फंड वायर

10 साल के 'बेस्ट' मिड-कैप फ़ंड्स का चौंकाने वाला सच!

आइए जानें

पिछले 10 सालों के ‘बेस्ट’ मिड-कैप फ़ंड्स की चौंकाने वाली सच्चाईAditya Roy/AI-Generated Image

सारांशः हमने देखा कि अगर आप 2015 से 2025 तक पिछले साल के टॉप मिड-कैप फ़ंड को चुनकर उसमें निवेश करते रहे होते तो जो होता, उसका नतीजा हैरान करने वाला भी होता और थोड़ा निराशाजनक भी. सच ये है कि एक औसत मिड-कैप फ़ंड इस स्ट्रैटेजी पूरे दशक में बिना किसी तनाव, बिना किसी उथल-पुथल और बिना ज़्यादा कागज़ी कार्रवाई के चुपचाप मात दे देता.

हम सब इस दौर से गुज़रे हैं. आपने किसी फ़ंड की रैंकिंग लिस्ट खोली और एक मिड-कैप फ़ंड को देखा जिसने पिछले साल 50, 60 यहां तक कि 90 प्रतिशत तक आश्चर्यजनक रिटर्न दिए और लगा - “"बस, यही है मेरी वेल्थ का टिकट.”

ये बात ठीक लगती है. तो, आख़िर क्यों न पैसा उसी फ़ंड में लगाया जाए जो पहले से खुद को “साबित” कर चुका है? लेकिन निवेश खेल की हाइलाइट नहीं है, जहां सिर्फ़ ये मायने रखे कि किसने सबसे बड़ा छक्का मारा.

भले ही, टॉप प्रदर्शन करने वालों का पीछा करना शॉर्ट-टर्म में रोमांचक लग सकता है, लेकिन असलियत में इसका मतलब होता है कि फ़ंड का बड़ा दौर निकल चुका है और आप ऐसे समय पर पैसा डाल रहे हैं जब वह धीमा पड़ने वाला है. नतीजा? ढेर सारी हलचल और फ़ायदा बहुत कम.

आइए इसे असल आंकड़ों से समझते हैं.

‘हर साल का बेस्ट फ़ंड’ एक्सपेरिमेंट

मान लीजिए आपने 2015 में निवेश शुरू किया. एक परफ़ॉर्मेंस पर ध्यान देने वाला इन्वेस्टर होने के नाते, आपने अपना पैसा एक एक्टिव मिड-कैप फ़ंड में लगाया, जो पिछले 12 महीनों में सबसे अच्छा प्रदर्शन करने वाला रहा था.

  • 2015: आपने UTI Mid Cap Fund चुना, जिसने 2014 में 91.8% का रिटर्न दिया था. लेकिन 2015 में रिटर्न सिर्फ़ 7.5% रहा, 19 फ़ंड्स में 15वें नंबर पर और बेंचमार्क के 9.7% के आंकड़े को पार करने में नाकाम रहा.
  • 2016: आप Motilal Oswal Midcap Fund पर गए, जो 2015 का विनर था. इसने 2016 में 6.48% रिटर्न दिया, बेंचमार्क से थोड़ा नीचे. फिर आप HDFC Mid Cap Fund पर चले गए, जो 2016 का विजेता था.
  • 2017: HDFC Midcap Fund ने 43.1% का शानदार रिटर्न दिया लेकिन इंडेक्स (55.7%) से पीछे रहते हुए 14वें नंबर पर रहा. तो आप 2017 के टॉप फ़ंड HSBC Midcap Fund में निवेश करते हैं.
  • 2018: HSBC Midcap Fund ने  आपको तुरंत 11% का नुक़सान कराया और इससे भी बुरी बात यह है कि 21 मिड-कैप फ़ंड्स में ये 10वें नंबर पर रहा. आप Axis Midcap Fund में गए, जिसने अकेले पॉज़िटिव रिटर्न दिया था.
  • 2019: आखिरकार जीत मिली Axis Midcap ने 12.8% ग्रोथ दी, जिसने अपने बेंचमार्क के 0.7% से बेहतर रिटर्न को काफी पीछे छोड़ गया.
  • 2020: Axis ने फिर से अच्छा प्रदर्शन किया, 27.7% रिटर्न दिया लेकिन 7वें स्थान पर रहा.इसलिए आप कोविड दौर के पसंदीदा, PGIM India Midcap Fund में कूद गए जिसने 2020 में 51.1% का शानदार रिटर्न दिया था.
  • 2021: PGIM ने आपको 66.9% रिटर्न दिया और टॉप पर बना रहा. आप इसी पर टिके रहें.
  • 2022: PGIM का प्रदर्शन -0.1% में फिसल गया, बेंचमार्क 4% लाभ से कम प्रदर्शन किया. आप Quant Mid Cap Fund में गए जिसने 2022 में लगभग 20% रिटर्न दिया था.
  • 2023: Quant Midcap ने आपको 36.4% रिटर्न दिया लेकिन 29 फ़ंड्स में से 18वें नंबर पर रहा और इंडेक्स के 44.6% से कम प्रदर्शन किया. आप Nippon India Growth Mid Cap Fund पर चले गए, जो 2023 का टॉपर है.
  • 2024: Nippon ने 27.7% रिटर्न दिया, 29 में 20वें स्थान पर. फिर आप फिर से Motilal Oswal Mid Cap Fund में निवेश करते हैं, जो 2024 का बेस्ट फ़ंड है.
  • 2025 (YTD): आपका “बेस्ट फ़ंड” अभी -6.3% गिरकर सबसे निचले पायदान पर है.

नतीजा: ढेर सारा बदलाव, पर फ़ायदा बहुत कम

10 साल से ज़्यादा के दौरान फ़ंड बदलने के बाद, आपका CAGR 17.68% होता. ये बुरा नहीं, लेकिन बेंचमार्क निफ़्टी मिड-कैप 150 TRI ने 17.62% रिटर्न दिया वो भी बिना किसी भागदौड़ और बिना तनाव के.

और सबसे बड़ी बात: हर बार फ़ंड बदलने पर कैपिटल गेन टैक्स लगता, जिससे आपके असल रिटर्न इंडेक्स से नीचे आ जाता है.

क्या होता अगर आप टिके रहते?

सच ये है कि एक औसत मिड-कैप फ़ंड भी बेहतर प्रदर्शन कर सकता. इस पूरे समय में एवरेज मिड-कैप फ़ंड का CAGR 16.7% रहा  और इसमें वो टैक्स शामिल नहीं है जो आपने हर बार स्विच करने पर चुकाया है.

इसलिए, भले ही शॉर्ट-टर्म निवेश आपके लिए बड़ी उपलब्धि साबित हो, लेकिन लॉन्ग-टर्म वेल्थ बनाने के लिए बहुत कम फ़ायदेमंद है.

हमारी राय

निवेश में "आलसी" होना वाक़ई क़ारगर होता है. अगर आपने बस एक मिड-कैप फ़ंड चुना होता और टिके रहते, तो आप इस भागदौड़ वाली स्ट्रैटेजी से आगे निकल जाते. कम तनाव, कम कागज़ी काम और ना किसी टैक्स बोझ के.

निवेश में अक्सर सादगी ही जीतती है.

तो क्या आप जानना चाहते हैं कि कौन-से मिड-कैप फ़ंड आपके प्रोफ़ाइल से सच में मेल खाते हैं, न कि सिर्फ़ पिछले साल के टॉप फ़ंड्स?

वैल्यू रिसर्च फ़ंड एडवाइज़र यही काम करता है. हमारा टूल न सिर्फ़ रिटर्न देखता है बल्कि स्थिरता, रिस्क और पोर्टफ़ोलियो की क्वालिटी भी देखता है ताकि आपके इन्वेस्टमेंट के लिए समय और रिस्क के अनुसार फ़ंड चुने जा सकें.

एक "हॉट" फ़ंड से दूसरे में जाने के बजाय, यहां आपको रिसर्च-आधारित, चुनी हुई मिड-कैप फ़ंड्स की लिस्ट मिलती है - जो लंबे समय तक आपके लिए काम करे. न अंदाज़ा, न हाइप, न टैक्स का बोझ.

आज ही आज़माइए वैल्यू रिसर्च फ़ंड एडवाइज़र!

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Disclaimer: यह कंटेंट सिर्फ़ जानकारी के लिए है और इसे निवेश सलाह या रेकमेंडेशन नहीं मानना चाहिए.

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