
सारांशः जैसे-जैसे अमेरिका-ईरान युद्ध बाज़ार में हलचल मचा रहा है, SIP को रोकने का लालच आपको रोक नहीं पाएगा, लेकिन, ऐसे उथल-पुथल भरे माहौल में अपनी SIP को रोकना आपकी वेल्थ को इस संकट से भी कहीं ज़्यादा नुक़सान पहुंचा सकता है.
28 फ़रवरी 2026 का दिन एक आम शनिवार की तरह शुरू हुआ. लेकिन दोपहर तक ख़बरों का रुख़ अचानक बदल गया. पश्चिम एशिया में युद्ध शुरू होने की ख़बरें आने लगीं और कुछ ही घंटों में यह संघर्ष दुनिया भर की सुर्ख़ियों में आ गया.
मध्य-पूर्व में 90 लाख से ज़्यादा भारतीय रहते हैं, इसलिए बहुत-से लोग स्वाभाविक रूप से अपने प्रियजनों की सुरक्षा को लेकर चिंतित थे. लेकिन मेरे मन में एक दूसरा सवाल भी आ गया: बाज़ार का क्या होगा?
इसका जवाब मिलने में ज़्यादा देर नहीं लगी.
सोमवार (2 मार्च) को जब बाज़ार खुले तो लगभग सब कुछ लाल निशान में था. तेल की क़ीमतें बढ़ रही थीं, रुपया और कमज़ोर हो गया था, शुरुआती क़ारोबार में इंडेक्स तेज़ी से गिर गए और जल्द ही लगभग हर सेक्टर में बिक़वाली फैल गई.
मेरा पोर्टफ़ोलियो भी इससे बच नहीं पाया.
आम तौर पर मैं बाज़ार को थोड़ी चिंता के साथ देखता और फिर अपने काम में लग जाता. लेकिन इस बार एक और उलझन थी.
SIP रोकना: क्या यह सही फ़ैसला है?
उसी दिन मेरी सैलरी अकाउंट में आई थी और अब मेरी मंथली SIP (सिस्टेमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान) का समय था.
आमतौर पर SIP का दिन बिना किसी हलचल के गुज़रता है. पैसा अपने आप बैंक अकाउंट से कट जाता है और मुझे ज़्यादा ध्यान भी नहीं देना पड़ता. लेकिन बाज़ार को गिरते देखकर मैं स्तब्ध रह गया और सोचा: क्या अभी निवेश जारी रखना समझदारी है?
सोच सीधी लग रही थी. अगर किसी बड़े भू-राजनीतिक संकट की वजह से बाज़ार गिर रहा है, तो शायद थोड़ा इंतज़ार करना बेहतर हो. हो सकता है मैं इस महीने की SIP छोड़ दूं और हालात शांत होने के बाद निवेश करूं. आख़िर जब बाज़ार साफ़ तौर पर नीचे जा रहा है, तब निवेश क्यों किया जाए?
लेकिन फ़ैसला लेने से पहले मैंने एक दोस्त से राय लेने का सोचा. मैंने उससे पूछा कि क्या SIP रोकना सही होगा.
उसने मेरी बात ध्यान से सुनी और फिर एक सरल सवाल पूछा: “तुम सिर्फ़ इसलिए SIP रोकना चाहते हो क्योंकि बाज़ार गिर रहा है?”
मैंने कहा, “हां. क्या यही सही नहीं है?”
उसने सिर हिलाया और कहा, “असल में यही वह समय होता है जब SIP नहीं रोकनी चाहिए.”
पहले मैं थोड़ा उलझ गया. लेकिन जब मैंने उसकी बात का तर्क समझा, तो उसकी बात सही लगी.
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बाज़ार गिरने पर SIP ज़्यादा यूनिट जमा करने में मदद करती है
SIP इसलिए काम करती है क्योंकि इसमें बाज़ार को टाइम करने की कोशिश नहीं होती. जब बाज़ार गिरता है, तो वही तय रक़म फ़ंड की ज़्यादा यूनिट ख़रीद लेती है. और जब बाज़ार ऊपर होता है, तो उतनी ही रक़म कम यूनिट ख़रीदती है. समय के साथ यह औसत लागत को संतुलित कर देता है.
दरअसल गिरते बाज़ार में SIP चुपचाप अपना सबसे अच्छा काम करती है.
अगर आप गिरावट के समय SIP रोक देते हैं, तो वही प्रक्रिया टूट जाती है जो इसे असरदार बनाती है. तब आप कम क़ीमत पर निवेश करने से चूक जाते हैं और अक्सर तब लौटते हैं जब बाज़ार पहले ही संभल चुका होता है.
दूसरे शब्दों में कहें तो आप कम क़ीमत पर ज़्यादा यूनिट ख़रीदने का मौक़ा खो देते हैं. इसे ही ‘कॉस्ट एवरेजिंग’ कहा जाता है.
नीचे एक उदाहरण है जो दिखाता है कि ₹10,000 की मंथली SIP बाज़ार के कमज़ोर होने पर ज़्यादा यूनिट ख़रीदती है, जबकि अच्छे बाज़ार में कम यूनिट मिलती हैं.
सामान्य स्थितियों में ख़रीदी गई यूनिट
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महीना
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SIP रक़म (₹) | NAV | मंथली रिटर्न (%) | ख़रीदी गई यूनिट |
|---|---|---|---|---|
| महीना 1 | 10,000 | 10.5 | 5 | 952 |
| महीना 2 | 10,000 | 11.2 | 7 | 890 |
| महीना 3 | 10,000 | 11.7 | 4 | 856 |
जब बाज़ार कमज़ोर हो
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महीना
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SIP रक़म (₹) | NAV | मंथली रिटर्न (%) | ख़रीदी गई यूनिट |
|---|---|---|---|---|
| महीना 1 | 10,000 | 9.7 | -3 | 1031 |
| महीना 2 | 10,000 | 9.2 | -5 | 1085 |
| महीना 3 | 10,000 | 9 | -2 | 1107 |
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SIP रोकने से समय के साथ आपकी कुल रक़म कम हो सकती है
मेरे दोस्त ने एक और अहम बात बताई. अगर मैं SIP को कुछ समय के लिए भी रोक दूं, तो लंबे समय में मेरी कुल जमा रक़म कम हो सकती है.
मैंने पूछा, “कैसे? यह तो सिर्फ़ दो-तीन महीनों की बात है.”
उसने कहा, “दो-तीन महीने छोटे लगते हैं. लेकिन सिर्फ़ तीन महीने की SIP छूटना भी दौलत बनाने पर असर डाल सकता है.”
कैसे? मान लीजिए आपने लगभग 10 साल पहले ₹10,000 की मंथली SIP के साथ किसी फ़्लेक्सी-कैप फ़ंड में निवेश शुरू किया था.
नीचे देखें कि अगर आपने बिना रुके हर महीने निवेश किया होता और अगर तीन महीने के लिए SIP रोक दी होती, तो आज आपकी कुल रक़म कैसी होती.
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अगर आपने बिना रुके निवेश किया होता | अगर आपने तीन महीने SIP रोक दी होती |
|---|---|---|
| मंथली SIP | ₹ 10,000 | ₹ 10,000 |
| कुल मंथली किश्तें | 120 | 117 |
| SIP रिटर्न (XIRR) | 18.4 प्रतिशत | 18.4 प्रतिशत |
| अंतिम कुल रक़म | ₹31.2 लाख | ₹29.7 लाख |
| यह आंकड़े जनवरी 2016 से मार्च 2026 तक के लिए हैं. इसमें पराग पारिख फ़्लेक्सी कैप फ़ंड (डायरेक्ट प्लान) में ₹10,000 की मंथली SIP मानी गई है. | ||
फ़र्क साफ़ है. अगर आपने बीच में बिना रुके निवेश जारी रखा होता, तो 10 साल में आपकी कुल रक़म उस व्यक्ति से लगभग ₹1.5 लाख ज़्यादा होती जिसने सिर्फ़ तीन महीने के लिए SIP रोक दी.
सीख क्या है? बाज़ार गिर भी जाए तो SIP जारी रखें.
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बाज़ार गिरते हैं, लेकिन अक्सर हमारी उम्मीद से जल्दी संभल जाते हैं
मेरे दोस्त ने मुझे यह भी याद दिलाया कि बाज़ार इससे कहीं बड़े संकट पहले भी देख चुके हैं. युद्ध, वित्तीय संकट, महामारी और राजनीतिक झटकों ने पहले भी बाज़ार में तेज़ गिरावट लाई है. फिर भी लंबे समय में बाज़ार संभले हैं और आगे बढ़े हैं.
SIP का मक़सद उतार-चढ़ाव से बचना नहीं है. इसका मक़सद उसे पार करना है.
नियमित निवेश से आपको यह तय करने की ज़रूरत नहीं पड़ती कि अभी निवेश का सही समय है या नहीं. असल में, सच यह है कि ऐसा किसी को ठीक-ठीक पता नहीं होता.
उस बातचीत ने मुझे एक असहज सच समझाया: SIP रोकने की मेरी इच्छा किसी रणनीति से नहीं आई थी. वह सिर्फ़ डर था.
बाज़ार गिरता है तो हर निवेशक असहज महसूस करता है. अनुभवी निवेशक भी कभी-कभी बाज़ार से कुछ समय के लिए दूर रहने का मन बना लेते हैं.
लेकिन बाज़ार में स्पष्टता अक्सर तब आती है जब क़ीमतें पहले ही ऊपर जा चुकी होती हैं.
इसीलिए SIP का अनुशासन अहम है. यह आपको तब भी निवेश जारी रखने के लिए मजबूर करता है जब ख़बरें डर पैदा कर रही हों और बाज़ार का माहौल निराशाजनक हो.
इसलिए मैंने वही किया जो एक SIP निवेशक को करना चाहिए: मैंने SIP को जारी रहने दिया.
आप क्या समझें?
पश्चिमी एशिया का संघर्ष आने वाले हफ़्तों में बाज़ार को प्रभावित कर सकता है. वैश्विक अनिश्चितता ज़्यादा रह सकती है और उतार-चढ़ाव भी बना रह सकता है.
लेकिन जो व्यक्ति SIP के ज़रिए निवेश करता है, उसके लिए ये छोटे-मोटे उतार-चढ़ाव इस सफ़र का ही एक हिस्सा होते हैं.
असल में, SIP की असली ताक़त बाज़ार को टाइम करना नहीं है. असली ताक़त यह है कि जब टाइमिंग का लालच सबसे ज़्यादा हो, तब भी निवेश जारी रखा जाए.
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ये लेख पहली बार मार्च 13, 2026 को पब्लिश हुआ.
Disclaimer: यह कंटेंट सिर्फ़ जानकारी के लिए है और इसे निवेश सलाह या रेकमेंडेशन नहीं मानना चाहिए.
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