फंड वायर

भारत के 4 सबसे भरोसेमंद फ़्लेक्सी-कैप फ़ंड कौन-से हैं?

हम उन फ़्लेक्सी-कैप फ़ंड की पहचान कर रहे हैं जो ज़्यादातर बार बेंचमार्क को हराते हैं

ranking-4-most-consistent-flexi-cap-funds-indiaAprajita Anushree/AI-Generated Image

Summary: बेशक, पराग पारिख फ़्लेक्सी-कैप का नाम इस लिस्ट में होना कोई चौंकाने वाली बात नहीं है. लेकिन और कौन से फ़्लेक्सी-कैप फ़ंड ऐसे हैं जिन्होंने चुपचाप लगातार बेहतर नतीजे दिए हैं और अच्छा प्रदर्शन किया है? इनमें से कुछ नाम शायद आपको हैरान कर सकते हैं. आइए जानते हैं…

फ़्लेक्सी-कैप फ़ंड्स को अक्सर “ज़रूरी” म्यूचुअल फ़ंड कहा जाता है और इसकी ठोस वजह भी है. लार्ज-कैप, मिड-कैप या स्मॉल-कैप फ़ंड जहां फ़िक्स्ड एलोकेशन के नियमों में बंधे होते हैं, वहीं, इसके विपरीत फ़्लेक्सी-कैप फ़ंड को पूरे बाज़ार में निवेश करने की आज़ादी होती है. यानी फ़ंड मैनेजर को अगर स्थिरता चाहिए तो लार्ज-कैप चुन सकता है और अगर मौक़ा बने तो स्मॉल और मिड-कैप में निवेश कर सकता है.

ये लचीलापन उन्हें आपके पोर्टफ़ोलियो में अहम स्थान दिलाने के लिए एक बेहतरीन विकल्प बनाता है. वैल्यू रिसर्च में हम इन्हें कई बार रेकमेंड करते हैं, क्योंकि ये अलग-अलग जगह निवेश का फ़ायदा और ग्रोथ दोनों साथ लेकर आते हैं.

लेकिन इतने सारे फ़्लेक्सी-कैप फ़ंड में से असल में किसने अच्छा प्रदर्शन किया है?

लॉन्ग-टर्म परफ़ॉर्मेंस

इसका पता लगाने के लिए, हमने कम से कम 10 साल के इतिहास वाले फ़ंड्स को देखा और उनके पिछले पांच साल के डेली रोलिंग रिटर्न का एनालेसिस किया.

रोलिंग रिटर्न क्यों? क्योंकि पॉइंट-टू-पॉइंट रिटर्न कई बार ग़लत तस्वीर दिखा सकते हैं. जैसे “इस फ़ंड ने 2020 से 2025 तक 18% दिया” - ये सिर्फ़ इस बात पर निर्भर करता है कि शुरुआत और आख़िरी तारीख़ कहां से ली गई. रोलिंग रिटर्न इस दिक़्क़त को हल करते हैं क्योंकि इसमें हर संभव पांच साल की अवधि देखी जाती है.

इसे ऐसे समझिए जैसे किसी छात्र की परफ़ॉर्मेंस का आकलन करना हो. अगर आप सिर्फ़ दो परीक्षाओं में उनके अंक देखेंगे, तो आपको पूरी तस्वीर नहीं मिल पाएगी.

इसी तरह, रोलिंग रिटर्न भी साल भर की हर परीक्षा में उनके औसत अंक देखने जैसा है. ये लगातार परफ़ॉर्मेंस दिखाते हैं, किस्मत नहीं.

टॉप 10 बेस्ट परफ़ॉर्मिंग फ़ंड्स

ये आंकड़ा बताता है कि पांच साल की डेली रोलिंग रिटर्न में निफ़्टी 500 TRI (सामान्य बेंचमार्क) के मुक़ाबले कौन से फ़ंड कैसे रहे:

नोट: ये सभी रेगुलर प्लान हैं.

इन सभी फ़ंड ने पिछले पांच साल में निफ़्टी 500 TRI से बेहतर नतीजे दिए.

लगातार बेंचमार्क को हराने की क्षमता

हमने और गहराई से देखा कि पिछले पांच सालों में रोलिंग रिटर्न के दौरान हर फ़ंड कितनी बार बेंचमार्क को हरा पाया. यानी सिर्फ़ औसत रिटर्न नहीं, बल्कि कितनी बार फ़ंड बेंचमार्क से आगे रहा.

स्पष्ट तौर पर, ये आंकड़ा हमें बताता है कि फ़ंड लगातार बेंचमार्क के मुक़ाबले जीत रहा था या कुल परफ़ॉर्मेंस सिर्फ़ कुछ मौक़ों की वजह से अच्छा दिखी.

  • क्वांट फ़्लेक्सी-कैप निफ़्टी 500 TRI को 100% बार हराया
  • पराग पारिख फ़्लेक्सी-कैप: 100% बार
  • PGIM फ़्लेक्सी-कैप: 90% बार
  • JM फ़्लेक्सी-कैप: 72.6% बार

इसमें कोई हैरानी नहीं कि पराग पारिख का फ़्लेक्सी-कैप बेहतरीन फ़ंड्स की लिस्ट में है. सालों से उसकी लगातार अच्छी परफ़ॉर्मेंस बताती है कि आज ये भारत का सबसे बड़ा एक्टिव इक्विटी फ़ंड क्यों बन गया है.

लगातार अपने जैसे दूसरे फ़ंड्स से बेहतर करने की क्षमता

आख़िर में हमने ये भी देखा: “ये फ़ंड कितनी बार अपने साथियों से बेहतर रहे?”

हमने इसे इस प्रकार मापा: अगर किसी दिन फ़ंड ने ज़्यादातर साथियों से बेहतर परफ़ॉर्म किया, तो हमने उसका स्कोर नोट किया. ये प्रॉसेस सभी तारीख़ों पर दोहराई गई और औसत दर निकाली गई.

नतीजे:

  • क्वांट फ़्लेक्सी-कैप ने 96.9% मामलों में प्रतिस्पर्धियों को पीछे छोड़ दिया
  • पराग पारिख फ़्लेक्सी-कैप: 81.3%
  • PGIM फ़्लेक्सी-कैप: ~49%
  • JM फ़्लेक्सी-कैप: 44%
  • HDFC फ़्लेक्सी-कैप: टॉप 5 में लगभग 32% पर रहा

आंकड़े दर्शाते हैं कि क्वांट और पराग पारिख फ़्लेक्सी-कैप न सिर्फ़ अच्छे रिटर्न दे रहे हैं बल्कि बेंचमार्क और अपने जैसे दूसरे फ़ंड्स को लगातार पीछे छोड़ रहे हैं.

क्या पराग पारिख और क्वांट फ़्लेक्सी-कैप हमारी रेकमेंडेशन में हैं?

पिछले अच्छे नतीजे देखकर ये मान लेना बहुत आसान लगता है कि एक अच्छा फ़ंड चुनने के लिए बस इतना ही काफ़ी है. भले ही, ये सच है कि पुराना परफ़ॉर्मेंस बहुत ज़रूरी है, पर यही सबकुछ नहीं है. बाज़ार बदलते हैं, साइकल पलटते हैं और कल के सितारे आगे भी चमकेंगे इसकी गारंटी नहीं है.

इसलिए किसी फ़ंड का वैल्यूएशन करते समय आपको इन बातों पर भी ग़ौर करना चाहिए:

  • पोर्टफ़ोलियो की क्वॉलिटी: क्या फ़ंड की होल्डिंग्स में मज़बूत कंपनियां शामिल हैं, या क्या वो ज़रूरत से ज़्यादा रिस्क उठा रहे हैं?
  • फ़ंड मैनेजर का रिकॉर्ड: टीम कितनी तजुर्बेकार है जो बाज़ार के उतार-चढ़ाव में पैसे को संभाल सके?
  • गिरावट में बचाव की क्षमता: बाज़ार में गिरावट के समय फ़ंड आपके पैसे की कितनी अच्छी तरह सुरक्षा करता है? ये मापदंड रिटर्न जितने ही महत्वपूर्ण हैं, क्योंकि ये आपको बताते हैं कि कोई फ़ंड आपके रिस्क प्रोफ़ाइल और समय सीमा के लिए सही है या नहीं.

अच्छी ख़बर? आपको होमवर्क अकेले नहीं करना है. वैल्यू रिसर्च की एनालिस्ट टीम ने आपके लिए ये काम पहले ही कर दिया है.

यहीं पर वैल्यू रिसर्च फ़ंड एडवाइज़र काम आता है. ये हमारी प्रीमियम रेकमेंडेशन सर्विस है, जहां हम आपको चुने हुए फ़ंड बताते हैं जो सिर्फ़ अच्छे नतीजे नहीं बल्कि लगातार अच्छा प्रदर्शन करें और लॉन्ग-टर्म निवेशकों के लिए सही हों.

इसलिए, अगर आप जानना चाहते हैं कि Parag Parikh, Quant  या कोई और फ़्लेक्सी-कैप फ़ंड - आपके पोर्टफ़ोलियो में जगह बनाने लायक़ है या नहीं, तो हमारी रेकमेंडेशन देखें.

वैल्यू रिसर्च फ़ंड एडवाइज़र एक्सप्लोर करें

Disclaimer: यह कंटेंट सिर्फ़ जानकारी के लिए है और इसे निवेश सलाह या रेकमेंडेशन नहीं मानना चाहिए.

वैल्यू रिसर्च से पूछें aks value research information

कोई सवाल छोटा नहीं होता. पर्सनल फ़ाइनांस, म्यूचुअल फ़ंड्स, या फिर स्टॉक्स पर बेझिझक अपने सवाल पूछिए, और हम आसान भाषा में आपको जवाब देंगे.


टॉप पिक

इन 5 इक्विटी फ़ंड की रेटिंग इस महीने 4-स्टार में हुई अपग्रेड

पढ़ने का समय 5 मिनटख्याति सिमरन नंदराजोग

म्यूचुअल फ़ंड के नियम बदल गए: 3 बातें जो सच में मायने रखती हैं

पढ़ने का समय 5 मिनटआशुतोष गुप्ता

FII भारत से पैसा निकाल रहे हैं. लेकिन यह पूरी कहानी नहीं है

पढ़ने का समय 4 मिनटउदयप्रकाश

आपके पास ₹50 लाख हैं. यह ग़लती बिल्कुल नहीं करना

पढ़ने का समय 6 मिनटउज्ज्वल दास

आपकी उम्र 47 हो गई है, तो नया निवेश NPS में करें या EPF में?

पढ़ने का समय 5 मिनटआकार रस्तोगी

म्यूचुअल फंड पॉडकास्ट

updateनए एपिसोड हर शुक्रवार

नाम में क्या रखा है!

नाम में क्या रखा है!

जब एक लेबल सब बताए और कुछ न बताए

These are advertorial stories which keeps Value Research free for all. Click here to mark your interest for an ad-free experience in a paid plan

दूसरी कैटेगरी