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इस इंडेक्स ने स्टॉक मार्केट को 90% समय पीछे छोड़ा

क्या आप इस इंडेक्स में निवेश कर सकते हैं?

इस इंडेक्स ने 90% मौकों पर भारतीय शेयर बाज़ार को पछाड़ा हैAditya Roy/AI-Generated Image

सारांशः हम एक ऐसे थीमैटिक इंडेक्स के बारे में बात कर रहे हैं जिसने लंबे समय में भारत के स्टॉक मार्केट (निफ़्टी 500 TRI) को ज़्यादातर समय मात दी है. लेकिन इसमें एक ट्विस्ट है -आप सीधे इसमें निवेश नहीं कर सकते. फिर भी, इसके कुछ व्यावहारिक विकल्प मौजूद हैं.

मिलिए एनर्जी इंडेक्स से. पिछले 10 सालों में निफ़्टी एनर्जी TRI ने शानदार 18.8% का एनुलाइज्ड रिटर्न दिया है. सरल शब्दों में कहें तो अगर आपने इसमें 10 साल पहले ₹1 लाख निवेश किए होते, तो आज उसकी वैल्यू करीब ₹5.6 लाख होती.

भारत की एनर्जी सेक्टर की स्टोरी अभी भी सुर्खियों में बनी हुई है. इंटरनेशनल एनर्जी एजेंसी (IEA) के अनुसार, वर्ष 2000 से अब तक ग्लोबल स्तर पर ऊर्जा की मांग में हुई ग्रोथ का 10% हिस्सा अकेले भारत से आया है. इसी अवधि में भारत की अपनी ऊर्जा मांग में 60% की बढ़ोतरी हुई है - और शहरीकरण, औद्योगिकीकरण तथा आर्थिक विकास के चलते ये लगातार बढ़ रही है. यही वजह है कि निवेशक इस सेक्टर पर ख़ास ध्यान दे रहे हैं - क्योंकि ये सिर्फ़ भारत की अर्थव्यवस्था ही नहीं, बल्कि उसके स्टॉक मार्केट की गति भी तय करता है.

लगातार मार्केट को पछाड़ रहा है

ये समझने के लिए कि एनर्जी सेक्टर का प्रदर्शन कितना स्थिर रहा है, हमने अक्तूबर 2020 से अक्तूबर 2025 तक के पांच-साल के डेली रोलिंग रिटर्न्स को देखा, ताकि कम समय के उतार-चढ़ाव का असर कम हो सके.

ये हैं नतीजे -

  • निफ़्टी एनर्जी TRI (5-वर्षीय रोलिंग रिटर्न): 19.7%
  • निफ़्टी 500 TRI (5-वर्षीय रोलिंग रिटर्न): 16.3%

लेकिन यहां एक पेंच है

निफ़्टी 50 या निफ़्टी बैंक की तरह, अभी तक कोई भी इंडेक्स फ़ंड या ETF ऐसा नहीं है जो निफ़्टी एनर्जी इंडेक्स को ट्रैक करता हो. फिलहाल इस सेक्टर में निवेश का एकमात्र रास्ता है - एक्टिवली मैनेज्ड एनर्जी फ़ंड्स, और ऐसे फ़ंड्स की संख्या भारत में सिर्फ़ छह है.

इनमें से

दिलचस्प बात ये है कि एक्टिव फ़ंड्स के लिए इंडेक्स को कॉपी करने की बाध्यता नहीं होती. वे अपने हिसाब से स्टॉक्स चुनते हैं. उदाहरण के लिए, DSP फ़ंड ने निफ़्टी 500 को लगभग 60% समय मात दी है - जो अच्छा प्रदर्शन है, लेकिन एनर्जी इंडेक्स की लगभग 90% निरंतरता से काफ़ी पीछे है.

हाई कंसन्ट्रेशन का मतलब है हाई रिस्क

एक और अहम बात - निफ़्टी एनर्जी इंडेक्स बेहद केंद्रित (concentrated) है. इसका 50% से अधिक हिस्सा तेल और गैस कंपनियों का है, जिनमें ज़्यादातर ONGC और Coal India जैसी पब्लिक सेक्टर की दिग्गज कंपनियां हैं. बाक़ी पोर्टफ़ोलियो में लगभग बराबर हिस्सा पावर (24.88%) और कैपिटल गुड्स (24.74%) का है.

यानि अगर तेल क्षेत्र या ऊर्जा नीति में कोई झटका आता है, तो पूरा इंडेक्स हिल सकता है.

जोखिम यहीं खत्म नहीं होता. केवल टॉप 5 कंपनियां ही इंडेक्स के करीब 40% हिस्से पर काबिज़ हैं:

अगर इनमें से कोई एक कंपनी भी कमज़ोर प्रदर्शन करती है, तो पूरे इंडेक्स की दिशा प्रभावित हो सकती है. यही कहलाता है कंसन्ट्रेशन रिस्क, जहां कुछ कंपनियों के प्रदर्शन पर पूरी वैल्यू निर्भर रहती है.

हमारी राय

इतने ऊंचे कंसन्ट्रेशन और सीमित निवेश विकल्पों को देखते हुए, ज़्यादातर निवेशकों के लिए डाइवर्सिफ़ाइड इक्विटी फ़ंड्स (जैसे फ़्लेक्सी-कैप या मल्टी-कैप फ़ंड्स) बेहतर विकल्प हैं.

ऐसे फ़ंड्स अलग-अलग सेक्टर्स और कंपनियों में निवेश करते हैं, जिससे आपको एनर्जी सेक्टर का एक्सपोज़र भी मिलता है, लेकिन रिस्क सीमित रहता है. वास्तव में, कई फ़्लेक्सी-कैप फ़ंड्स पहले से ही अपनी होल्डिंग्स में ONGC, NTPC और Power Grid जैसी लगभग 15% एनर्जी और कैपिटल गुड्स कंपनियों को शामिल करते हैं.

इसके अलावा, डाइवर्सिफ़ाइड इक्विटी फ़ंड्स का लंबा ट्रैक रिकॉर्ड है, जिन्होंने कई मार्केट साइकल झेले हैं - यानी आप बिना ज़रूरत से ज़्यादा रिस्क उठाए एनर्जी बूम का हिस्सा बन सकते हैं.

फिर भी, अगर आप हाई-रिस्क निवेशक हैं और भारत की एनर्जी सेक्टर की स्टोरी पर दांव लगाना चाहते हैं, तो ऐसा कर सकते हैं - लेकिन अपने पोर्टफ़ोलियो का सिर्फ़ 5-10% हिस्सा ही इस सेक्टर में लगाइए. इसे मुख्य निवेश नहीं, बल्कि सैटेलाइट इन्वेस्टमेंट की तरह रखें.

कौन से डाइवर्सिफाइड फ़ंड्स आपके लिए उपयुक्त हैं?

वैल्यू रिसर्च फ़ंड एडवाइज़र एक ऐसी सर्विस है जो आपके गोल्स और रिस्क प्रोफ़ाइल के अनुसार एक संतुलित म्यूचुअल फ़ंड पोर्टफ़ोलियो बनाने में मदद करती है. ये आपको एक्सपर्ट रेकमंडेशंस, व्यक्तिगत इनसाइट्स और नियमित अपडेट्स के ज़रिए निवेश के सफ़र को सरल और प्रभावी बनाती है.

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ये भी पढ़ेंः 6 इक्विटी फ़ंड्स की रेटिंग हुई अपग्रेड, क्या किसी में आपने निवेश किया है?

ये लेख पहली बार अक्तूबर 09, 2025 को पब्लिश हुआ.

Disclaimer: यह कंटेंट सिर्फ़ जानकारी के लिए है और इसे निवेश सलाह या रेकमेंडेशन नहीं मानना चाहिए.

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