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इस फ़्लेक्सी-कैप फ़ंड का रिटर्न इतना ख़ास क्यों है?

आइए, क्वांट फ़्लेक्सी कैप फ़ंड के प्रदर्शन और पोर्टफ़ोलियो पर एक नज़र डालते हैं

आइए, क्वांट फ़्लेक्सी कैप फ़ंड के प्रदर्शन और पोर्टफ़ोलियो पर एक नज़र डालते हैंAnand Kumar/AI-Generated Image

सारांशः ये फ़्लेक्सी कैप फ़ंड पिछले 10 सालों में हर साल औसतन 21% का शानदार रिटर्न दे चुका है. हम इसकी पोर्टफ़ोलियो की स्ट्रैटेजी, लागत और सेक्टर चुनने के तरीक़े को समझेंगे ताकि इसके प्रदर्शन का सीक्रेट पता चल सके. देखते हैं कि ये फ़ंड बाक़ियों से कैसे अलग है और निवेशक इससे क्या सीख सकते हैं.

10 साल पहले अगर आपने क्वांट फ़्लेक्सी कैप फ़ंड में हर महीने ₹10,000 की SIP शुरू की होती, तो शायद आपने इस पर ज़्यादा ध्यान नहीं दिया होता. बाज़ार में उतार-चढ़ाव आए. अर्थव्यवस्था में कभी सुस्ती रही, तो कभी तेज़ी. ज़्यादातर निवेशक इस चक्कर में रहते कि अगला पैसा कहां लगाएं.

आज, पोर्टफ़ोलियो को बार-बार बदलने या हॉट टिप्स के पीछे भागने की ज़रूरत के बिना वही ₹10,000 का मासिक निवेश बढ़कर क़रीब ₹36.6 लाख हो चुका होता.

ये 10 साल में डायरेक्ट प्लान से 21% का सालाना रिटर्न है, जबकि रेगुलर प्लान का रिटर्न थोड़ा कम, लगभग 20% रहा. शेयर बाज़ार में निवेश को अक्सर जोखिम भरा जुआ माना जाता है, लेकिन इस तरह के रिटर्न हमें ये समझने के लिए मजबूर करते हैं कि आखिर इस फ़ंड ने ये कमाल कैसे किया.

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क्वांट फ़्लेक्सी कैप फ़ंड: पोर्टफ़ोलियो की स्ट्रैटेजी और स्ट्रक्चर

  • निवेश की आजादी: नाम में ही जवाब है-फ़्लेक्सी कैप. इस तीन सितारा रेटिंग वाले फ़ंड को किसी एक मार्केट सेगमेंट तक सीमित नहीं रहना पड़ता. ये लार्ज-कैप, मिड-कैप और स्मॉल-कैप शेयरों में निवेश करता है, जहां भी मौक़ा दिखता है, वहां पैसा लगाता है.
    अगर मिड-कैप शेयरों में तेज़ी है, तो पोर्टफ़ोलियो उस तरफ झुकता है; अगर लार्ज-कैप में स्थिरता दिखती है, तो फ़ंड उसी के हिसाब से रणनीति बनाता है.
    इस तरह का लचीलापन बाज़ार के बदलते माहौल में पोर्टफ़ोलियो को ढालने में मदद करता है, हालांकि इसका नतीजा फ़ंड मैनेजर की काबिलियत और निवेशक के धैर्य पर निर्भर करता है.
  • लागत का खेल: डायरेक्ट और रेगुलर प्लान के रिटर्न में अंतर एक अलग कहानी बताता है. डायरेक्ट प्लान का एक्सपेंस रेशियो क़रीब 0.64% है, जबकि रेगुलर प्लान का लगभग 1.78%.
    ये 1.14% का अंतर सुनने में छोटा लग सकता है. लेकिन इसे ऐसे समझें कि आप मैराथन दौड़ रहे हैं-कम ख़र्च यानी हल्का बैग चाहिए, जिससे आप तेज़ी से अपनी मंजिल तक पहुंच सकते हैं.
    नतीजा? पिछले 10 सालों में डायरेक्ट प्लान का कॉर्पस रेगुलर प्लान से क़रीब ₹2.6 लाख ज़्यादा रहा, सिर्फ़ कम ख़र्च की वजह से.
  • पोर्टफोलियो का स्वरूप: ये फ़ंड उन सेक्टर्स और कंपनियों में निवेश करता है, जहां ग्रोथ की संभावना दिखती है. प्रमुख होल्डिंग्स में रिलायंस इंडस्ट्रीज़, अडाणी पावर, संवर्धन मदरसन और जियो फ़ाइनेंशियल सर्विसेज जैसी कंपनियां शामिल हैं. एनर्जी, कंज्यूमर डिस्क्रेशनरी, फ़ाइनेंशियल, हेल्थकेयर और इंडस्ट्रियल जैसे सेक्टर्स इसकी सूची में हावी हैं.

टॉप 5 स्टॉक होल्डिंग्स

स्टॉक एसेट्स का %
रिलायंस इंडस्ट्रीज़ 9.54
अडानी पावर 6.3
संवर्धन मदरसन 5.69
जियो फ़ाइनेंशियल 5.19
अरबिंदो फार्मा 4.93

टॉप 5 सेक्टर होल्डिंग्स

सेक्टर एसेट्स का %
एनर्जी एंड यूटिलिटीज़ 27.95
कंज्यूमर डिस्क्रेशनरी 16.83
फ़ाइनेंशियल 13.41
हैल्थकेयर 10.79
इंडस्ट्रियल्स 9.64

प्रदर्शन का विश्लेषण

कैटेगरी से तुलना: पिछले 10 सालों में औसत फ़्लेक्सी कैप फ़ंड ने 14-15% का रिटर्न दिया है, जो स्कीम और समय के हिसाब से बदलता रहता है. क्वांट का डायरेक्ट प्लान 21% रिटर्न के साथ अपनी कैटेगरी के टॉप क्वार्टाइल में आता है, जिससे इसके शानदार प्रदर्शन का पता चलता है.

रिस्क-एडजस्टेड मेट्रिक्स:

  • अल्फ़ा (डायरेक्ट प्लान): करीब 2.9, जबकि कैटेगरी एवरेज 2 के आसपास है. यानी जोखिम के हिसाब से ये फ़ंड बेंचमार्क से बेहतर रिटर्न दे रहा है.
  • स्टैंडर्ड डेविएशन: लगभग 16.5%, जो कैटेगरी औसत (13.12%) से ज़्यादा है. यानी ये फ़ंड ज़्यादा उतार-चढ़ाव वाला है.

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आखिरी बात

इस फ़ंड की रिस्क रेटिंग बहुत ज़्यादा है, यानी निवेशकों को छोटी अवधि के उतार-चढ़ाव के लिए तैयार रहना चाहिए. शेयरों में भारी निवेश वाले किसी भी पोर्टफ़ोलियो में अस्थिरता स्वाभाविक है और गिरावट के दौर तो आएंगे ही. हर दिन रिटर्न चेक करना परेशान कर सकता है, लेकिन लंबे समय तक निवेश करने वालों के लिए ये अस्थिरता महज एक शोर है, जो धीरे-धीरे पीछे छूट जाती है.

क्वांट फ़्लेक्सी कैप फ़ंड का 10 साल का रिकॉर्ड बताता है कि:

  • तेज़ी से बदलती अर्थव्यवस्था में लचीलापन कठोरता को मात देता है.
  • लागत चुपके से आपके रिटर्न को खा जाती है, इसलिए इसे कम रखना ज़रूरी है.
  • धैर्य का फल मीठा होता है. जो अस्थिरता को झेल लेते हैं, उन्हें सबसे अच्छा नजारा मिलता है.

ये कोई जादुई शेयर चुनने या मार्केट की टाइमिंग का कमाल नहीं है. ये एक ऐसा पोर्टफ़ोलियो बनाने के बारे में है जो बदलाव के साथ ढल जाए, मुश्किल दौर में डटा रहे और कंपाउंडिंग को अपना काम करने दे.

अपना होमवर्क करें, सिर्फ ख़बरों पर भरोसा न करें

यहां आप खुद एनालिस्ट बन सकते हैं. वैल्यू रिसर्च म्यूचुअल फ़ंड स्क्रीनर पर जाएं और:

  • इस फ़ंड के 10 साल के रिटर्न की इसकी कैटेगरी के बाक़ी फ़ंड्स से तुलना करें.
  • सेक्टर एलोकेशन देखें और जांचें कि क्या ये आपके कम्फर्ट जोन से मेल खाता है.

आप स्टॉक स्क्रीनर का इस्तेमाल करके प्रमुख होल्डिंग्स के फ़ंडामेंटल्स भी जांच सकते हैं. जिन कंपनियों में आपका पैसा अप्रत्यक्ष रूप से लगा है, उन्हें समझने से निवेश के प्रति भरोसा बढ़ता है.

अंतिम फ़ैसला क्या हो?

अगर आप जानना चाहते हैं कि क्या क्वांट फ़्लेक्सी कैप फ़ंड हमारी रेकमंडेशन लिस्ट में शामिल है और इसे ख़रीदना, होल्ड करना या बेचना चाहिए, तो वैल्यू रिसर्च फ़ंड एडवाइज़र देखें. ये रिसर्च आधारित एनालिसिस और अलग-अलग निवेशक प्रोफ़ाइल के लिए व्यक्तिगत सुझाव देता है.

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ये भी पढ़ेंः 2 से 3 साल के लक्ष्य के लिए बेस्ट डेट फ़ंड

Disclaimer: यह कंटेंट सिर्फ़ जानकारी के लिए है और इसे निवेश सलाह या रेकमेंडेशन नहीं मानना चाहिए.

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