहर निकलने का समय आ सकता है. पीछे रह जाने वाले फ़ंड से चिपके रहने का कोई मतलब नहीं है. विकल्पों की तुलना फ़ंड की तुलना जैसे टूल से की जा सकती है.
किसी भी फ़ैसले से पहले ऊपर बताई गई बातों पर ध्यान दें. अगर ठोस वजहें मिलें, तो सही तरीक़े से बाहर निकलने की प्रक्रिया अपनाते हुए म्यूचुअल फ़ंड स्कीम से बाहर निकला जा सकता है.
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ये लेख पहली बार अप्रैल 06, 2023 को पब्लिश हुआ, और फ़रवरी 20, 2026 को अपडेट किया गया.
Disclaimer: यह कंटेंट सिर्फ़ जानकारी के लिए है और इसे निवेश सलाह या रेकमेंडेशन नहीं मानना चाहिए.
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