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सुनील सिंघानिया की अबेकस जल्द शुरू करेगी म्यूचुअल फ़ंड बिज़नस

म्यूचुअल फ़ंड इंडस्ट्री में अबेकस की एंट्री

सुनील सिंघानिया की अबेकस जल्द ही म्यूचुअल फ़ंड कारोबार शुरू करेगीAditya Roy/AI-Generated Image

सारांशः SEBI ने प्रतिष्ठित अबेकस को म्यूचुअल फ़ंड बिज़नस शुरू करने की मंजूरी दे दी है, जो सुनील सिंघानिया की इस इंडस्ट्री में वापसी का संकेत है. पहले से ही PMS और AIF के ज़रिए ₹37,900 करोड़ का प्रबंधन कर रही कंपनी जल्द ही एक्टिव रूप से प्रबंधित इक्विटी स्कीम्स लॉन्च करेगी.

दिग्गज फ़ंड मैनेजर सुनील सिंघानिया के नेतृत्व में अबेकस म्यूचुअल फ़ंड के बैनर तले अबेकस एसेट मैनेजर अपना म्यूचुअल फ़ंड बिज़नस शुरू करने जा रही है.

ये कदम सिंघानिया के लिए एक नया चैप्टर है, जिन्होंने पहले रिलायंस म्यूचुअल फ़ंड (अब निप्पॉन इंडिया म्यूचुअल फ़ंड) में CIO-इक्विटी के रूप में काम किया था. वहां उन्होंने रिलायंस ग्रोथ फ़ंड (अब निप्पॉन इंडिया ग्रोथ मिडकैप फ़ंड) और रिलायंस स्मॉलकैप फ़ंड (अब निप्पॉन इंडिया स्मॉलकैप फ़ंड) जैसी स्कीमों का प्रबंधन कर शानदार रिकॉर्ड बनाया.

उन्होंने 2018 में अबेकस की स्थापना की और वर्तमान में ये कंपनी अपने पोर्टफ़ोलियो मैनेजमेंट सर्विसेज (PMS) और अल्टरनेटिव इनवेस्टमेंट फ़ंड्स (AIFs) के ज़रिए क़रीब ₹37,900 करोड़ की एसेट्स का प्रबंधन कर रही है. लिस्टेड इक्विटी के अलावा, अबेकस प्राइवेट इक्विटी में भी सक्रिय रही है.

अबेकस के फाउंडर सुनील सिंघानिया ने कहा, "हमारा गोल वही अनुशासन, मेहनत और अल्फ़ा जेनरेट करने वाला फोकस म्यूचुअल फ़ंड क्षेत्र में लाना है, जो हमारे PMS और AIF ऑफरिंग्स की पहचान रहा है."

उन्होंने ये भी कहा कि उन्होंने अगले कुछ वर्षों में भारतीय म्यूचुअल फ़ंड क्षेत्र में एक प्रमुख खिलाड़ी बनने के लिए एक शानदार और अनुभवी टीम तैयार की है.

पहले लॉन्च होंगे इक्विटी फ़ंड्स

अबेकस इनवेस्टमेंट मैनेजर्स (अबेकस AMC) आने वाले महीनों में एक्टिव तरीक़े से प्रबंधित इक्विटी स्कीम्स लॉन्च करेगी, इसके बाद डेट, हाइब्रिड और मल्टी-एसेट कैटेगरीज़ में विस्तार किया जाएगा.

अबेकस को ये मंजूरी ऐसे समय में मिली है जब म्यूचुअल फ़ंड इंडस्ट्री की ग्रोथ शानदार बनी हुई है. जुलाई 2025 तक एसेट अंडर मैनेजमेंट (AUM) ₹75 लाख करोड़ को पार कर चुकी है और म्यूचुअल फ़ंड भारत के बढ़ते रिटेल निवेशकों के लिए पसंदीदा निवेश बन गए हैं.

इस ग्रोथ ने इंडस्ट्री में नए खिलाड़ियों में एक नए जोश पैदा कर दिया है. बीते महीने में ही, वेल्थ कंपनी असेट मैनेजमेंट (पैंटोमैथ ग्रुप का हिस्सा) और चॉइस इंटरनेशनल को म्यूचुअल फ़ंड कारोबार शुरू करने के लिए सेबी की अंतिम मंजूरी मिली. जून 2025 तक, प्रारंभिक मंजूरी के लिए सेबी के पास सात अन्य खिलाड़ियों के आवेदन लंबित हैं.


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Disclaimer: यह कंटेंट सिर्फ़ जानकारी के लिए है और इसे निवेश सलाह या रेकमेंडेशन नहीं मानना चाहिए.

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