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सारांशः ₹624 करोड़ की संपत्ति. शेयर बाज़ार में सिर्फ़ ₹19 लाख. बाकी सब बैंक में. थलपति विजय के हलफ़नामे ने जो किया वो कोई बाज़ार की गिरावट नहीं कर पाई, पांच लाख फ़िनइन्फ़्लुएंसर की रातों की नींद उड़ा दी.
इस देश में दो तरह के लोग होते हैं. एक जो बाज़ार में पैसा लगाते हैं और रातभर NAV देखते हैं. दूसरे जो बैंक में पैसा रखते हैं और चैन से सोते हैं. थलपति विजय दूसरे क़िस्म के इंसान हैं. और यही बात इस देश के हर फ़िनइन्फ़्लुएंसर को रात को नींद नहीं आने देती.
बात उस रात की है जब दिल्ली में एक फ़िनइन्फ़्लुएंसर रिंग लाइट के सामने बैठा था. बाल सेट थे, शर्ट इस्त्री की हुई थी, माइक लगा था. स्क्रीन पर लिखा था "₹500 की SIP से शुरू करें अपने निवेश का सफ़र." वो कैमरा ऑन करने ही वाला था कि फ़ोन पर नोटिफ़िकेशन की घंटी बजी और झटके ने दस्तक दी. उसने देखा, एक बार पढ़ा, दो बार पढ़ा और फिर फ़ोन रख दिया. रिंग लाइट बंद हो गई, माइक उतर गया, शर्ट पर सिलवटें पड़ गईं और नौजवान कुर्सी पर धंस गया.
असल में, थलपति विजय ने हलफ़नामा दाखिल कर दिया था.
थलपति आए, हलफ़नामा लाए
TVK चीफ़ विजय. उर्फ़ थलपति. उर्फ़ वो शख़्स जिसने Mersal में पूरी मेडिकल इंडस्ट्री को ललकारा, Master में जेल के अंदर से गुंडे साफ़ किए, Bigil में फ़ुटबॉल टीम को वर्ल्ड चैंपियन बनाया और Beast में सुपरमार्केट में अकेले आतंकवादी निपटाए. यानी पर्दे पर जो मुश्किल काम था, वो किया. और असल ज़िंदगी में? ₹313 करोड़ बैंक में रखे और चैन से सोए. यही असली हीरो की पहचान है.
बंगाल में इसी हफ़्ते चुनाव हुए. जो जीते उन्होंने कहा जनता ने आशीर्वाद दिया, जो हारे उन्होंने कहा EVM ने धोखा दिया. यह भारतीय लोकतंत्र का पुराना और भरोसेमंद रंगमंच है जो हर चुनाव के बाद उगता है, सबको अपनी-अपनी जगह दिखाता है और फिर अगले पांच साल के लिए ग़ायब हो जाता है. लेकिन असली ख़बर बंगाल से नहीं, तमिलनाडु से आई. 27 पन्नों का हलफ़नामा. और उन 27 पन्नों ने इस देश के हर फ़िनइन्फ़्लुएंसर को वो दर्द दिया जो कोई बाज़ार की गिरावट नहीं दे पाई थी.
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₹313 करोड़ बैंक में, और शेयर बाज़ार में ₹19 लाख
विजय जी की कुल संपत्ति है ₹624 करोड़. इसमें से ₹213 करोड़ एक अकेले सेविंग्स अकाउंट में पड़े हैं. इंडियन ओवरसीज़ बैंक की सलिग्रामम ब्रांच में. हां, एक. अकेला. सिंगल. ओन्ली वन. ₹213 करोड़ एक सेविंग्स अकाउंट में, जहां ब्याज मिलता है 3-4%, यानी सालाना ₹6-8 करोड़, यानी हर महीने ₹50-60 लाख, बिना कुछ किए, बिना SIP के, बिना NAV देखे, बिना किसी "इस बार बाज़ार ज़रूर ऊपर जाएगा" वाली उम्मीद के.
इतना काफ़ी नहीं था तो ₹100 करोड़ FD में और लगा दिए, चार बैंकों में बांट कर, जैसे कोई घरवाली टिफ़िन में अलग-अलग डिब्बों में खाना रखती है ताकि कुछ मिले न मिले, कोई न कोई डिब्बा तो खुले. एक्सिस बैंक में ₹40 करोड़, IOB में ₹25 करोड़, HDFC में ₹20 करोड़ और SBI में ₹15 करोड़. Kaththi में उन्होंने कॉर्पोरेट की धोखाधड़ी के ख़िलाफ़ लड़ाई लड़ी थी, लेकिन असल ज़िंदगी में उन्हीं कॉर्पोरेट बैंकों में पैसा रखा. कोई विरोधाभास नहीं, यही असली समझदारी है. कुल मिलाकर ₹313 करोड़ बैंक में. और शेयर बाज़ार में? ₹19.37 लाख. यानी पूरी संपत्ति का 0.04%. इतना कि बाज़ार में लगाया है, बस यह बताने के लिए. जैसे किसी शादी में एक चम्मच खाना थाली में डालते हैं, इसलिए नहीं कि खाना है, बल्कि इसलिए कि मना करना मुश्किल था.
फ़िनइन्फ़्लुएंसर कम्युनिटी में भूचाल
वो दिल्ली वाला नौजवान अकेला नहीं था. पूरे देश में ऐसे हज़ारों नौजवान थे जो उस रात अपने-अपने कमरों में रिंग लाइट बंद करके बैठ गए. और X पर ऐसा तूफ़ान आया जैसा शायद किसी बजट के दिन भी नहीं आता. एक महोदय ने लिखा कि “थलपति विजय FD में पैसा रखकर Nifty को मात दे रहे हैं, ₹300 करोड़ कैश पर बैठे हैं, बिल्कुल वॉरेन बफ़े की तरह जो 300 अरब डॉलर कैश में रखते हैं, थलपति सच में दूरदर्शी हैं.” एक और महाशय ने बड़ी मेहनत से कैलकुलेटर उठाया और हिसाब लगाया कि विजय जी की कुल संपत्ति ₹600 करोड़ है और उन्होंने ₹100 करोड़ बैंक FD में लगाए हैं जो उनकी कुल संपत्ति का 17% है, यह बहुत घटिया निवेश सलाह है, 6.5% ब्याज दर मानें तो ₹100 करोड़ पर सालाना ₹6.5 करोड़ मिलेंगे लेकिन 3% महंगाई घटाओ तो असली रिटर्न सिर्फ़ 3.5% बचता है. किसी ने PSU स्टॉक सुझाया, किसी ने डेट फ़ंड, किसी ने सरकारी बॉन्ड. और एक ने सीधे लिखा कि विजय हर फ़िनइन्फ़्लुएंसर के लिए एक बुरा सपना हैं.
और विजय जी? वो शायद उस वक़्त सो ही रहे थे. असल में, जब ₹313 करोड़ बैंक में हों तो नींद बहुत अच्छी आती है.
असली सबक़ जो कोई नहीं बताएगा
यहां एक ज़रूरी बात है जो कोई फ़िनइन्फ़्लुएंसर नहीं बताएगा, क्योंकि इसे बताने में उसका धंधा मारा जाता है. राजनीति में पैसा वहां रखा जाता है जहां वो दिखे. बैंक में पड़ा पैसा दिखता है, FD दिखती है, पासबुक में लिखी होती है. म्यूचुअल फ़ंड में? भाईसाहब, उसकी क़ीमत तो रोज़ ऊपर-नीचे होती रहती है, यह हलफ़नामे में अच्छा नहीं लगता. शेयर बाज़ार में? भाईसाहब, अंदर की ख़बर पर कारोबार का शक़ होगा और शक़ राजनीति में कैरियर ख़त्म करता है. FD में? सुरक्षित, साफ़, हलफ़नामे में शोभा देता है. विजय जी ने यह समझा. हम नहीं समझे.
और वो X यूज़र जो "3.5% असली रिटर्न बहुत कम है" कह रहे थे, उनसे एक सवाल. ₹100 करोड़ पर 3.5% यानी ₹3.5 करोड़ सालाना, यानी हर महीने ₹29 लाख, बिना काम किए. आप म्यूचुअल फ़ंड में पैसा लगाते हैं, बाज़ार गिरता है, आप रोते हैं, NAV देखते हैं, फिर रोते हैं. विजय जी FD में पैसा लगाते हैं, बाज़ार चाहे जो करे, उन्हें फ़र्क़ नहीं, हर महीने पैसा आता है. बताइए कौन ज़्यादा समझदार है.
ज़मीन, सोना और तमिलियों की समझदारी
अब ज़मीन-जायदाद की बात. ₹220 करोड़ की संपत्ति, दस रिहायशी मक़ान नीलांकरई, सलिग्रामम, मायलापोर और एग्मोर में, कई व्यावसायिक संपत्तियां जिनकी कुल क़ीमत ₹82.8 करोड़ है और पोरूर में 33,955 वर्ग फ़ुट का भूखंड. GOAT में विजय जी ने दिखाया था कि सच्चा हीरो वो होता है जो अपनों की हिफ़ाज़त करे. असल ज़िंदगी में उन्होंने अपनी दौलत की हिफ़ाज़त ज़मीन, सोने और FD से की. कोई रिस्क नहीं, कोई घबराहट नहीं. यही तमिल समझदारी है. बाक़ी जनता को म्यूचुअल फ़ंड की सलाह देने दो.
सियासती रंगमंच का सबसे बड़ा सच
यही सियासती सर्कस का असली तमाशा है. बंगाल में चुनाव हुए, हर पार्टी ने वादे किए, जनता ने वोट दिया और अब अगले पांच साल यह देखा जाएगा कि वादे पूरे होते हैं या नहीं. तमिलनाडु में विजय जी ने जीतकर हलफ़नामा दिया और उस हलफ़नामे ने यह साबित कर दिया कि जब ₹624 करोड़ हों तो किसी की सलाह की ज़रूरत नहीं होती. Leo में उनका किरदार कहता है कि “मैं कर सकता हूं”. हलफ़नामे में उन्होंने साबित किया कि ₹313 करोड़ बैंक में रखना भी एक क़ला है और वो यह क़ला जानते हैं. जो जीतता है उसे सलाह नहीं दी जाती, सलाह हारने वाले को दी जाती है. और विजय जी दोनों तरफ़ से जीत रहे हैं, चुनाव में भी और FD में भी.
थलपति को सलाम. FD को प्रणाम. और उस दिल्ली वाले नौजवान को भी, जो अगली सुबह उठा, नहाया, रिंग लाइट जलाई, माइक लगाया और नया वीडियो बनाया. टाइटल था, "थलपति की FD स्ट्रैटेजी से सीखें: जब नेता से बेहतर निवेश सलाह मिले." चैनल के सब्सक्राइबर उस दिन 10 हज़ार बढ़ गए. "₹500 से SIP शुरू करें" वाला वीडियो उसने डिलीट कर दिया.
और विजय जी? वो उस वक़्त भी सो रहे थे. हर महीने ₹50 लाख ब्याज आने वाले इंसान की नींद कोई YouTube वीडियो ख़राब नहीं करता.
एक ज़रूरी बात: थलपति की स्ट्रैटेजी मत अपनाइए
यह कहानी मज़ेदार है. लेकिन वैल्यू रिसर्च आपसे साफ़ कहना चाहता है कि थलपति की FD को निवेश की सलाह मत समझिए.
जिनके पास ₹624 करोड़ हों, उन्हें भविष्य की चिंता नहीं होती. बड़ी दौलत बनाना उनका गोल नहीं होता, जो है उसे टिकाए रखना काफ़ी है. FD और सेविंग्स अकाउंट उनके लिए सही है. आपका गोल अलग है. आपको वेल्थ बनानी है. इसके लिए सेविंग्स अकाउंट का 3-4% और FD का 6.5-7% काफ़ी नहीं. महंगाई घटाने के बाद असली रिटर्न 2-3% बचता है. यह पैसे को बढ़ाना नहीं, घिसते देखना है.
वैल्यू रिसर्च बड़ी रक़म को पूरी तरह फ़िक्स्ड इनकम में रखने की सलाह नहीं देता. इमरजेंसी के लिए लिक्विड फ़ंड, 3-5 साल के लक्ष्य के लिए डेट फ़ंड और लॉन्ग-टर्म वेल्थ के लिए इक्विटी म्यूचुअल फ़ंड, यह तीनों मिलकर वो काम करते हैं जो FD अकेले कभी नहीं कर सकती.
थलपति ने FD चुनी क्योंकि उनके पास पहले से इतना है कि बढ़ाने की ज़रूरत नहीं. आप FD चुनेंगे तो इतना कभी नहीं होगा कि बढ़ाने की ज़रूरत न रहे. वैल्यू रिसर्च फ़ंड एडवाइज़र 30 साल की रिसर्च पर आधारित सलाह देता है, वो भी ज़ीरो कमीशन पर. ताकि आप थलपति जितने अमीर भले न हों, लेकिन आपका पैसा थलपति की तरह बेकार न बैठे.
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ये लेख पहली बार मई 06, 2026 को पब्लिश हुआ.
Disclaimer: यह कंटेंट सिर्फ़ जानकारी के लिए है और इसे निवेश सलाह या रेकमेंडेशन नहीं मानना चाहिए.
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