Anand Kumar
सारांश: मैं असल में कैसा कर रहा हूं? क्या उस फ़ंड की चिंता करनी चाहिए जो 18 महीने से गिर रहा है? क्या मैंने स्मॉल कैप में बहुत ज़्यादा पैसा लगा दिया है? उन तीन फ़ंड्स का क्या करूं जिन्हें 2020 के बाद से छोड़ ही दिया? अगली SIP कहां जानी चाहिए? बेटे की कॉलेज की तैयारी सही ट्रैक पर है? और इस हफ़्ते बाज़ार में हो क्या रहा है?
ऊपर लिखे सवालों की एक मानसिक फ़ेहरिस्त मैं 30 साल से मन में संजोए हुए हूं. जिस भी निवेशक से मिला हूं, उसके पास इसी तरह की एक लिस्ट होती है. किसी ऐसी महिला के बारे में सोचिए जिसकी उम्र 40 से कम हो, क़रीब एक दशक से निवेश कर रही है, नौ-दस फ़ंड्स में पैसा लगाया हुआ है, पैसों के मामले में ख़ुद को समझदार मानती हैं, लेकिन किसी बेतकल्लुफ़ लम्हे में चाय पर यह भी मान लेती हैं कि कुछ छोटे-छोटे सवाल हैं जो कभी पूरी तरह खत्म नहीं होते.
उस लिस्ट को एक बार फिर देखिए. इनमें से एक भी सवाल मुश्किल नहीं है. कोई भी काबिल एडवाइज़र, जिसके पास उनके पोर्टफ़ोलियो की पूरी जानकारी हो, इनका जवाब कुछ ही मिनटों में दे सकता है. और फिर भी ज़्यादातर भारतीय निवेशकों के लिए ये सवाल बरसों तक - कभी-कभी दशकों तक - बिना जवाब के लटके रहते हैं.
वजह यह नहीं है कि जवाब खोजना मुश्किल है. वजह यह है कि हमने जो एडवाइज़ इंडस्ट्री खड़ी की है, वो इन जवाबों के लिए बनी ही नहीं है. बैंक के रिलेशनशिप मैनेजर का आकलन उसके प्रोडक्ट बेचने के आधार पर किया जाता है - उसे क्या फ़ायदा जो वो कहे कि आपका पोर्टफ़ोलियो ठीक है और कुछ करने की ज़रूरत नहीं? डिस्ट्रीब्यूटर को एक्टिविटी पर कमीशन मिलता है और जो पोर्टफ़ोलियो निष्क्रिय पड़ा हो वो उसके लिए फ़ायदेमंद नहीं. सोशल मीडिया का एक्सपर्ट आपको जानता ही नहीं - वो भीड़ से बात कर रहा होता है. WhatsApp फ़ॉरवर्ड बताता है- क्या ख़रीदें, लेकिन क्या नज़रअंदाज़ करें - यह कभी नहीं बताता. ये सभी उन सवालों का जवाब देते हैं जो आपने पूछे ही नहीं, और जो असल में पूछे वो हवा में लटके रह जाते हैं.
Value Research Fund Advisor इसी ख़ाली जगह को भरने के लिए बना है. यह सबसे पहले और सबसे ज़रूरी एक ऐसी जगह है जहां उन सवालों का आख़िरकार कोई ठिकाना है.
सोचिए कि इन सवालों का सच में जवाब देने के लिए क्या चाहिए. "मैं कैसा कर रहा हूँ?" का कुछ काम का जवाब देने के लिए कोई ऐसा चाहिए जो आपका पूरा पोर्टफ़ोलियो - परिवार के अलग-अलग सदस्यों का, अलग-अलग AMC का, बरसों की जमी-जमाई परतों का - देखे और वो भी एक ऐसे नज़रिए से जो कुछ बेचने की कोशिश नहीं कर रहा. यही काम हमारा Portfolio Analysis करता है. पिछले महीने एक सब्सक्राइबर ने हमसे संपर्क किया जिनके दो डीमैट अकाउंट्स और तीन फ़ोलियो में 11 फ़ंड्स थे. एनालिसिस से सामने आया कि इनमें से चार लार्ज-कैप फ़ंड लगभग एक ही काम कर रहे थे और उनका "डाइवर्सिफ़ाइड" पोर्टफ़ोलियो असल में 70 प्रतिशत लार्ज-कैप दांव था जिसके किनारों पर थोड़ी सजावट थी. नौ साल से वो इसमें पैसा लगाती रहीं और यह उन्हें पता ही नहीं था.
ज़ाहिर तौर पर अगला सवाल है: क्या ठीक करूं? यहां जवाब देने का ज़रिया है हमारी Buy, Sell, Hold और Avoidable से जुड़ी सलाह. देश के हर बड़े एक्टिव इक्विटी और हाइब्रिड फ़ंड को एक साफ़ टैग मिलता है, जो नियमित रूप से अपडेट होता है और जिसकी वजह भी लिखी होती है ताकि आप सोच समझकर फ़ैसला कर सकें. Sell का मतलब सिर्फ़ कोई स्टार रेटिंग का धीरे-धीरे गिरना नहीं है. इसका मतलब है कि हमारे एनालिस्ट को लगता है कि इस फ़ंड की जगह बेहतर विकल्प मौजूद हैं. एक सब्सक्राइबर चार साल से एक मिड-कैप फ़ंड पकड़े बैठे थे, देख रहे थे कि वो डूब रहा है, ख़ुद को समझाते रहे कि पलटेगा. हमारे Sell वर्डिक्ट ने उन्हें वो एक चीज़ दी जो उनके पास थी ही नहीं: एक लिखित वजह, किसी ऐसे इंसान की तरफ़ से जिसे स्विच से एक पैसे का कमीशन नहीं मिलना था. उन्होंने रक़म निकाली और रातों को सुकून नींद आने लगी.
अगली SIP कहां जाए? इसके जवाब दो तरह के निवेशकों के हिसाब से अलग-अलग हैं. जो एक छोटी, भरोसेमंद लिस्ट से ख़ुद फ़ंड चुनना चाहते हैं, उनके लिए है एनेलिस्ट की पसंद (Analyst's Choice), यानी हमारे Buy यूनिवर्स से चुने गए सबसे पक्के विकल्प. जो पूरा काम किसी और के हवाले करना चाहते हैं, उनके लिए है Portfolio Planner, जो एक लक्ष्य, एक समय-सीमा और जोखिम उठाने की क्षमता लेकर एसेट एलोकेशन और फ़ंड सलेक्शन समेत पूरा पोर्टफ़ोलियो तैयार करता है. ये दो सही तरीक़े हैं, वो भी बिना किसी झंझट के.
Planner उस सवाल का जवाब भी देता है जो शायद सबसे ज़रूरी है: "क्या मैं अपने लक्ष्य की तरफ़ सही रास्ते पर हूं?" कोई फ़ंड जो दो साल में 12 प्रतिशत गिरा हो, वो 12 साल दूर के लक्ष्य के लिए अब भी सही होल्डिंग हो सकता है. जो पोर्टफ़ोलियो कंज़रवेटिव दिखे, वो तीन साल के लक्ष्य के लिए बेहद जोखिम भरा हो सकता है. Planner लक्ष्य और पोर्टफ़ोलियो को साथ रखता है, और जैसे-जैसे बाज़ार बदलते हैं और हालात बदलते हैं, लगातार यह जांचता रहता है कि दोनों एक सही दिशा में हैं या नहीं.
अब आख़िरी और सबसे ज़रूरी सवाल: क्या हो रहा है? इस हफ़्ते कुछ चिंता की बात है? कोई नया आइडिया ध्यान देने लायक़ है? यहां मैं आता हूं. हर शनिवार मैं Advisor's Note लिखता हूं जो सब्सक्राइबर्स के इनबॉक्स में पहुंचता है - हफ़्ते का शोर काटकर यह बताने की पूरी कोशिश के साथ कि क्या नज़रअंदाज़ करना है, असली जोख़िम क्या है और इस वक़्त आप सबसे ज़्यादा कौन-सी ग़लती करने की कगार पर हैं. और महीने में एक बार फ़ंड एनालिसिस टीम और मैं मेंबर्स के साथ सीधे - बिना स्क्रिप्ट, बिना सेल्स पिच के- लाइव आते हैं और उस दिन आप हर वो सवाल पूछ सकते हैं, जो भी आपके मन में हो.
यही आख़िरी हिस्सा है जहां Fund Advisor किसी प्रोडक्ट जैसा नहीं, कुछ और लगने लगता है. जो टूल्स - Analysis, सलाह, Planner और Analyst's Choice - मैंने बताए, ये अपने-अपने तरीक़े से उपयोगी हैं, लेकिन कोई भी काबिल टीम एक साल में कुछ ऐसा बना सकती है. इन्हें सब्सक्राइब करने लायक़ जो बनाता है, वो यह है कि ये एक रिलेशनशिप का हिस्सा हैं.
एक जाना-पहचाना नाम, हर हफ़्ते एक तय वक़्त पर आपको लिखता है. एक जानी-पहचानी टीम, हर महीने एक तय सेशन में आपके सवाल लेती है. और एक इनकम मॉडल जो सिर्फ़ आपके सब्सक्रिप्शन पर टिका है, कुछ और नहीं. Fund Advisor के लैंडिंग पेज पर यह साफ़ लिखा है: हम किसी फ़ंड पर सलाह देने के लिए एक रुपया नहीं कमाते. यही एक वाक्य यह समझाता है कि आपको हमसे जो जवाब मिलते हैं, वे वही क्यों होते हैं-न कि जवाबों का कोई ऐसा दूसरा सेट, जिसे देना हमारे लिए ज़्यादा फ़ायदेमंद होता.
Value Research Fund Advisor से जुड़ें
