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सारांशः ये फ़्लेक्सी-कैप फ़ंड पिछले पांच सालों के दौरान चार्ट्स पर टॉप पर रहा है और अपने बेंचमार्क से 5 प्रतिशत से ज़्यादा आगे निकला है. फिर भी, पिछले 12 महीनों में इसका साइज़ छोटा हो गया है. क्यों? क्या निवेशकों ने बस इसकी अनदेखी कर दी है, या इसके पीछे कोई गहरी कहानी है? आइए पता लगाते हैं.
क्वांट फ़ंड हाउस ने बेहतर दिन देखे हैं. और, इसका फ़्लेक्सी-कैप फ़ंड भी अलग नहीं है.
एक समय भारत की इक्विटी फ़ंड इंडस्ट्री का पोस्टर चाइल्ड रहा क्वांट फ़्लेक्सी कैप फ़ंड अचानक खुद को हाशिये पर पा रहा है. सुनहरा दौर देखने के बाद गिरावट तेज़ रही है. 2020 से 2024 के बीच फ़ंड का साइज़ 1,796 गुना बढ़ा, जिसे एक धमाकेदार परफॉर्मेंस से समर्थन मिला जहां इसने 30 प्रतिशत से ज़्यादा एनुअलाइज्ड रिटर्न दिए और अपनी कैटेगरी में बड़े मार्जिन के साथ टॉप पर रहा.
लेकिन पिछले 12-महीनों में ये लिस्ट पलट गई हैं. फ़ंड का साइज़ सिकुड़ गया है, निवेशक बाहर निकलने की राह पर हैं और इसकी परफॉर्मेंस गिर गई है - पिछले 12 महीनों में लगभग 12 प्रतिशत नीचे आ गया है. इस तरह, ये फ़ंड इस साल कैटेगरी के सबसे ख़राब परफॉर्मर्स में से एक बना हुआ है.
तो, क्या हो रहा है? क्या क्वांट फ़्लेक्सी कैप की सक्सेस स्टोरी खत्म हो गई है? या ये सिर्फ़ एक लंबी सड़क पर स्पीडब्रेकर जैसा है?
शॉर्ट-टर्म का नज़रिया खतरनाक है
सबसे अहम बात है, एक साल का रिटर्न इक्विटी म्यूचुअल फ़ंड्स का आकलन करने का घटिया तरीक़ा है. अगर आप इक्विटी फ़ंड के 12-महीने के परफॉर्मेंस पर ग़ौर करते हैं, तो आपको निराशा ही हाथ लगेगी. वैल्यू रिसर्च में, हमने हमेशा जोर दिया है कि इक्विटी इन्वेस्टिंग के लिए कम से कम पांच साल का टाइम होराइजन चाहिए. इससे कम समय होने पर आपके लिए हाइब्रिड या डेट ही बेहतर हैं.
इसकी वजह ये है, क्योंकि इक्विटी मार्केट्स साइकल्स में चलते हैं और फ़ंड्स जो एक साल में कमज़ोर लगते हैं, वे अक्सर एक पूरे मार्केट साइकल में मज़बूत निकलते हैं जो पांच से सात साल के बीच की रेंज में होता है.
5 साल की परफॉर्मेंस पर नज़र
पिछले 12 महीनों की तकलीफदेह स्थिति के बावजूद, बीते पांच साल में क्वांट फ़्लेक्सी कैप का रेगुलर प्लान अभी भी अपनी कैटेगरी में सबसे आगे है और अपने बेंचमार्क (BSE 500 TRI) को बड़े मार्जिन से पीछे छोड़ रहा है:
- क्वांट फ़्लेक्सी कैप (पांच साल का ट्रेलिंग रिटर्न): 20 प्रतिशत
- BSE 500 TRI: 14.9 प्रतिशत
ये एक ज़बरदस्त आउटपरफॉर्मेंस है और किसी भी कैटेगरी में बहुत कम एक्टिव फ़ंड्स ऐसा कर सके हैं.
लेकिन, भले ही ट्रेलिंग रिटर्न्स उपयोगी हैं, लेकिन ये सिर्फ एक झलक दिखाते हैं. इसलिए हमने और गहराई से इस पर ग़ौर करने का फ़ैसला किया.
तो, हमने रोलिंग रिटर्न्स पर नज़र डाली. इन्हें क्रिकेट बैटिंग एवरेज की तरह सोचें. विराट कोहली का एक मैच में स्कोर आपको उसके कैलिबर के बारे में थोड़ा बताता है. लेकिन सैकड़ों पारियों में उसका एवरेज ट्रैक करें तो आपको उसके प्रदर्शन के बारे में विस्तार से पता चलता है.
रोलिंग रिटर्न्स उसी तरह काम करते हैं. एक निश्चित पांच साल की अवधि के बजाय, वे कई ओवरलैपिंग पांच साल के दौर के लिए रिटर्न कैलकुलेट करते हैं. ये शोर को कम करता है और दिखाता है कि फ़ंड ने निवेशकों को कितने टिकाऊ तरीक़े से फ़ायदा पहुंचाया है.
और यहां भी, क्वांट फ़्लेक्सी कैप काफ़ी आगे दिखता है. वो कैटेगरी में पांचवां बेस्ट फ़्लेक्सी-कैप फ़ंड हैं, जिससे पता चलता है कि ये फ़ंड लंबे समय में लगातार अच्छे रिटर्न देता रहा है.
- क्वांट फ़्लेक्सी कैप (8 सितंबर, 2015 से 8 सितंबर, 2025 के बीच कुल पांच साल के रोलिंग रिटर्न): 21.5 प्रतिशत
- BSE 500 TRI: 14.2 प्रतिशत
- वास्तव में, क्वांट फ़ंड ने पिछले दशक में किसी भी पांच साल के पीरियड में दो-तिहाई बार अपने बेंचमार्क, BSE 500 TRI को पीछे छोड़ा है.
2015 से 2025 के बीच किसी भी पांच साल के पीरियड में इसकी परफॉर्मेंस और भी प्रभावित करने वाली है:
- 21 प्रतिशत समय: 0–10 प्रतिशत के बीच रिटर्न
- 36 प्रतिशत समय: 10–20 प्रतिशत के बीच रिटर्न
- 30 प्रतिशत समय: 20–30 प्रतिशत के बीच रिटर्न
- 13 प्रतिशत समय: 30 प्रतिशत से ज्यादा रिटर्न
ये आखिरी डेटा बेहद अहम है. भले ही, इसका बेंचमार्क (BSE 500 TRI) पिछले दशक में किसी भी पांच साल के पीरियड में कभी 30 प्रतिशत से ज्यादा एनुअलाइज्ड रिटर्न नहीं दे पाया, लेकिन क्वांट फ़्लेक्सी कैप ने 13 प्रतिशत समय ऐसा किया है.
एक और डेटा पर ग़ौर करें तो इस फ़ंड ने पिछले दशक में 10 साल में से चार से ज्यादा बार 20 प्रतिशत से ऊपर रिटर्न दिए हैं.
यही वो मैजिक है जिसने निवेशकों को क्वांट की ओर खींचा.
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लेकिन क्वांट को क्यों लगा झटका
तो, हाल में निवेशक क्यों मुंह मोड़ रहे हैं? इसकी वजहें पूरी तरह परफॉर्मेंस से जुड़ी नहीं हैं.
जून 2024 में, SEBI ने फ्रंट-रनिंग आरोपों पर क्वांट म्यूचुअल फ़ंड के खिलाफ सर्च ऑपरेशंस चलाए. असल में, फ्रंट-रनिंग तब होती है जब कोई आगामी ट्रेड्स की अंदर की जानकारियों का इस्तेमाल व्यक्तिगत फ़ायदे के लिए करता है. उदाहरण के लिए, अगर फ़ंड मैनेजर जानता है कि उनका फ़ंड स्टॉक X की बड़ी हिस्सेदारी ख़रीदने वाला है, तो वे पहले चुपके से ख़रीदते हैं, फिर फ़ंड के बड़े ऑर्डर से प्राइस ऊपर जाने के बाद बेचते हैं. ये अवैध और अनैतिक है, क्योंकि इसके ज़रिये फ़ंड के निवेशकों के सही फ़ायदे को चुरा लिया जाता है.
ऐसी ख़बर का रिस्क दो-तरफा होता है:
- रिडेम्शन का दबाव - निवेशकों का भरोसा कमज़ोर होता है और वे पैसे निकालने लगते हैं.
- स्टॉक पर दबाव - अगर ख़ास स्टॉक्स (यहां तक कि अफवाह से) ट्रेड्स से लिंक्ड हैं, तो उनमें बिकवाली का दबाव देखने को मिल सकता है.
क्वांट के लिए, ये ख़ासतौर पर नुक़सानदेह रहा है क्योंकि इसकी कई स्ट्रैटजीज़ मोमेंटम पर निर्भर करती हैं. मोमेंटम लिक्विडिटी और इनफ़्लो के आधार पर बढ़ता है. इनमें से किसी भी तरह की बाधा से या तो स्ट्रैटजी डिरेल हो सकती है और यही अब होता लग रहा है, जहां क्वांट के फ़ंड्स इस साल अपनी कैटेगरी में बॉटम फ़ाइव परफॉर्मर्स में हैं.
हमारी राय
क्वांट फ़्लेक्सी कैप की लंबे समय की परफॉर्मेंस अभी भी शानदार है. बहुत कम फ़ंड्स साइकल्स के दौरान मार्केट को हराने की इसकी क्षमता की बराबरी कर सकते हैं. लेकिन कम समय के दर्द, रेगुलेटरी स्क्रूटनी और भरोसा कमज़ोर होने से आउटफ़्लो देखने को मिल रहा है.
क्या आपको चिंता करनी चाहिए? ऐसा ज़रूरी नहीं है. लेकिन ये एपिसोड दो चीज़ों का याद दिलाता है:
- सारे दांव कभी एक ही फ़ंड हाउस पर न लगाएं. फ़ंड का ट्रैक रिकॉर्ड कितना भी शानदार हो, उसकी ज़्यादा स्कीम्स में निवेश करने से बचें. जैसे आप एसेट क्लासेस और कैटेगरीज़ में डाइवर्सिफ़ाई करते हैं, वैसे ही फ़ंड हाउसेस में भी डाइवर्सिफ़ाई करें.
- अनुशासित रहें. अगर आपने क्वांट फ़्लेक्सी कैप में पांच साल से ज़्यादा समय के लिए निवेश किया है, तो एक ख़राब साल पर इसका आकलन करना इसका लॉन्ग-टर्म कंपाउंडिंग की बढ़त को दरकिनार करने जैसा हो सकता है.
वहीं, कुछ अन्य प्रमुख फ़ंड हाउसेस को भी अतीत में फ्रंटरनिंग आरोपों का सामना करना पड़ा है, फिर भी समय के साथ उन्होंने निवेशकों का भरोसा हासिल कर लिया है. भले ही, ऐसे आरोप फ़ंड हाउसेस के लिए नुक़सान पहुंचाने वाले हैं क्योंकि वे लाखों निवेशकों की मेहनत की कमाई मैनेज कर रहे हैं, लेकिन इससे क्वांट के लिए भविष्य में वापसी करने की संभावनाएं खत्म नहीं हो जातीं.
क्या हमारी 'बाय' लिस्ट में क्वांट का कोई फ़ंड है?
यहीं पर वैल्यू रिसर्च फ़ंड एडवाइज़र काम आता है. ये सिर्फ़ टॉप-रेटेड फ़ंड्स की लिस्ट नहीं है; ये उन फ़ंड्स की क्यूरेटेड शॉर्टलिस्ट है जिसे हम आज आपके पैसे के लायक मानते हैं. हर रेकमेंडेशन कंसिस्टेंसी, रिस्क-एडजस्टेड रिटर्न, फ़ंड मैनेजर के ट्रैक रिकॉर्ड और फ़ंड के लॉन्ग-टर्म पोर्टफ़ोलियो में अच्छी तरह फिट होने जैसे फैक्टर्स पर निर्भर करती है.
दर्जनों विकल्पों में डूबने की बजाय, आपको निवेश करने के लिए स्पष्ट, कदम उठाने के लायक फ़ंड्स के समूह मिलते हैं.
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Disclaimer: यह कंटेंट सिर्फ़ जानकारी के लिए है और इसे निवेश सलाह या रेकमेंडेशन नहीं मानना चाहिए.
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