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₹25,000 की SIP के लिए टॉप फ़ंड की लिस्ट पर भरोसा करें या नहीं? 10 साल के डेटा से समझें

5 साल के 16 टॉप फ़ंड में से सिर्फ़ 4 उससे अगले 5 साल में टॉप पर टिके रहे, SIP के लिए फ़ंड चुनने से पहले यह डेटा देखिए

5 साल के 16 टॉप फ़ंड में से सिर्फ़ 4 उससे अगले 5 साल में टॉप पर टिके रहे, SIP के लिए फ़ंड चुनने से पहले यह डेटा देखिए Abhijeet Pandey/AI Generated Image

सारांशः  ₹25,000 की SIP शुरू करने वाले अक्सर "टॉप फ़ंड" की लिस्ट देखकर फ़ंड चुनते हैं. हमने वैल्यू रिसर्च के डेटा से जांचा कि 2016-21 के टॉप फ़ंड 2021-26 में कहां पहुंचे. लार्ज-कैप में टॉप 6 में से एक भी टॉप पर नहीं टिका और फ़्लेक्सी-कैप में 5 में से सिर्फ़ 1. यानी पिछली रैंक पर भरोसा करने से पहले यह तय करना बेहतर है कि कितना पैसा इक्विटी में रखना है और कितने कम फ़ंड से काम चल जाएगा.

₹25,000 की SIP शुरू करते वक़्त ज़्यादातर लोग यही करते हैं. पिछले 5 साल के टॉप फ़ंड देखे और उन्हीं में SIP शुरू कर दी. पर सोचिए, अगर किसी ने ठीक यही काम अक्तूबर 2021 में किया होता, तो उसके साथ क्या होता? 

वैल्यू रिसर्च के 5 अक्तूबर 2026 के डेटा से हमने तीन कैटेगरी के वो टॉप 25 प्रतिशत फ़ंड लिए, जिनका पूरा 10 साल का रिकॉर्ड है. फिर इन 10 सालों को 5-5 साल के दो हिस्सों में बांटा. पहला, अक्तूबर 2016 से अक्तूबर 2021 तक. दूसरा, अक्तूबर 2021 से अक्तूबर 2026 तक. फिर देखा कि पहले 5 साल में जो फ़ंड सबसे आगे थे, वो अगले 5 साल में कहां पहुंचे.

कैटेगरी 10 साल के रिकॉर्ड वाले फ़ंड 2016-21 के कैटेगरी के टॉप 25% फ़ंड 2021-26 में भी टॉप पर टिके 2021-26 में आधे से नीचे खिसके
एक्टिव लार्ज-कैप 24 6 0 5
एक्टिव फ़्लेक्सी-कैप 19 5 1 3
एग्रेसिव हाइब्रिड 21 5 3 1

सोर्स: वैल्यू रिसर्च, 5 अक्तूबर 2026 का डेटा, हिसाब हमारा. "टॉप" यानी हर कैटेगरी के सबसे ऊपर के क़रीब एक-चौथाई फ़ंड. 2016-21 का रिटर्न 10 साल और 5 साल के रिटर्न से निकाला गया है. सिर्फ़ डायरेक्ट प्लान लिए गए हैं. इंडेक्स फ़ंड, ETF, फ़ंड ऑफ़ फ़ंड्स, रिटायरमेंट, चिल्ड्रन और इंश्योरेंस से जुड़ी स्कीमें शामिल नहीं हैं. और इसमें वही फ़ंड हैं जो आज मौजूद हैं, इस दौरान बंद या मर्ज हुए फ़ंड नहीं. नीचे की तीनों टेबल में फ़ंड के सालाना पॉइंट-टू-पॉइंट रिटर्न हैं, SIP के रिटर्न नहीं. ब्रैकेट में उस कैटेगरी के अंदर फ़ंड की रैंक है.

लार्ज-कैप: पूरी लिस्ट ही पलट गई

फ़ंड
2016-21 2021-26
Axis Large Cap Fund 19.48% (1) 4.99% (24)
Canara Robeco Large Cap Fund 18.67% (2) 8.12% (16)
Mirae Asset Large Cap Fund 17.82% (3) 6.92% (19)
Sundaram Large Cap Fund 17.47% (4) 7.24% (18)
Kotak Large Cap Fund 16.46% (5) 8.31% (14)
Edelweiss Large Cap Fund 16.33% (6) 9.30% (9)

2021 में जो फ़ंड सबसे अच्छा लार्ज-कैप फ़ंड नज़र आ रहा था, अगले 5 साल में उसका रिटर्न 24 फ़ंड में सबसे कम रहा. और टॉप 6 में से 5 फ़ंड आधे से नीचे खिसक गए.

फ़्लेक्सी-कैप: 5 में से सिर्फ़ 1 टिका रहा

फ़ंड
2016-21 2021-26
Quant Flexi Cap Fund 24.10% (1) 13.71% (3)
Parag Parikh Flexi Cap Fund 22.79% (2) 11.16% (7)
PGIM India Flexi Cap Fund 21.51% (3) 7.44% (17)
UTI Flexi Cap Fund 19.78% (4) 3.96% (19)
Canara Robeco Flexi Cap Fund 19.12% (5) 8.76% (16)

यहां सिर्फ़ पहले नंबर का फ़ंड ही टॉप 5 में बचा और 3 फ़ंड आधे से नीचे चले गए. और उल्टा भी हुआ. 2016-21 के सबसे कमज़ोर 5 फ़ंड में से 2, अगले 5 साल में टॉप 5 में पहुंच गए.

एग्रेसिव हाइब्रिड: यहां टॉप फ़ंड ज़्यादा टिके रहे

फ़ंड
2016-21 2021-26
Quant Aggressive Hybrid Fund 19.57% (1) 12.15% (5)
Bank of India Aggressive Hybrid Fund 17.49% (2) 14.55% (1)
Mirae Asset Aggressive Hybrid Fund 16.53% (3) 9.40% (10)
ICICI Prudential Aggressive Hybrid Fund 16.31% (4) 13.39% (2)
Canara Robeco Aggressive Hybrid Fund 15.89% (5) 8.69% (14)

यहां तस्वीर अलग है. टॉप 5 में से 3 फ़ंड अगले 5 साल में भी टॉप 5 में रहे. यानी पुराना रिकॉर्ड बिल्कुल बेकार नहीं है. पर सिर्फ़ रैंक देखकर फ़ंड चुनना एक दांव है, जो कहीं लग जाता है और कहीं नहीं.

तो क्या पिछड़े फ़ंड ख़राब हैं?

नहीं. हर फ़ंड का पैसा लगाने का अपना तरीक़ा होता है. वो तरीक़ा बाज़ार के किसी एक दौर में चमकता है और किसी दूसरे दौर में पिछड़ जाता है.

इन 10 सालों में बाज़ार का दौर सच में बदला. Nifty 50 इंडेक्स फ़ंड ने 2016-21 में सालाना क़रीब 16% दिया था, पर 2021-26 में सिर्फ़ क़रीब 6%. साथ ही, जो फ़ंड अच्छा करता है, उसमें आमतौर पर पैसा तेज़ी से आता है. फ़ंड बड़ा होता जाता है, और कई बार उसके लिए पुराने तरीक़े पर चलना मुश्किल हो जाता है. कभी-कभी उसका मैनेजर भी बदल जाता है.

₹25,000 की SIP वालों के लिए इसका मतलब क्या है?

पहला फ़ैसला फ़ंड का नहीं, इक्विटी का है. तीनों कैटेगरी में बीच वाले फ़ंड का रिटर्न, यानी मीडियन, अगले 5 साल में घटा. लार्ज-कैप में 15.27% से 8.39%, फ़्लेक्सी-कैप में 16.33% से 10.10% और एग्रेसिव हाइब्रिड में 13.69% से 9.14%. यानी बाज़ार बदला, तो हर फ़ंड पर असर पड़ा. पर जिस कैटेगरी में इक्विटी के साथ डेट का भी एक हिस्सा होता है, यानी एग्रेसिव हाइब्रिड, उसका रिटर्न सबसे कम गिरा. इसलिए पहले यह तय कीजिए कि आपका गोल कितना दूर है और बाज़ार गिरने पर भी आप कितने समय तक SIP चालू रख पाएंगे. उसी से तय होगा कि आपके पैसे का कितना हिस्सा इक्विटी में जाए.

कम फ़ंड, कम दांव. हर एक्टिव फ़ंड लेना इस बात पर दांव लगाना है कि उसका मैनेजर आगे भी अच्छा करेगा. और ऊपर का डेटा बताता है कि यह दांव अक्सर नहीं टिकता. यानी जितने ज़्यादा फ़ंड, उतने ज़्यादा दांव और उन पर नज़र रखने के लिए उतनी ही ज़्यादा मेहनत. ज़्यादातर नए निवेशकों के लिए एक या दो सही फ़ंड काफ़ी हैं.

इंडेक्स फ़ंड: ग़लत फ़ंड चुनने का डर नहीं. 2021-26 में सभी Nifty 50 इंडेक्स फ़ंड का रिटर्न 5.40% से 6.11% के बीच रहा. यानी इनमें कोई भी लें, नतीजा लगभग एक जैसा मिलता है, और आपको बस बाज़ार जितना रिटर्न मिलता है. पर यह भी सच है कि इस दौर में ज़्यादातर एक्टिव लार्ज-कैप फ़ंड इंडेक्स से आगे रहे. इसकी एक बड़ी वजह यह थी कि Nifty 50 के सबसे बड़े शेयर पीछे रह गए. यह इससे भी दिखता है कि जिन इक्वल वेट इंडेक्स फ़ंड में Nifty 50 के सभी 50 शेयरों में बराबर पैसा लगता है, उन्होंने इसी दौर में 9.84% से 9.95% दिया. इसलिए इंडेक्स फ़ंड को उसकी सादगी और कम ख़र्च के लिए चुनिए, इस उम्मीद में नहीं कि वो हमेशा आगे रहेगा.

एक नया रास्ता: लाइफ़ साइकल फ़ंड. SEBI ने 26 फ़रवरी 2026 के सर्कुलर से यह नई कैटेगरी शुरू की है. इन फ़ंड के नाम में ही वो साल लिखा होता है, जब फ़ंड मैच्योर होगा. और जैसे-जैसे वो साल पास आता है, फ़ंड अपने आप इक्विटी घटाता और डेट बढ़ाता जाता है. यानी किसी एक तय गोल के लिए एक ही फ़ंड वो काम कर सकता है, जिसके लिए लोग कई फ़ंड रखते हैं. पर जल्दबाज़ी मत कीजिए. पहले लाइफ़ साइकल फ़ंड जून-जुलाई 2026 में ही आए हैं, इसलिए इनका रिकॉर्ड बस कुछ महीनों का है. और शुरुआती तीन साल में पैसा निकालने पर एग्ज़िट लोड लगता है.

आख़िर में

टॉप फ़ंड की लिस्ट बस यह बताती है कि पिछले कुछ सालों में क्या हुआ. पर आपकी SIP के लिए ज़रूरी यह है कि अगले 10-15 साल के उतार-चढ़ाव में आप टिके रह पाएं.

इसलिए ₹25,000 की SIP के लिए तीन फ़ंड नहीं, तीन फ़ैसले ज़रूरी हैं. कितना पैसा इक्विटी में रखना है. कितने कम फ़ंड से काम चल जाएगा. और किस हालत में आप कोई फ़ंड बदलेंगे. और हां, किसी फ़ंड को सिर्फ़ इसलिए मत छोड़िए कि एक साल वो रैंकिंग में नीचे आ गया.

कोई फ़ंड भरोसे लायक़ है या नहीं, यह उसकी रैंक से नहीं, गहरी रिसर्च से पता चलता है. वैल्यू रिसर्च फ़ंड एडवाइज़र हर फ़ंड पर ख़रीदने, रखने या बेचने की राय देता है, ताकि आप फ़ंड अपने गोल के हिसाब से चुनें, पिछले साल की लिस्ट के हिसाब से नहीं.

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