लर्निंग

Debt Funds में निगेटिव कैश पोजिशन पर नज़र रखना अहम

एक निवेशक के लिए निगेटिव कैश पोजिशन को लेकर सतर्क होना ख़ासा ज़रूरी है

एक निवेशक के लिए निगेटिव कैश पोजिशन को लेकर सतर्क होना ख़ासा ज़रूरी है

भले ही एक फ़ंड के लिए कैश और कैश इक्विवैलेंट्स का कभी कभार निगेटिव होना असामान्य नहीं है, लेकिन लगातार ऐसा होने पर आपको इस पर बारीक़ी से नज़र रखनी चाहिए.

हमारे एक पाठक हृषिकेश दिनगंकर के एक सवाल का सीधे शब्दों में जवाब दिया जाए तो हम कह सकते हैं कि लगातार निगेटिव कैश पोज़िशन वाले डेट फ़ंड (debt fund) जोख़िम भरे हो सकते हैं. इस समस्या के चलते फ़ंड के प्रदर्शन पर असर पड़ सकता है.

हालांकि, सबसे पहले ये जान लीजिए कि निगेटिव कैश पोजिशन क्या है? दरअसल, ये स्थिति तब आती है जब फ़ंड पर ओनरशिप से ज़्यादा बक़ाया हो जाता है.

इसकी दो वजह हो सकती हैं:

  • जब सिक्योरिटीज़ की ख़रीद/ बिक्री के बीच समय का अंतर होता है और जब पैसा हक़ीक़त में एक से दूसरे हाथ में जाता है. इसके चलते देनदारियां (payables) यानी जो पैसा फ़ंड द्वारा चुकाना है, वो प्राप्तियों (receivables) यानी जो पैसा फ़ंड का बक़ाया है, उससे ज़्यादा हो जाती हैं.
  • जब निवेश करने वालों की तुलना में ज़्यादा पैसा डेट फ़ंड से निकाला जाता है.

ये भी पढ़िए-क्‍या म्‍युचुअल फ़ंड इन्‍वेस्‍टमेंट से 12% रिटर्न मिल सकता है?

ये क्यों रिस्की है
लिक्विडिटी रिस्क:
जब एक फ़ंड को बड़ी संख्या में पैसे निकालने के आवेदन मिलते हैं और उसके पास नए निवेश के लिए कम धनराशि होती है, तो उसे कुछ रकम जुटाने के लिए कैश उधार लेना पड़ता है या सिक्योरिटीज़ बेचनी पड़ती हैं.

हालांकि, बाज़ार पर दबाव के दौरान सिक्योरिटीज की बिक्री कम क़ीमत पर करनी पड़ सकती है, जिससे फ़ंड की वैल्यू घट सकती है. नतीजतन, निवेशकों को अपनी यूनिट्स की नेट एसेट वैल्यू (NAV) में गिरावट देखने को मिल सकती है.

क्रेडिट रिस्कः यूनिट्स को दोबारा ख़रीदने (repurchase) या निकालने (withdraw) करने या यूनिट होल्डर्स को इंटरेस्ट/ डिविडेंड का भुगतान करते समय म्यूचुअल फ़ंड (Mutual fund) को अस्थायी तौर पर कैश की कमी का सामना करना पड़ सकता है. ऐसे हालात में, डेट फ़ंड को पैसा उधार लेने की अनुमति होती है. हालांकि, ऐसी उधारियों के ख़राब प्रबंधन का असर फ़ंड की साख पर पड़ सकता है.

इस बात को रखें याद
बार-बार ऐसा होने पर भले ही आपको अलर्ट हो जाना चाहिए, लेकिन, आप फ़ंड की कुल एसेट अंडर मैनेजमेंट (AUM) की तुलना में निगेटिव कैश के स्तर पर भी विचार कर सकते हैं.

साफ़ है कि किसी भी प्रकार की निगेटिव कैश पोजिशन पर कम से कम आपके कान तो ज़रूर खड़े हो जाने चाहिए.

ये भी पढ़िए-क्यों लार्ज-कैप एक्टिव फ़ंड में निवेश का नहीं है मतलब?

डेट फ़ंड के पास कैश की स्थिति की कैसे करें जांच?

  • AMC की वेबसाइट पर जाइए.
  • फ़ंड के पोर्टफ़ोलियो की डिटेल पता लगाइए (साइन-अप की कोई ज़रूरत नहीं है).
  • ‘कैश और कैश इक्विवैलेंट्स’ या ‘नेट पेबिल्स’ (देयताओं) पर नजर डालिए.

उदाहरण के लिए, नीचे दिए गए स्क्रीनशॉट में -0.17 फ़ीसदी के आंकड़े से देय धनराशि का पता चलता है. इससे निगेटिव कैश पोजिशन ज़ाहिर होती है.

देखिए ये वीडियो- ₹50 लाख की बचत से रिटायरमेंट का सॉलिड प्लान?

ये लेख पहली बार मई 29, 2023 को पब्लिश हुआ.

Disclaimer: यह कंटेंट सिर्फ़ जानकारी के लिए है और इसे निवेश सलाह या रेकमेंडेशन नहीं मानना चाहिए.

वैल्यू रिसर्च से पूछें aks value research information

कोई सवाल छोटा नहीं होता. पर्सनल फ़ाइनांस, म्यूचुअल फ़ंड्स, या फिर स्टॉक्स पर बेझिझक अपने सवाल पूछिए, और हम आसान भाषा में आपको जवाब देंगे.


टॉप पिक

टैक्स बचाने के लिए NPS में अकाउंट खोला था, अब बाहर कैसे निकलें?

पढ़ने का समय 4 मिनटआकार रस्तोगी

इतना लंबा सफ़र

पढ़ने का समय 3 मिनटधीरेंद्र कुमार down-arrow-icon

PPF, सुकन्या समृद्धि, NPS वात्सल्य, म्यूचुअल फ़ंड: कौन बेहतर है?

पढ़ने का समय 5 मिनटआकार रस्तोगी

विरासत में मिला NPS टैक्स फ़्री, लेकिन म्यूचुअल फ़ंड पर लगता है

पढ़ने का समय 4 मिनटआकार रस्तोगी

NPS की एकमुश्त रक़म को 25 साल की रिटायरमेंट इनकम में कैसे बदलें?

पढ़ने का समय 4 मिनटआकार रस्तोगी

म्यूचुअल फंड पॉडकास्ट

updateनए एपिसोड हर शुक्रवार

इतना लंबा सफ़र

इतना लंबा सफ़र

आज सबसे बड़ा एक्टिव फ़ंड उतनी रक़म मैनेज करता है, जितनी इस मैगज़ीन के शुरू होने पर पूरी इंडस्ट्री करती थी

These are advertorial stories which keeps Value Research free for all. Click here to mark your interest for an ad-free experience in a paid plan

दूसरी कैटेगरी