निवेशकों की यात्रा

सही वक़्त का इंतज़ार

मार्केट नई ऊंचाइयां छू रहे हैं. पर आपको फ़ायदा हो रहा है क्या?

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हाल ही में, मैं एक पारिवारिक समारोह में किसी से मिली. शुरुआती हालचाल जानने के बाद, उन्होंने मेरे काम के बारे में और जानने में दिलचस्पी दिखाई. वो अर्थव्यवस्था और बाज़ार को काफ़ी क़रीब से ट्रैक करने वालों में से थे, और इस विषय पर उनकी समझ भी काफ़ी अच्छी थी. जिस अंदाज़ में उन्होंने बातें कीं, तो लगा कि वो एक अनुभवी निवेशक हैं.

तभी, एक संजीदा लहज़े में वो बोले कि वो निवेश शुरू करने के लिए सही वक़्त का इंतज़ार कर रहे हैं और इसके बाद उन्होंने एक के बाद एक उन कारणों की पूरी लिस्ट गिना दी जो उन्हें मार्केट में उतरने से रोक रही थीं. उनकी सभी बातें एक तथ्य के तौर पर सही थीं, मगर तभी मैंने ख़ुद से पूछा: "ऐसा पिछली बार कब हुआ था जब सोच में आने वाला या असल रिस्क मौजूद नहीं था?"

"कभी नहीं."

बिल्कुल ठीक, दुनिया में कोई न कोई गड़बड़ हमेशा ही रही है.

मैंने उनसे पूछा कि क्या उन्होंने तब इन्वेस्ट किया था जब कोविड के दौरान मार्केट तेज़ी से गिरे थे. पता चला कि वो तब भी डरे हुए थे और उन्होंने निवेश दोबारा तभी शुरू किया जब मार्केट क़रीब 50 प्रतिशत रिकवर कर गए थे.

जब फ़ेड्रल बैंक ने अपनी ब्याज दरें बढ़ाईं, तो उन्होंने अपने ज़्यादातर निवेश निकाल लिए थे, उन्हें FII (विदेशी निवेशक) के बड़े पैमाने पर भारत से बाहर निकल जाने का डर था. वैसे, वो कुछ FIIs की निवेश से बाहर निकलने की बात के बारे में सही थे. हालांकि, जब FIIs दोबारा नेट इन्वेस्टर बन गए तब भी इन सज्जन को मौक़ा नहीं मिल पाया कि वो दोबारा मार्केट में निवेश कर पाएं.

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पीटर लिंच ने 13 साल तक फ़िडेलिटी मेगैलिन फ़ंड मैनेज किया. इस अर्से में उन्होंने 29 प्रतिशत का ज़बरदस्त रिटर्न दिया. फ़िडेलिटी के मुताबिक़, बदक़िस्मती से, उनके काम के दौरान ही एक औसत निवेशक ने अपने पैसे गंवाए थे. एक और रिसर्च दिखाती है कि किसी स्कीम के रिटर्न, एक निवेशक के रिटर्न से अलग होते हैं. निवेशकों के व्यवहार को लेकर डैलबार रिसर्च (Dalbar Research) कहती है कि एक औसत इक्विटी निवेशक ने 20 साल के दौरान S&P 500 पर 1.5 CAGR का कम प्रदर्शन किया.

रिटर्न के बीच का फ़ासला
मेरे AMC के दिनों में, ऐसे मौक़े आए जब निवेशक फ़ैक्टशीट में दिखाए गए रिटर्न पर यक़ीन नहीं कर पाते थे, क्योंकि उनके रिटर्न क़रीब-क़रीब हमेशा ही कम होते थे.

कई स्टडी साबित करती हैं कि निवेशकों के रिटर्न बड़े मार्जिन से कम होने लगते हैं अगर वो चंद 'सबसे अच्छे' दिनों से चूक जाते हैं. मिसाल के तौर पर, अगर हम 1 जनवरी, 1990 से 31 मार्च 2022 के दौरान सेंसेक्स के रिटर्न की स्टडी करें, तो ये 13.71 प्रतिशत बढ़ा. मगर, यही रिटर्न गिर कर सिर्फ़ 4.5 रह जाते हैं अगर निवेशक 40 'सबसे अच्छे' दिनों से चूक जाते हैं. ज़रा सोचिए, 32 साल में से महज़ 40 दिन से चूक जाना. कितना तक़लीफ़देह होगा!

मैंने कुछ ऐसे ही नंबर उस समारोह में मिले सज्जन को बताए. मैंने कहा कि ज़्यादातर निवेशक अपनी ऊर्जा 'सही' समय पर निवेश करने पर ख़र्च कर देते हैं, और इसी तरह से 'सही' वक़्त पर निवेश से बार निकलने को लेकर चिंता से घिरे रहते हैं.

एक लंबी अवधि के निवेशक के लिए, मार्केट में टाइम बिताना, मार्केट को टाइम करने से कहीं बेहतर है. और अगर आप वैल्युएशन को लेकर चिंतित हैं, तो एक अर्से के दौरान थोड़ा-थोड़ा करके निवेश करें. जैसा कि निक मर्रे (Nick Murrey) कहते हैं " असल ज़िंदगी में, लंबे-समय के दौरान मिलने वाले निवेश के नतीजों के लिए, सबसे ज़्यादा ज़िम्मेदार निवेश का प्रदर्शन नहीं; निवेशक का व्यवहार है."

अगर आप भी किसी ऐसे व्यक्ति से मिले हैं जो निवेश के लिए 'सही' समय के इंतज़ार में बैठा है, तो इस आर्टिकल को याद रखें.

श्यामली पिछले 20 साल से एसेट मैनेजमेंट की दुनिया में हैं, और बहुत अमीर अनुभवी निवेशकों से लेकर नए निवेशकों के साथ काम कर चुकी हैं. वो निवेश को लेकर लोगों के व्यवहार की गहरी समझ और सहानुभूति रखती हैं, जो उनके लेखों में भी झलकती है. आप उनसे [email protected] पर संपर्क कर सकते हैं.

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ये लेख पहली बार जुलाई 27, 2023 को पब्लिश हुआ.

Disclaimer: यह कंटेंट सिर्फ़ जानकारी के लिए है और इसे निवेश सलाह या रेकमेंडेशन नहीं मानना चाहिए.

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