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भारत-पाक टेंशन के बीच ‘हॉट’ हुए डिफेंस स्टॉक्स, क्या निवेश का सही समय है?

सरकार अब देश की रक्षा क्षमताओं को मजबूत करने के लिए घरेलू कंपनियों पर ज़ोर दे रही है

सरकार अब देश की रक्षा क्षमताओं को मजबूत करने के लिए घरेलू कंपनियों पर ज़ोर दे रही हैAdobe Stock

भारत-पाक सीमा पर बढ़ते तनाव और 'ऑपरेशन सिंदूर' जैसे सैन्य घटनाक्रमों से भारत की डिफेंस कंपनियों के स्टॉक्स फिर से सुर्खियों में आ गये हैं. असल में, सरकार की ‘मेक इन इंडिया’ पॉलिसी और रिकॉर्ड डिफेंस ऑर्डर्स ने इस सेक्टर को नई ऊर्जा दी है. ऐसे में सवाल उठता है कि क्या डिफेंस स्टॉक्स में निवेश करना सही है.

इतिहास रचते ऑर्डर्स, चमक रहे शेयर
रक्षा मंत्रालय ने FY25 में कुल 193 करार किए, जिनकी कीमत ₹2.1 लाख करोड़ है. ये अब तक की इस सेक्टर की डील्स का सबसे बड़ा आंकड़ा है. इससे साफ़ है कि सरकार अब देश की रक्षा क्षमताओं को मजबूत करने के लिए घरेलू कंपनियों पर ज़ोर दे रही है. डिफेंस सेक्टर की ये तेज़ी सिर्फ नीति या सीमा पर तनाव की वजह से नहीं, बल्कि कुछ कंपनियों की ठोस कमाई और ऑर्डर बुक के कारण भी है.

हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL)
Q3 FY25 में HAL का प्रॉफिट 14% बढ़ा है. सरकार से फाइटर जेट्स के ऑर्डर्स और डिफेंस ज़रूरतों ने कंपनी को मजबूती दी. यही वजह है एक साल में ये शेयर 20 फ़ीसदी और 5 साल में 1,687 फ़ीसदी का रिटर्न दे चुका है.

भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड (BEL)
रक्षा इलेक्ट्रॉनिक्स में BEL का दबदबा बना हुआ है. लगातार ऑर्डर्स, रणनीतिक साझेदारियां और विविध पोर्टफोलियो इसकी बड़ी ताकत हैं. ये शेयर एक साल में 36 फ़ीसदी और पांच साल में 1,452 फ़ीसदी का रिटर्न दे चुका है.

मझगांव डॉक शिपबिल्डर्स
मझगांव भारतीय नौसेना के लिए शिप्स बनाती यह कंपनी इस साल बड़े ऑर्डर्स के चलते चर्चा में है. ये शेयर एक साल में 177 फ़ीसदी और पांच साल में 3,458 फ़ीसदी का रिटर्न दे चुका है.

भारत डायनामिक्स लिमिटेड (BDL)
मिसाइल सिस्टम्स की अग्रणी निर्माता BDL ने रक्षा बजट का पूरा फायदा उठाते हुए कई हाई-वैल्यू कॉन्ट्रैक्ट्स हासिल किए हैं. ये शेयर एक साल में 63 फ़ीसदी और पांच साल में 1,276 फ़ीसदी का रिटर्न दे चुका है.

भू-राजनीतिक तनाव ने बढ़ाई तैयारी की ज़रूरत
भारत-पाक तनाव और ‘ऑपरेशन सिंदूर’ जैसी घटनाओं से साफ़ हो गया है किरक्षा क्षेत्र में मज़बूती अब सिर्फ विकल्प नहीं, ज़रूरत बन गई है. यही कारण है कि निवेशक भी अब इस सेक्टर को गंभीरता से देख रहे हैं.

निवेश से पहले सोच-समझकर कदम रखें
तेजी देखने में आकर्षक हो सकती है, लेकिन निवेश का फैसला आंकड़ों और कंपनी के फंडामेंटल्स को समझकर ही लेना चाहिए. विशेषज्ञों का मानना है कि इस सेक्टर की ग्रोथ का असर पहले ही स्टॉक की कीमतों पर दिख चुका है, इसलिए, आगे की ग्रोथ थोड़ी सीमित और अस्थिर हो सकती है.

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डिस्क्लेमर
यह लेख आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की मदद से तैयार किया गया है और केवल जानकारी देने के उद्देश्य से है. कृपया निवेश से पहले खुद रिसर्च करें या किसी योग्य वित्तीय सलाहकार से परामर्श लें.

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