
पिछले तीन से पांच महीने के दौरान लार्ज-कैप स्टॉक्स की तुलना में स्मॉल-कैप स्टॉक्स के बेहतर प्रदर्शन के साथ, अब स्मॉल-कैप इन्वेस्टर्स कुछ ऐसा कह रहे हैं - 'स्वागत नहीं करोगे हमारा?' इस साल (31 जुलाई, 2023 तक) स्मॉल-कैप इंडेक्स ने 21.66 फ़ीसदी का दमदार रिटर्न दिया है, जबकि मिड-कैप ने 18.75 फ़ीसदी और सेंसेक्स ने 10.34 फ़ीसदी का रिटर्न दिया है. हालांकि 2022 में स्मॉल-कैप स्टॉक्स का परफ़ॉरमेंस सपाट ही रहा था. रहें सावधान इस सेगमेंट के नई ऊंचाई छूने के बीच, हमने ये पता लगाने के लिए मिड- और स्मॉल-कैप फंडों के PE रेशियो का अध्ययन किया कि उनका वैल्यूएशन कैसा दिखता है. 'वेटेड-एवरेज पोर्टफ़ोलियो PE' (Weighted-average portfolio PE) शीर्षक वाले ग्राफ में पिछले पांच वर्षों के कैटेगरी का औसत PE दिखाया गया है. हालांकि, PE रेशियो पिछले पांच वर्षों के मामले में पीक से कुछ दूरी पर ऊपरी रेंज में बना हुआ है. वहीं, फ़ंड मैनेजर वैल्यूएशन पर सावधानी बरतने की सलाह देते हैं, लेकिन वे बहुत ज़्यादा चिंतित नहीं हैं. एक्सिस म्यूचुअल फ़ंड के इक्विटी हेड श्रेयस देवलकर ने कहा, "बाज़ार के उच्चतम स्तर पर होने के कारण, वैल्यूएशन ज़्यादातर ऊंचा होता है, इसलिए वैल्यूएशन का जोख़िम यहां काम आता है. निवेशक इस पर लंबे समय के नज़रिए से विचार कर सकते हैं. अतीत में, भले ही बाजार में तेज रैलियों के बाद सुधार और एक दायरे में चाल देखने को मिली हो, लेकिन ग्रोथ की संभावनाओं वाली अच्छी क्वालिटी वाली कंपनियों से जुड़े रहने के कारण निवेशकों को लंबी अवधि में रिटर्न मिला है." सब्र रखने का समय मिड-कैप और स्मॉल-कैप कैटेगरी में लगाया गया पैसा एक प्रकार के जोश के संकेत देता है, जिसने निवेशकों को जकड़ लिया है. लेकिन ऐसी सनक से बचने की ज़्यादा सलाह दी जाती है. पिछले तीन महीनों के दौरान, इन फंड्स में बड़ी मात्रा में पैसा डाला जा रहा है, जिससे इंडेक्स के बढ़ते स्तर के बीच विशेष रूप से स्मॉल-कैप फंड्स को लेकर चिंता बढ़ गई है. हमने हमेशा ये कहा है कि मिड- और स्मॉल-कैप स्पेस केवल आपके मुख्य इक्विटी पोर्टफ़ोलियो को पूरक बनाने के लिए है. जोशीले निवेशकों का इन फ़ंड्स में लगभग 20-25 फ़ीसदी निवेश होना चाहिए. यदि रैली के चलते आपका इस सेगमेंट में बहुत ज़्यादा एक्सपोज़र हो गया है, तो अपना एक्सपोज़र कम करें. भले ही दुनिया अभी इन फ़ंड्स के पीछे भाग रही है, आपको अपने प्लान पर कायम रहना चाहिए. ये भी पढ़िए- DSP Small Cap: दमदार वापसी क्या साइज़ ने बढ़ाई चिंता? मिड और स्मॉल-कैप फ़ंड्स के बढ़ते एसेट साइज़ पर सवाल उठ रहे हैं. हालांकि, फ़ंड मैनेजर्स का कहना है कि एसेट में बढ़ोतरी हुई है, लेकिन बढ़ते साइज़ को मार्केट कैप के संदर्भ में देखा जाना चाहिए. कोटक इमर्जिंग इक्विटी फंड (AUM के लिहाज से टॉप 5 मिड-कैप फंड्स में से एक और जो पिछले दो वर्षों में 110 फ़ीसदी से ज़्यादा बढ़ चुका है) के फ़ंड मैनेजर पंकज टिबरेवाल ज़्यादा चिंतित नहीं हैं, "फ़्री फ्लोट के आधार पर, फ़ंड की होल्डिंग कुल फ़्री फ्लोट मार्केट कैप की 0.14 फ़ीसदी है. मिड-कैप होल्डिंग लिस्टेड मिड-कैप कंपनियों की 1 फ़ीसदी हिस्सेदारी के बराबर है; इसी तरह, स्मॉल-कैप के लिए ये आंकड़ा 1.3 फ़ीसदी के बराबर है." एक और उल्लेखनीय बात ये है कि म्यूचुअल फ़ंड के AUM में बढ़ोतरी के साथ, पिछले कुछ वर्षों में मार्केट स्ट्रक्चर का भी विस्तार हुआ है (पिछले पांच वर्षों में लगभग दोगुना). मिड-कैप स्टॉक्स का साइज़ वर्ष मीडियन मार्केट कैप कुल मार्केट कैप मिड-कैप फ़ंड्स का AUM कुल मार्केट कैप के % के रूप में AUM जून 2018 15577 2476945 67038 3 जून 2023 27862 4473611 222122 5 सभी आंकड़े करोड़ ₹ में स्मॉल-कैप स्टॉक्स (टॉप 1,000) वर्ष मीडियन मार्केट कैप कुल मार्केट कैप स्मॉल-कैप फ़ंड्स का AUM कुल मार्केट कैप के % के रूप में AUM जून 2018 1173 1961835 34176 2 जून 2023 2076 3683455 169576 5 सभी आंकड़े करोड़ ₹ में
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मेरा पोर्टफोलियो कैसा चल रहा है? मुझे क्या सुधार करना चाहिए? मुझे आगे कहाँ निवेश करना चाहिए? फंड एडवाइज़र इन सभी सवालों के जवाब देता है। हर शनिवार एडवाइज़र नोट। हर दूसरे शनिवार धीरेंद्र कुमार के साथ लाइव सत्र।
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