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सारांशः 19 मार्च को ₹12 लाख करोड़ ग़ायब हुए. 25 तारीख़ तक ₹14 लाख करोड़ वापस आ गए. अगर आप टिके रहे तो क्रैश ने आपका कुछ नहीं बिगाड़ा. लेकिन 31 मार्च से पहले के पांच ख़ास क़दम इस महीने किसी भी मार्केट स्विंग से ज़्यादा बचा सकते थे.
हर साल लॉन्ग-टर्म कैपिटल गेन पर टैक्स-फ़्री छूट 31 मार्च को ख़त्म हो जाती है. यह आगे नहीं जाती. यह जमा नहीं होती. बस ख़त्म हो जाती है.
ज़्यादातर निवेशक इसे जाने देते हैं. इसलिए नहीं कि वो लापरवाह हैं. इसलिए कि कोई बताता नहीं. कोई नोटिफ़िकेशन नहीं. कोई रिमाइंडर नहीं. ब्रोकरेज अकाउंट पर कोई अलर्ट नहीं. छूट बस वहां बैठी रहती है, हर दिन घटती जाती है, और आप उन चीज़ों की चिंता करते रहते हैं जिन पर आपका कोई कंट्रोल नहीं.
मार्च 2026 इस बात की एक मिसाल बन गया है कि ध्यान कहां लगाना चाहिए था और कहां लगा.
19 तारीख़ को Sensex 3.26% गिरा. एक ही सेशन में ₹12 लाख करोड़ साफ़ हो गए. Sensex के हर स्टॉक ने लाल रंग में बंद किया. तेल $119 पर पहुंचा. VIX उछला. उस दिन मुझे जो मैसेज आए सब एक ही सवाल पूछ रहे थे: "क्या यही वो बड़ा क्रैश है?"
25 तारीख़ तक मार्केट ने ₹14 लाख करोड़ वापस जोड़ लिए. तेल $100 से नीचे आ गया. किसी ने कुछ नहीं पूछा.
अगर आप टिके रहे तो क्रैश ने आपका कुछ नहीं बिगाड़ा. अगर बस देखते रहे तो रिकवरी ने भी कुछ नहीं दिया. लेकिन जब आप दोनों कर रहे थे, फ़ाइनेंशियल ईयर चुपचाप काउंटडाउन पर था. असली लागत यहीं है.
यहां है वो जो किसी ने दोनों दिन नहीं पूछा: पांच ख़ास, एक-दूसरे से जुड़े क़दम जो ज़्यादातर निवेशकों के लिए 31 मार्च से पहले इस महीने किसी भी मार्केट स्विंग से ज़्यादा पैसा बचा सकते थे. इनमें टैक्स छूट, क्रॉस-एसेट लॉस हार्वेस्टिंग, पोर्टफ़ोलियो रीबैलेंसिंग, इंश्योरेंस और सैलरी रीस्ट्रक्चरिंग शामिल हैं. तीन एक ही ट्रेड हैं. दो बातचीत हैं. मिलाकर एक दोपहर का काम है.
ज़्यादातर निवेशकों को पता ही नहीं कि ये क़दम होते हैं. जिन्हें पता है वो समझ नहीं पाते इन्हें किस क्रम में उठाएं.
यही मार्च की असली लागत है. वो ₹12 लाख करोड़ नहीं जो गए और वापस आ गए. वो पांच काम जो आप कर सकते थे और नहीं किए, क्योंकि किसी ने सामने रखकर नहीं बताए.
यही हम फ़ंड एडवाइज़र में करते हैं. मार्केट कमेंट्री नहीं. तेल या जियोपॉलिटिक्स के अनुमान नहीं. ख़ास, वक़्त पर दिए जाने वाले एक्शन, जब वो मायने रखते हों, टैक्स का हिसाब निकालकर और ट्रेड पहचानकर. साल में बारह लाइव सेशन, फ़ंड-बाय-फ़ंड रेटिंग, एक पोर्टफ़ोलियो ट्रैकर और आपके सवालों के सीधे जवाब.
इस शनिवार दोपहर बारह बजे धीरेंद्र कुमार और मैं अपने सब्सक्राइबर्स को पांचों क़दमों से गुज़ारेंगे. यही वो क्लैरिटी है जो मार्केट को देखने और उसे असल में इस्तेमाल करने के बीच फ़र्क़ करती है.
अगर मार्च ने यह सिखाया कि आपको पता था क्या हो रहा है लेकिन यह नहीं कि इसके बारे में क्या करें, तो यही वो समस्या है जो फ़ंड एडवाइज़र सुलझाता है. सब्सक्रिप्शन उतने से भी कम में आती है जितना टैक्स सिर्फ़ पहले क़दम से बचाया जा सकता है. इस शनिवार का सेशन आपको बिल्कुल दिखाएगा कैसे. यहां सब्सक्रिप्शन शुरू करें और दोपहर बारह बजे हमारे साथ जुड़ें.
Disclaimer: यह कंटेंट सिर्फ़ जानकारी के लिए है और इसे निवेश सलाह या रेकमेंडेशन नहीं मानना चाहिए.
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