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गिरावट कमज़ोर इनकम प्लान की पोल खोल देती है, क्या आपका प्लान सुरक्षित है?

बाज़ार के दो साल ख़राब रहे, फिर भी जिन रिटायर लोगों ने अपनी इनकम सही तरीक़े से प्लान की थी, उन्हें इसका ख़ास असर महसूस ही नहीं हुआ

बाज़ार के दो साल ख़राब रहे, फिर भी जिन रिटायर लोगों ने अपनी इनकम सही तरीक़े से प्लान की थी, उन्हें इसका ख़ास असर महसूस ही नहीं हुआAnand Kumar/AI-Generated Image

जो लोग अभी वैल्थ बना रहे हैं, उनके लिए बाज़ार के एक-दो बुरे साल गुज़र जाने वाले बादल जैसे हैं. लेकिन जो रिटायर हो चुके हैं और उसी पोर्टफ़ोलियो से हर महीने इनकम लेते हैं, उनके लिए बाज़ार की हर गिरावट का मतलब है उस खाते से पैसा कम होना, जिससे घर का ख़र्च चलता है.

दो साल के निराशाजनक इक्विटी रिटर्न ने कई रिटायर्ड लोगों को बेचैन कर दिया है. जो जमा-पूंजी उन्होंने पूरी ज़िंदगी लगाकर जोड़ी, वो ठीक उसी समय घटती दिख रही है जब वो उस पर निर्भर होने लगे हैं.

ये डर बेवजह नहीं है. जब आप इनकम निकाल रहे हों और बाज़ार नीचे हो, तो हर निकासी के साथ आपको अपने निवेश का थोड़ा और हिस्सा कम क़ीमत पर बेचना पड़ता है. अगर ऐसा लंबे समय तक चले और रिटायरमेंट की शुरुआत में ही हो जाए, तो नुक़सान की भरपाई करना मुश्किल हो सकता है. रिटायरमेंट के शुरुआती सालों का ये सबसे बड़ा जोख़िम है और इस पर बात सबसे कम होती है.

लेकिन अब वो बात जो आपको राहत देगी. इन्हीं दो सालों में, जिन रिटायर लोगों की इनकम सही तरीक़े से प्लान की गई थी, उन्हें मुश्किल से कोई झटका लगा. उनकी मंथली इनकम इस पूरे दौर में हर महीने समय पर आती रही. उन्हें सही प्लानिंग ने बचाया. बाज़ार में गिरावट आने से पहले ही उनका पोर्टफ़ोलियो उसके हिसाब से तैयार कर लिया गया था.

इसलिए असली सवाल आपके अपने प्लान से जुड़े हैं. अपनी जमा-पूंजी को खाए बिना आप हर साल कितना पैसा सुरक्षित तरीक़े से निकाल सकते हैं? एक रिटायर व्यक्ति का कितना पैसा इक्विटी में होना चाहिए और कितना उस शांत, भरोसेमंद हिस्से में? और क्या कोई ऐसा तरीक़ा है जिससे गिरते बाज़ार वाले साल में भी इनकम मिलती रहे और आपको अपने सबसे अच्छे एसेट सबसे बुरे वक़्त पर न बेचने पड़ें?

रिटायरमेंट के लिए रक़म जोड़ने पर सलाह की कोई कमी नहीं है. लेकिन उस रक़म को ऐसी सैलरी में बदलने पर बहुत कम बात होती है, जो लंबे समय तक चले और बाज़ार के डगमगाने पर भी स्थिर बनी रहे.

यही वो मुद्दा है जिस पर धीरेंद्र कुमार और मैं इस महीने के Fund Advisor Live में बात करने वाले हैं. हम देखेंगे कि किन वजहों से रिटायरमेंट की इनकम कमज़ोर पड़ जाती है और एक ज़्यादा स्थिर इनकम किन चीज़ों से तैयार होती है.

अगर आप अपने निवेश के सहारे घर चला रहे हैं, या रिटायरमेंट के इतने क़रीब हैं कि इसके बारे में सोचने लगे हैं, तो इस सेशन के लिए समय ज़रूर निकालिए.

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