न्यूज़वायर

म्यूचुअल फ़ंड्स का एक्सपेंश रेशियो होगा कम! SEBI कई बड़े बदलाव की तैयारी में

रेगुलेटर का कम ख़र्च, बेहतर पारदर्शिता और जवाबदेही की दिशा में व्यापक सुधारों का प्रस्ताव

रेगुलेटर का कम ख़र्च, बेहतर पारदर्शिता और जवाबदेही की दिशा में व्यापक सुधारों का प्रस्ताव

सारांशः SEBI के नए कंसल्टेशन पेपर में म्यूचुअल फ़ंड रेगुलेशन को पूरी तरह से दोबारा लिखने का प्रस्ताव है-ताकि नियम और सरल, पारदर्शी और आधुनिक बनाए जा सकें. इस सुधार का लक्ष्य -निवेशकों के ख़र्च को कम करना, डिस्क्लोज़र्स को और स्पष्ट बनाना और ₹75.61 लाख करोड़ के भारतीय म्यूचुअल फ़ंड उद्योग में जवाबदेही को मज़बूत करना है.

भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (SEBI) ने म्यूचुअल फ़ंड्स के संचालन के तरीक़े में व्यापक बदलाव लाने के लिए एक कंसल्टेशन पेपर जारी किया है.

इस ड्राफ्ट का उद्देश्य है:

  1. म्यूचुअल फ़ंड से जुड़े नियमों की भाषा को सरल बनाना ताकि वे और ज़्यादा निवेशक-केंद्रित हो सकें.
  2. दोहराव वाले प्रावधानों को हटाना.
  3. भारत के ₹75.61 लाख करोड़ के म्यूचुअल फ़ंड उद्योग में डिस्क्लोज़र और गवर्नेंस मानकों का आधुनिकीकरण करना.
  4. और ख़र्च को प्रदर्शन (performance) से जोड़ना-ताकि म्यूचुअल फ़ंड्स फ्लैट-फ़ी मॉडल से आगे बढ़ सकें, जहां निवेशकों को रिटर्न चाहे जो भी हों, एक तय टोटल एक्सपेंस रेशियो (TER) देना पड़ता है. नए मॉडल में निवेशकों को कम रिटर्न पर कम TER और बेहतर प्रदर्शन पर थोड़ा ज़्यादा TER देना पड़ सकता है.

साथ ही, सिक्योरिटीज ट्रांज़ैक्शन टैक्स (STT), गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स (GST), कमोडिटी ट्रांज़ैक्शन टैक्स (CTT) और स्टांप ड्यूटी जैसे टैक्स अब टोटल एक्सपेंस रेशियो (TER) में शामिल नहीं होंगे. अब TER में केवल फ़ंड हाउस से जुड़े ख़र्च शामिल होंगे. इस बदलाव से निवेशकों को ये साफ़ नज़र आएगा कि उनके कुल ख़र्च का कौन-सा हिस्सा फ़ंड हाउस को जा रहा है और कौन-सा सरकार को.

दरअसल, TER को अब स्पष्ट रूप से परिभाषित किया जाएगा-जिसमें निवेशकों से वसूले जाने वाले हर प्रकार के ख़र्च जैसे मैनेजमेंट फ़ीस, ब्रोकरेज, कस्टोडियन और ऑडिट फ़ीस, GST और रेगुलेटरी चार्ज शामिल होंगे. फ़ंड हाउसेज़ को अब अपने ख़र्च का विस्तृत विवरण प्रकाशित करना होगा, जिससे निवेशकों को अलग-अलग फ़ंड्स की तुलना करना आसान होगा और छिपे हुए चार्जेस की गुंजाइश खत्म होगी.

अन्य प्रमुख प्रस्ताव:

1. फ़ंड हाउस विस्तार कर सकेंगे, लेकिन ‘सीमाओं’ के साथ

SEBI चाहता है कि म्यूचुअल फ़ंड कंपनियां अपने रिसर्च और पोर्टफ़ोलियो मैनेजमेंट स्किल्स को दूसरे बिज़नेस में भी इस्तेमाल करें. लेकिन इन गतिविधियों को अलग-अलग यूनिट्स के रूप में चलाना होगा, जहां सख़्त ‘चीनी दीवारें’ (Chinese Walls) या सूचनाओं से जुड़े अवरोध हों-डेटा या स्टाफ़ शेयरिंग की कोई अनुमति नहीं होगी.

इन यूनिट्स की निगरानी ट्रस्टीज़ और एक विशेष समिति करेगी, और इन्हें सीधे CEO को रिपोर्ट करना होगा.

2. ब्रोकरेज चार्जेस में बड़ी कटौती

कैश ट्रेड्स के लिए ब्रोकरेज लिमिट 12 से घटाकर 2 बेसिस पॉइंट की जा सकती है और डेरिवेटिव्स ट्रेड्स के लिए 5 से घटाकर 1 बेसिस पॉइंट की जा सकती है.

3. 0.5 प्रतिशत ‘अतिरिक्त ख़र्च’ खत्म होगा

2012 में मार्केटिंग ख़र्च में मदद के लिए जो 5 बेसिस पॉइंट का अतिरिक्त ख़र्च जोड़ा गया था, उसे अब हटाया जाएगा. संतुलन बनाए रखने के लिए, SEBI ने एक्टिव ओपन-एंडेड फ़ंड्स के शुरुआती दो TER स्लैब में 5 बेसिस पॉइंट की मामूली बढ़ोतरी की है.

4. फ़ंड के क्लोज़र पर स्पष्ट नियम

जब कोई फ़ंड बंद कर दिया जाए, तो केवल ज़रूरी ख़र्च-जैसे कस्टडी, ऑडिट या निवेशकों से कम्युनिकेशन-ही वसूले जा सकेंगे. चूंकि उस फ़ंड का प्रबंधन या बिक्री अब नहीं हो रही, इसलिए मैनेजमेंट फ़ीस या डिस्ट्रीब्यूटर कमीशन नहीं लिया जा सकेगा.
इससे सुनिश्चित होगा कि निवेशकों से केवल असली क्लोज़र कॉस्ट ही ली जाए, इसके अतिरिक्त कुछ नहीं.

ये भी पढ़ेंः एक साल की SIP और लगभग "ज़ीरो" रिटर्न, जानिए कहां हो रही है ग़लती?

वैल्यू रिसर्च से पूछें aks value research information

कोई सवाल छोटा नहीं होता. पर्सनल फ़ाइनांस, म्यूचुअल फ़ंड्स, या फिर स्टॉक्स पर बेझिझक अपने सवाल पूछिए, और हम आसान भाषा में आपको जवाब देंगे.


टॉप पिक

Jio Platforms: अगले दौर की ग्रोथ कहां से आएगी?

पढ़ने का समय 7 मिनट•सत्यजीत सेन

कुछ इंटरनेशनल फ़ंड निवेश के लिए खुले, लेकिन घरेलू फ़ंड भी दे सकते हैं मौक़ा

पढ़ने का समय 7 मिनट•आकार रस्तोगी

6 इंटरनेशनल फ़ंड्स ने अपनी पुरानी SIP बंद कीं, 5 ले रहे हैं नया निवेश

पढ़ने का समय 6 मिनट•आकार रस्तोगी

Paras Healthcare IPO: भविष्य के अस्पतालों के लिए क्या इतनी क़ीमत चुकाना सही है?

पढ़ने का समय 7 मिनट•Ananya Khurana

धनतेरस पर सोना ख़रीदना निवेश नहीं है

पढ़ने का समय 5 मिनट•धीरेंद्र कुमार

म्यूचुअल फंड पॉडकास्ट

updateनए एपिसोड हर शुक्रवार

तीन साल का इंतज़ार

अभी-अभी पैर जमा रहे फ़ंड्स को परखने का चार-टेस्ट वाला तरीक़ा

अन्य एपिसोड

दूसरी कैटेगरी