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सारांशः पराग पारिख फ़्लेक्सी कैप फ़ंड आमतौर पर जल्दबाजी में फ़ैसले नहीं लेता, लेकिन जुलाई में ये फ़ंड एक स्टॉक से पूरी तरह बाहर निकल गया और कुछ चुनिंदा कंपनियों में हल्की-फुल्की ख़रीदारी की. फ़ंड की धैर्यपूर्ण रणनीति अब भी बरकरार है, लेकिन इसके हालिया पोर्टफ़ोलियो में बैंकिंग, फार्मा और कुछ अन्य कंपनियों में मामूली ख़रीदारी के साथ-साथ एक लंबे समय से रखे गए स्टॉक को पूरी तरह बेचने का फ़ैसला दिखता है.
पराग पारिख फ़्लेक्सी कैप फ़ंड ने अपनी धैर्यपूर्ण रणनीति के दम पर ख़ास पहचान बनाई है. जहां कई फ़ंड तेज़-तर्रार तरीक़े से काम करते हैं, वहीं ये फ़ंड धीमे, सोच-समझकर और तभी कदम उठाता है जब उसे साफ़ फ़ायदा नज़र आता है. और, ये रणनीति लंबे समय में इसके लिए कारगर रही है. यही वजह रही कि इस फ़ंड ने पिछले 10 सालों में निवेशकों की वैल्थ को लगभग छह गुना बढ़ाया है.
इसके बावजूद, फ़ंड के जुलाई के पोर्टफ़ोलियो में कुछ दिलचस्प बदलाव देखने को मिले. भले ही ज़्यादातर बदलाव छोटे-मोटे हों, लेकिन कुछ ख़ास जगहों पर इसने ठोस कदम उठाए.
फ़ंड ने कहां बढ़ाई हिस्सेदारी
ज़्यादातर हिस्सेदारी में बढ़ोतरी मामूली रही, जो ख़ासकर बैंकिंग और फार्मास्युटिकल सेक्टर में शांत लेकिन ठोस भरोसे को दर्शाती है. कुछ उल्लेखनीय बदलाव इस प्रकार हैं:
- EID पैरी में हिस्सेदारी बढ़ाई गई, जो शायद चीनी और इथेनॉल कारोबार में भरोसे को दिखाता है.
- कोटक महिंद्रा बैंक में तुलनात्मक रूप से ज़्यादा बढ़ोतरी.
- एक्सिस बैंक
- ICICI बैंक
- पावर ग्रिड कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया
- सिप्ला
- ITC
- जायडस लाइफ़साइंसेज और जायडस वेलनेस में मामूली बढ़ोतरी, जो शायद नई पोजिशन लेने के बजाय मौजूदा हिस्सेदारी को बढ़ाने की कोशिश हो.
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फ़ंड ने कहां की कटौती
सबसे बड़ी कटौती IPCA लैबोरेटरीज़ में हुई, जहां काफ़ी हद तक हिस्सेदारी कम की गई, जबकि LIC हाउसिंग फ़ाइनांस में हल्की कटौती देखी गई.
मोतीलाल ओसवाल फ़ाइनेंशियल सर्विसेज को जुलाई में पोर्टफ़ोलियो से पूरी तरह बाहर कर दिया गया-ये फ़ंड के लिए एक दुर्लभ कदम है. पिछले साल दिसंबर तक इस स्टॉक में इसकी अच्छी-ख़ासी हिस्सेदारी थी. लेकिन तब से फ़ंड ने धीरे-धीरे और सोच-समझकर अपनी हिस्सेदारी कम की. जुलाई में इस प्रक्रिया का आखिरी कदम उठाया गया, जब बाक़ी बची हिस्सेदारी पूरी तरह बेच दी गई.
निवेश करें, लेकिन समझदारी से
केवल वैल्यू रिसर्च पर आप जानेंगे कि उन्होंने क्या ख़रीदा, क्या बेचा और ये क्यों मायने रखता है. तो, रजिस्टर करने के लिए धन्यवाद और हर महीने ऐसे ही रोचक अपडेट्स के लिए पढ़ते रहें.
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