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डेट म्यूचुअल फ़ंड ने दिया 22% रिटर्न, क्या आपको निवेश करना चाहिए?

जानिए, कुछ क्रेडिट रिस्क फ़ंड्स ने इतना दमदार रिटर्न क्यों दिया है

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महान बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर ने अपने 460 से अधिक एकदिवसीय अंतरराष्ट्रीय मैचों में दो बार पांच विकेट लिए, लेकिन क्या आप हर मैच में हर हालात में गेंदबाज़ी करने वाले खिलाड़ी के तौर पर उन पर भरोसा कर सकते हैं? या फिर ये ऐसा मामला था जैसे चमत्कार बार-बार नहीं होते.

बदकिस्मती से, यही तर्क कुछ ऐसे डेट फ़ंड पर भी लागू होता है जो इस समय 22 फ़ीसदी तक रिटर्न दे रहे हैं. आप इस प्रदर्शन को बनाए रखने के लिए उन पर भरोसा नहीं कर सकते.

कुछ डेट फ़ंड का रिटर्न भ्रामक क्यों होता है

कुछ डेट फ़ंड के प्रदर्शन में उछाल फ़ंड के समझदारी भरे प्रबंधन या बाज़ार में नए मौक़ों के कारण नहीं है; ये काफ़ी हद तक पिछले क्रेडिट डिफ़ॉल्ट से रिकवरी का नतीजा है. ये एक ऐसी घटना है जो बार-बार नहीं होगी, बिल्कुल भी नहीं.

डबल डिजिट रिटर्न देने वाले डेट फ़ंड्स

इसकी वजह मुख्य रूप से क्रेडिट रिकवरी रही हैं

फ़ंड कैटेगरी एक साल का रिटर्न (%) एक साल की रैंक
DSP क्रेडिट रिस्क फ़ंड क्रेडिट रिस्क 21.98 1/14
आदित्य बिड़ला SL क्रेडिट रिस्क फ़ंड क्रेडिट रिस्क 16.30 2/14
इन्वेस्को इंडिया क्रेडिट रिस्क फ़ंड क्रेडिट रिस्क 10.25 3/14
आदित्य बिड़ला SL मीडियम टर्म फ़ंड मीडियम ड्यूरेशन 12.97 1/13
डेटा 10 मार्च 2025 तक का डायरेक्ट प्लान का है

एकमुश्त रिकवरी के पीछे की कहानी

2018-2019 में कॉरपोरेट डिफ़ॉल्ट और डाउनग्रेड के कारण कई क्रेडिट रिस्क फ़ंड को नुक़सान उठाना पड़ा था, जिसमें IL&FS संकट भी शामिल है, जिसने डेट मार्केट को हिलाकर रख दिया था. ऐसे संकटग्रस्त बॉन्ड में निवेश करने वाले फ़ंड्स के NAV में भारी गिरावट देखी गई.

मिसाल के तौर पर, DSP क्रेडिट रिस्क फ़ंड ने 2018 में नकारात्मक 2 फ़ीसदी का रिटर्न दिया, जबकि क्रेडिट रिस्क कैटेगरी ने उस वर्ष औसतन 6 फ़ीसदी की ग्रोथ दर्ज की.

आपके लिए सबक़

अतीत में मिले रिटर्न का पीछा न करें क्योंकि, जैसा कि हमने पहले कहा, देनदारों से कुछ रक़म की वसूली कभी-कभार होने वाली घटना है.

दूसरा, डेट निवेश में स्थिरता और ज़्यादा अनुमानित रिटर्न की अहमियत है, इसलिए ऊंचे रिटर्न के पीछे मत भागिए. अगर आप ऊंचे रिटर्न की तलाश में हैं, तो इक्विटी या हाइब्रिड फ़ंड पर ग़ौर करें.

तीसरा, अगर कोई डेट फ़ंड इक्विटी जैसा रिटर्न दे रहा है, तो इसका मतलब आमतौर पर ये होता है कि अतीत में कोई संकट रहा था.

आपको क्या करना चाहिए

जो निवेशक अपने जोखिम-मुक्त पैसे का निवेश करना चाहते हैं, उनके लिए शॉर्ट-ड्यूरेशन डेट फ़ंड ज़्यादा कारगर हो सकते हैं. वे ज़्यादा जोखिम के बिना स्थिर रिटर्न देते हैं.

ये भी पढ़िए- भारत बॉन्ड ETF 2025 का विलय हो रहा है. क्या ये आपके लिए अच्छा है?

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