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Afcons Infrastructure IPO से जुड़ी 6 बड़ी बातें

ट्रांसपोर्ट, कंस्ट्रक्शन, ऑयल और गैस सेक्टर में काम करने वाली इस कंपनी का इश्यू सब्सक्रिप्शन के लिए खुल गया है

Afcons Infrastructure IPO से जुड़ी हर बात यहां जानिए

Afcons Infrastructure IPO: एफकॉन्स इंफ्रास्ट्रक्चर का इनिशियल पब्लिक ऑफ़र (IPO) सब्सक्रिप्शन के लिए 25 अक्तूबर को खुलेगा और निवेशक इस इश्यू के लिए 29 अक्तूबर तक बोली लगा सकेंगे. ट्रांसपोर्ट, कंस्ट्रक्शन, ऑयल और गैस सेक्टर में काम करने वाली इस कंपनी के शेयर 4 अक्तूबर को BSE और NSE पर लिस्ट होंगे. यहां जानिए इस IPO से जुड़ी 6 बड़ी बातें...

1. Afcons Infrastructure: कितनी पूंजी जुटाएगी?

इस इश्यू के जरिए कंपनी ₹5,430 करोड़ जुटाना चाहती है. इसके लिए कंपनी ₹1,250 करोड़ के 2,69,97,840 नए इश्यू जारी कर रही है. वहीं, कंपनी के मौजूदा निवेशक ऑफर फॉर सेल (OFS) के ज़रिए ₹4,180 करोड़ के 9,02,80,778 शेयर बेच रहे हैं.

2. क्या है प्राइस बैंड?

Afcons IPO Price Band: एफकॉन्स इंफ्रास्ट्रक्चर ने इस इश्यू का प्राइस बैंड ₹440-463 प्रति शेयर तय किया है. रिटेल निवेशक मिनिमम एक लॉट यानी 32 शेयरों के लिए बोली लगा सकते हैं.

यदि आप IPO के अपर बैंड ₹463 के हिसाब से 1 लॉट के लिए आवेदन करते हैं, तो इसके लिए ₹14,816 लगाने होंगे.

वहीं, रिटेल निवेशक मैक्सिमम 13 लॉट यानी 416 शेयरों के लिए आवेदन कर सकते हैं. इसके लिए निवेशकों को अपर बैंड के हिसाब से ₹1,92,608 इन्वेस्ट करना होगा.

3. किसके लिए कितना हिस्सा रिज़र्व है?

Afcons Infrastructure IPO: इश्यू का 35% हिस्सा रिटेल इन्वेस्टर्स के लिए रिज़र्व है. वहीं, ने इश्यू का 50% हिस्सा क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIB) के लिए और बाक़ी 15% हिस्सा नॉन-इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (NII) के लिए रिज़र्व है.

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4. पूंजी का कैसे इस्तेमाल करेगी कंपनी?

एफ़कॉन नए इश्यू से मिले फ़ंड में से ₹80 करोड़ तक का उपयोग कंस्ट्रक्शन इक्विपमेंट्स ख़रीदने, वर्किंग कैपिटल की फ़ंडिंग के लिए ₹320 करोड़ और क़र्ज के एक हिस्से को चुकाने और सामान्य कॉर्पोरेट उद्देश्यों के लिए ₹600 करोड़ ख़र्च किए जाएंगे.

5. किसे मिलेगा डिस्काउंट?

एफ़कॉन के कर्मचारियों के लिए ये इश्यू फ़ायदे को सौदा हो सकता है. असल में कंपनी अपने कर्मचारियों को ₹44 प्रति शेयर का डिस्काउंट ऑफ़र कर रही है.

6. क्या करती है एफकॉन्स?

एफ़कॉन मुख्य रूप से 5 इंफ़्रास्ट्रक्चर बिज़नस में ऑपरेट करती है:

मरीन एंड इंडस्ट्रियल- इसमें पोर्ट्स, हार्बर्स, ड्राइ डॉक्स, LNG टैंक और मटीरियल हैंडलिंग सिस्टम जैसे प्रोजेक्ट शामिल हैं.
सरफेस ट्रांसपोर्ट- इसमें हाईवे, इंटरचेंज, माइनिंग इंफ़्रास्ट्रक्चर और रेलवे शामिल हैं.
शहरी इंफ्रास्ट्रक्चर- इसमें मेट्रो वर्क्स, ब्रिज, फ़्लाईओवर और एलिवेटेड कॉरिडोर शामिल हैं.
हाइड्रो और अंडरग्राउंड प्रोजेक्ट्स- इसमें डैम, टनल, और पानी से जुड़े प्रोजेक्ट शामिल हैं.
ऑयल एंड गैस- इसमें ऑयल एंड गैस सेक्टर में ऑफ़शोर (offshore) और ऑनशोर (onshore) प्रोजेक्ट शामिल हैं.

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Disclaimer: यह कंटेंट सिर्फ़ जानकारी के लिए है और इसे निवेश सलाह या रेकमेंडेशन नहीं मानना चाहिए.

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