Aman Singhal/AI-Generated Image
सारांशः हम सिर्फ़ पांच साल के आंकड़ों पर ही नहीं रुकते, बल्कि हम ये भी परखते हैं कि 2021 से अब तक इन फ़ंड्स ने कितनी निरंतरता से प्रदर्शन किया है.
ज़्यादातर निवेशक लार्ज-कैप और मिड-कैप फ़ंड्स से परिचित हैं. लेकिन इन दोनों के बीच एक कैटेगरी और है, लार्ज एंड मिड-कैप फ़ंड्स.
ये फ़ंड जोखिम और रिटर्न, दोनों के बीच का संतुलन रखते हैं. SEBI के नियमों के मुताबिक़, इन्हें कम-से-कम 35% निवेश लार्ज-कैप शेयरों में और 35% मिड-कैप शेयरों में करना होता है. बाक़ी 30% हिस्सा फ़ंड मैनेजर की समझ पर छोड़ा जाता है.
यानि ये फ़ंड्स लार्ज-कैप की स्थिरता और मिड-कैप की ग्रोथ दोनों को जोड़ते हैं.
भले ही, कुछ निवेशक इस कैटेगरी को नज़रअंदाज़ करते रहे हों, लेकिन हक़ीक़त इसके उलट है. इस सेगमेंट के सिर्फ़ पांच सबसे बड़े फ़ंड्स ही कुल ₹1.6 लाख करोड़ मैनेज कर रहे हैं. ये दिखाता है कि लार्ज एंड मिड-कैप फ़ंड्स अब बाज़ार का अहम हिस्सा बन चुके हैं.
तो कौन से फ़ंड्स ने निवेशकों को असली सौगात दी? आइए देखें वो 7 लार्ज एंड मिड-कैप फ़ंड्स (डायरेक्ट प्लान) जिन्होंने सिर्फ़ पांच साल में निवेशकों का पैसा तीन गुना कर दिया.
7. इन्वेस्को इंडिया लार्ज एंड मिड-कैप फ़ंड
- पांच साल के दौरान सालाना रिटर्न: 25.1%
अगर किसी ने इस फ़ंड में पांच साल पहले ₹1 लाख निवेश किया होता, तो आज वो ₹3.05 लाख से ज़्यादा हो चुका होता.
भले ही, ये आंकड़े बताते हैं कि फ़ंड ने कितनी दौलत बनाई, पर निरंतरता की पूरी तस्वीर नहीं देते. इसे समझने के लिए हमने बीते पांच कैलेंडर ईयर का प्रदर्शन देखा.
इन्वेस्को इंडिया का ये फ़ंड काफ़ी स्थिर रहा है. पिछले तीन सालों में हर बार अपने बेंचमार्क BSE Large Mid Cap TRI को पछाड़ा है. 2024 और 2025 (अब तक) दोनों सालों में ये टॉप-क्वार्टाइल यानी टॉप 25% प्रदर्शन करने वाले फ़ंड्स में रहा है.
6. क्वांट लार्ज एंड मिड-कैप फ़ंड
- पांच साल के दौरान सालाना रिटर्न: 25.5%
पांच साल पहले ₹1 लाख निवेश किया होता तो आज ₹3.11 लाख बन गया होता.
क्वांट फ़ंड थोड़ा ज़्यादा उतार-चढ़ाव वाला रहा. 2021 से अब तक ये सिर्फ़ एक साल (2022) के दौरान ही टॉप-क्वार्टाइल में रहा, लेकिन फिर भी 2021 से 2024 तक हर साल अपने बेंचमार्क को मात दी.
हां, 2025 में इसकी चाल थोड़ी सुस्त है. अब तक ये 0.27% नीचे है, जबकि बेंचमार्क 7.6% ऊपर है. यानि थोड़ा उतार-चढ़ाव ज़रूर रहा, लेकिन फिर भी ये उन चुनिंदा फ़ंड्स में शामिल है जिन्होंने निवेशकों का पैसा तीन गुना किया.
5. UTI लार्ज एंड मिड-कैप फ़ंड
- पांच साल का सालाना रिटर्न: 25.9%
अगर पांच साल पहले ₹1 लाख लगाए होते, तो आज ₹3.16 लाख होते.
ये क्वांट से बस 0.4% ज़्यादा है पर पांच साल में ये भी ₹5,000 का फ़र्क़ बना देता है.
UTI का फ़ंड स्थिर और भरोसेमंद रहा है. 2023 और 2024 दोनों में टॉप-क्वार्टाइल में रहा. पिछले पांच सालों में तीन बार अपने बेंचमार्क को पीछे छोड़ा है. यानि ये फ़ंड आकर्षक भले न दिखे, पर भरोसेमंद साबित हुआ है.
ये भी पढ़ेंः SIP के ज़रिए शेयरों में निवेश: क्या ये अच्छा आइडिया है?
4. बंधन लार्ज एंड मिड-कैप फ़ंड
- पांच साल के दौरान सालाना रिटर्न: 26.7%
पांच साल साल पहले इस फ़ंड में ₹1 लाख निवेश किए होते तो अब तक ₹3.27 लाख बन गए होते.
ये एक शांत परफ़ॉर्मर है, जो अब अपनी पहचान बना चुका है. बंधन का ये फ़ंड 2021 से 2024 तक लगातार चार साल टॉप-क्वार्टाइल में रहा जो किसी भी कैटेगरी में नायाब उपलब्धि है.
इसी वजह से इसे वैल्यू रिसर्च से पांच स्टार रेटिंग मिली हुई है. दिलचस्प ये भी है कि जिस तरह निवेशकों का पैसा तीन गुना हुआ, उसी तरह इसका AUM (एसेट अंडर मैनेजमेंट) भी 2021 से अब तक चार गुना बढ़ा - जो इसके ट्रैक रिकॉर्ड पर भरोसे का संकेत है.
3. HDFC लार्ज और मिड-कैप फ़ंड
- पांच साल का सालाना रिटर्न: 27%
पांच साल साल पहले इस फ़ंड में ₹1 लाख निवेश किए होते तो अब तक ₹3.3 लाख बन गए होते.
भारत की सबसे भरोसेमंद फ़ंड हाउस में से एक द्वारा संचालित HDFC का ये फ़ंड 2021 से 2024 तक लगातार चार साल अपने बेंचमार्क को पछाड़ता रहा.
2025 में ये बेंचमार्क से थोड़ा पीछे है (6.5% बनाम 7.6%), लेकिन इसका लंबा रिकॉर्ड अब भी इस कैटेगरी के बेहतरीन में गिना जाता है. जो निवेशक परफ़ॉर्मेंस और स्थिरता के बीच संतुलन चाहते हैं, उनके लिए HDFC का ये फ़ंड अब भी एक मज़बूत विकल्प है.
2. ICICI प्रूडेंशियल लार्ज और मिड-कैप फ़ंड
- पांच साल का सालाना रिटर्न: 28.4%
पांच साल साल पहले इस फ़ंड में ₹1 लाख निवेश किए होते तो अब तक ₹3.5 लाख बन गए होते.
जब कई फ़ंड्स बेंचमार्क को मात देने में संघर्ष कर रहे हैं, ICICI प्रूडेंशियल का ये फ़ंड अब तक 2025 में ही 14% रिटर्न दे चुका है - जो बेंचमार्क के 7.6% से लगभग दोगुना है.
ये स्थिरता यूं ही नहीं आई. 2021 से हर साल इसने अपने बेंचमार्क को पछाड़ा है.
कमज़ोर मार्केट फेज़ में भी इसने बेहतर प्रदर्शन किया - जहां सतर्कता के साथ शेयरों का चयन सबसे ज़्यादा मायने रखता है.
इस मज़बूत परफ़ॉर्मेंस की वजह से वैल्यू रिसर्च ने इसकी रेटिंग चार से बढ़ाकर पांच स्टार कर दी है - जो इसके प्रदर्शन और निरंतरता दोनों का प्रमाण है.
ये भी पढ़ेंः एक साल से कम के लिए इक्विटी फ़ंड में पैसा लगाना चाहते हैं? ठहरिए
1. मोतीलाल ओसवाल लार्ज और मिड-कैप फ़ंड
- पांच साल का सालाना रिटर्न: 30%
पांच साल साल पहले इस फ़ंड में ₹1 लाख निवेश किए होते तो अब तक ₹3.7 लाख बन गए होते.
ये पांच स्टार वाला फ़ंड बाकियों से काफ़ी आगे है. 2024 इसके लिए ब्लॉकबस्टर साल रहा - जब फ़ंड ने 47.8% रिटर्न दिया, जबकि बेंचमार्क सिर्फ़ 14.3% पर रहा.
हालांकि 2022 कमज़ोर रहा और 2025 में अब तक फ़ंड का रिटर्न 1.6% है (बेंचमार्क 7.6%), लेकिन जब भी मार्केट मज़बूत होता है, ये फ़ंड भारी बढ़त लेकर आता है - और यही इसे इस कैटेगरी के सबसे बड़े वेल्थ क्रिएटर में शामिल करता है.
इससे आप क्या समझते हैं
पिछले पांच सालों में लार्ज और मिड-कैप फ़ंड्स ने चुपचाप ऐसे विकल्प बनकर उभरे हैं जो इक्विटी निवेश में बेहतरीन संतुलन देते हैं - मिड-कैप की ग्रोथ के साथ लार्ज-कैप की स्थिरता.
अगर इस कैटेगरी पर गौर कर रहे हैं, तो शुरुआत वैल्यू रिसर्च रेटिंग से करें.
ये रेटिंग सिर्फ़ रिटर्न नहीं, बल्कि रिस्क-एडजस्टेड परफ़ॉर्मेंस के आधार पर दी जाती हैं, ताकि आप ऐसे फ़ंड चुन सकें जो लगातार अच्छा प्रदर्शन कर रहे हों.
लेकिन अगर अपने लक्ष्यों और रिस्क के अनुसार व्यक्तिगत रेकमंडेशन चाहते हैं, तो वैल्यू रिसर्च फ़ंड एडवाइज़र देखिए जहां एक्सपर्ट की मदद से एक सुलझा हुआ, संतुलित पोर्टफ़ोलियो तैयार होता है. ये प्लेटफ़ॉर्म आपको बताएगा कि ऊपर दिए गए कौन से लार्ज एंड मिड-कैप फ़ंड्स आपके पोर्टफ़ोलियो में जगह पाने लायक़ हैं.
फ़ंड एडवाइज़र आज ही एक्सप्लोर करें!
ये भी पढ़ेंः एक साल की SIP और लगभग "ज़ीरो" रिटर्न, जानिए कहां हो रही है ग़लती?

