न्यूज़वायर

SIP ने बनाया नया रिकॉर्ड, जून में गोल्ड ETF में 7 गुना से ज़्यादा बढ़ा निवेश

ये डेटा AMFI के जुलाई के डेटा पर आधारित है

SIP ने बनाया नया रिकॉर्ड, जून में गोल्ड ETF को 7 गुना ज़्यादा इनफ़्लोNitin Yadav/AI-Generated Image

फ़्लेक्सी-कैप फ़ंड्स में ज़बरदस्त उछाल, गोल्ड ETF चमक रहे हैं और आर्बिट्राज़ फ़ंड्स चुपचाप भारी निवेश जुटा रहे हैं. लेकिन कुछ कैटेगरी में तेज़ी के बावजूद, ELSS जैसे फ़ंड्स की चमक फ़ीकी पड़ रही है. इन बातों के आपके पोर्टफ़ोलियो के लिए क्या मायने हैं? और वैल्यू रिसर्च की राय में अभी कहां निवेश करना चाहिए? पूरी जानकारी पढ़ें.

सिस्टमेटिक इन्वेस्टमेंट प्लान्स (SIP) ने जून 2025 में नया रिकॉर्ड बनाया, जिसमें ₹27,269 करोड़ का निवेश हुआ, जो मई के ₹26,688 करोड़ से ज़्यादा है. ये डेटा एसोसिएशन ऑफ़ म्यूचुअल फ़ंड्स इन इंडिया (AMFI) ने जारी किया है. ये उपलब्धि भारतीय रिटेल निवेशकों की अनुशासन के साथ, लॉन्ग-टर्म निवेश में बढ़ती भागीदारी दर्शाती है.

इसी बीच, फ़ंड फ़्लो के रुख़ से पता चलता है कि फ़्लेक्सी-कैप फ़ंड्स और गोल्ड ETF के स्पष्ट रूप से पसंदीदा बनकर उभरने के साथ, इक्विटी और डेट कैटेगरी में निवेशकों की प्राथमिकताएं बदल रही हैं.

इक्विटी फ़ंड्स

इक्विटी कैटेगरी में, फ़्लेक्सी-कैप फ़ंड्स ने ₹5,700 करोड़ के नेट इनफ़्लो के साथ शानदार प्रदर्शन किया, जो निवेशकों की दिलचस्पी और मज़बूत परफ़ॉर्मेंस का प्रतीक है. ये कैटेगरी अब एसेट्स अंडर मैनेजमेंट (AUM) में टॉप के क़रीब पहुंच रही है, जिसका कुल AUM लगभग ₹4.8 लाख करोड़ है.

फ़्लेक्सी-कैप फ़ंड्स, जो फ़ंड मैनेजरों को लार्ज-कैप, मिड-कैप और स्मॉल-कैप स्टॉक्स में गतिशील रूप से निवेश करने की आज़ादी देते हैं, अब उन निवेशकों की पहली पसंद बन रहे हैं जो एक्टिव मैनेजमेंट के साथ व्यापक इक्विटी एक्सपोज़र चाहते हैं.

इसके बावजूद, ऊंचे वैल्यूएशन की चिंताओं के बीच स्मॉल और मिड-कैप फ़ंड्स में भी नेट इनफ़्लो देखा गया. ये रुख़ बताता है कि निवेशक लंबे समय में संभावित रिटर्न के लिए ज़्यादा अस्थिरता स्वीकार करने को तैयार हैं.

गोल्ड ETF

बढ़ती जियो-पॉलिटिकल टेंशन और ग्लोबल मार्केट में उतार-चढ़ाव के बीच, गोल्ड एक्सचेंज-ट्रेडेड फ़ंड्स (ETF) ने निवेशकों का ख़ासा ध्यान खींचा. जून में इनमें लगभग ₹2,000 करोड़ का निवेश हुआ, जो मई के केवल ₹292 करोड़ से कहीं ज़्यादा है. ये गोल्ड की दोहरी भूमिका -जोख़िम से बचाव और रिटर्न जनरेट करने वाला एसेट-को दर्शाता है.

पिछले एक साल में गोल्ड ने भी शानदार रिटर्न दिए हैं, जिसने रणनीतिक और लंबी समय के निवेशकों को आकर्षित किया है.

ये भी पढ़िए: गोल्ड में 105% की उछाल: 4 बेस्ट गोल्ड ETF जो इस तेज़ी का फ़ायदा उठा रहे हैं

आर्बिट्राज़ फ़ंड्स

एक और कैटेगरी जिसने लगातार ध्यान खींचा, वो है आर्बिट्राज़ फ़ंड्स, जिन्होंने जून में ₹15,500 करोड़ जुटाए. इस सेगमेंट ने फ़ाइनेंशियल ईयर 26 की पहली तिमाही में ही ₹43,000 करोड़ जुटा लिए, जो पूरे फ़ाइनेंशियल ईयर 25 में इस कैटेगरी में आए निवेश के लगभग बराबर है.

कम उतार-चढ़ाव और अनुकूल टैक्स ट्रीटमेंट (तीन महीने से ज़्यादा होल्डिंग पर) के कारण, आर्बिट्राज़ फ़ंड्स कंज़रवेटिव निवेशकों और शॉर्ट-टर्म फ़ंड्स जमा करने वालों की पसंद बन रहे हैं.

ELSS

इसके विपरीत, सेक्शन 80C के तहत टैक्स छूट देने वाली एकमात्र म्यूचुअल फ़ंड कैटेगरी इक्विटी-लिंक्ड सेविंग्स स्कीम (ELSS) में जून में नेट आउटफ़्लो देखा गया, क्योंकि करदाता नए टैक्स रिजीम की ओर रुख कर रहे हैं.

हमारी राय

म्यूचुअल फ़ंड का हालिया डेटा एक मैच्योर निवेशक आधार को दर्शाता है, जो तेज़ी से SIP और डाइवर्सिफ़ाइड स्ट्रैटेजी को अपना रहा है. हालांकि, इस रुख़ से सोच-समझकर फ़ंड चुनने और अनुशासित एसेट ऐलोकेशन की ज़रूरत का भी पता चलता है.

फ़्लेक्सी-कैप फ़ंड डाइवर्सिफ़िकेशन देते हैं और ज़्यादातर रिटेल निवेशकों के लिए सही हैं, लेकिन स्मॉल और मिड-कैप फ़ंड्स के लिए लॉन्ग-टर्म और ज़्यादा जोख़िम सहनशीलता ज़रूरी है. वहीं, आर्बिट्राज़ फ़ंड और गोल्ड ETF स्थिरता और डाइवर्सिफ़िकेशन के लिए असरदार टूल के तौर पर काम करते हैं.

ये भी पढ़िए: स्मार्ट SIP के बारे में सुना है? ये आपके लिए बाज़ार का अनुमान लगा सकती है

Disclaimer: यह कंटेंट सिर्फ़ जानकारी के लिए है और इसे निवेश सलाह या रेकमेंडेशन नहीं मानना चाहिए.

वैल्यू रिसर्च से पूछें aks value research information

कोई सवाल छोटा नहीं होता. पर्सनल फ़ाइनांस, म्यूचुअल फ़ंड्स, या फिर स्टॉक्स पर बेझिझक अपने सवाल पूछिए, और हम आसान भाषा में आपको जवाब देंगे.


टॉप पिक

‘मेरे पोर्टफ़ोलियो में 25 फ़ंड हैं. शुरुआत कहां से करूं?’

पढ़ने का समय 5 मिनटउदयप्रकाश

इमरजेंसी फ़ंड की समस्या

पढ़ने का समय 5 मिनटअमेय सत्यवादी

रिटायरमेंट के लिए फ़िक्स्ड इनकम चुनने का सही तरीक़ा क्या है?

पढ़ने का समय 4 मिनटअमेय सत्यवादी

हाउसिंग फ़ाइनेंस स्टॉक्स कर रहे हैं वापसी. क्या निवेश का है मौक़ा?

पढ़ने का समय 7 मिनटLekisha Katyal

क्या आपका म्यूचुअल फ़ंड सच में आपके लिए काम कर रहा है?

पढ़ने का समय 5 मिनटअमेय सत्यवादी

म्यूचुअल फंड पॉडकास्ट

updateनए एपिसोड हर शुक्रवार

गैरज़रूरी जटिलता की बीमारी फिर लौटी

गैरज़रूरी जटिलता की बीमारी फिर लौटी

SEBI का नया कैटेगराइज़ेशन से जुड़ा सर्कुलर पुराने मसलों को ठीक करता है, लेकिन इंडस्ट्री को प्रोडक्ट के लिहाज़ से अगले दौर की भीड़ के लिए नया सामान भी दे देता है

दूसरी कैटेगरी