
भले ही एक फ़ंड के लिए कैश और कैश इक्विवैलेंट्स का कभी कभार निगेटिव होना असामान्य नहीं है, लेकिन लगातार ऐसा होने पर आपको इस पर बारीक़ी से नज़र रखनी चाहिए.
हमारे एक पाठक हृषिकेश दिनगंकर के एक सवाल का सीधे शब्दों में जवाब दिया जाए तो हम कह सकते हैं कि लगातार निगेटिव कैश पोज़िशन वाले डेट फ़ंड (debt fund) जोख़िम भरे हो सकते हैं. इस समस्या के चलते फ़ंड के प्रदर्शन पर असर पड़ सकता है.
हालांकि, सबसे पहले ये जान लीजिए कि निगेटिव कैश पोजिशन क्या है? दरअसल, ये स्थिति तब आती है जब फ़ंड पर ओनरशिप से ज़्यादा बक़ाया हो जाता है.
इसकी दो वजह हो सकती हैं:
- जब सिक्योरिटीज़ की ख़रीद/ बिक्री के बीच समय का अंतर होता है और जब पैसा हक़ीक़त में एक से दूसरे हाथ में जाता है. इसके चलते देनदारियां (payables) यानी जो पैसा फ़ंड द्वारा चुकाना है, वो प्राप्तियों (receivables) यानी जो पैसा फ़ंड का बक़ाया है, उससे ज़्यादा हो जाती हैं.
- जब निवेश करने वालों की तुलना में ज़्यादा पैसा डेट फ़ंड से निकाला जाता है.
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ये क्यों रिस्की है
लिक्विडिटी रिस्क: जब एक फ़ंड को बड़ी संख्या में पैसे निकालने के आवेदन मिलते हैं और उसके पास नए निवेश के लिए कम धनराशि होती है, तो उसे कुछ रकम जुटाने के लिए कैश उधार लेना पड़ता है या सिक्योरिटीज़ बेचनी पड़ती हैं.
हालांकि, बाज़ार पर दबाव के दौरान सिक्योरिटीज की बिक्री कम क़ीमत पर करनी पड़ सकती है, जिससे फ़ंड की वैल्यू घट सकती है. नतीजतन, निवेशकों को अपनी यूनिट्स की नेट एसेट वैल्यू (NAV) में गिरावट देखने को मिल सकती है.
क्रेडिट रिस्कः यूनिट्स को दोबारा ख़रीदने (repurchase) या निकालने (withdraw) करने या यूनिट होल्डर्स को इंटरेस्ट/ डिविडेंड का भुगतान करते समय म्यूचुअल फ़ंड (Mutual fund) को अस्थायी तौर पर कैश की कमी का सामना करना पड़ सकता है. ऐसे हालात में, डेट फ़ंड को पैसा उधार लेने की अनुमति होती है. हालांकि, ऐसी उधारियों के ख़राब प्रबंधन का असर फ़ंड की साख पर पड़ सकता है.
इस बात को रखें याद
बार-बार ऐसा होने पर भले ही आपको अलर्ट हो जाना चाहिए, लेकिन, आप फ़ंड की कुल एसेट अंडर मैनेजमेंट (AUM) की तुलना में निगेटिव कैश के स्तर पर भी विचार कर सकते हैं.
साफ़ है कि किसी भी प्रकार की निगेटिव कैश पोजिशन पर कम से कम आपके कान तो ज़रूर खड़े हो जाने चाहिए.
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डेट फ़ंड के पास कैश की स्थिति की कैसे करें जांच?
- AMC की वेबसाइट पर जाइए.
- फ़ंड के पोर्टफ़ोलियो की डिटेल पता लगाइए (साइन-अप की कोई ज़रूरत नहीं है).
- ‘कैश और कैश इक्विवैलेंट्स’ या ‘नेट पेबिल्स’ (देयताओं) पर नजर डालिए.
उदाहरण के लिए, नीचे दिए गए स्क्रीनशॉट में -0.17 फ़ीसदी के आंकड़े से देय धनराशि का पता चलता है. इससे निगेटिव कैश पोजिशन ज़ाहिर होती है.
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ये लेख पहली बार मई 29, 2023 को पब्लिश हुआ.
Disclaimer: यह कंटेंट सिर्फ़ जानकारी के लिए है और इसे निवेश सलाह या रेकमेंडेशन नहीं मानना चाहिए.
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