फ़र्स्ट पेज

सौ मर्जो की एक दवा इक्विटी में निवेश

अपनी पूंजी को महंगाई के असर से बचाने के लिए खत्‍म करें इक्विटी में निवेश का डर

अपनी पूंजी को महंगाई के असर से बचाने के लिए खत्‍म करें इक्विटी में निवेश का डर

आपको लंबी अवधि के लिए इक्विटी में निवेश करना चाहिए। अगर आप ऐसा नहीं करते हैं तो खुद को बुढ़ापे में गरीबी के खतरे में डाल रहे हैं। सामान्‍य तौर पर सिर्फ कुछ लोग ऐसे हैं जिनको जिंदगी भर इतनी इनकम होती है, जो महंगाई दर से अधिक होती है। बाकी सभी लोगों को अपना लंबी अवधि का निवेश इक्विटी में करना चाहिए। मैं आपको बता रहा हूं कि कैसे फिक्‍स्ड इनकम सेविंग पर आपको बहुत कम वास्‍तविक रिटर्न मिलता है।

महंगाई से कैसे लड़ेंगे आप
उदाहरण के लिए एफडी पर अगर सालाना सात फीसदी ब्‍याज मिल रहा है और महंगाई दर 5 फीसदी है तो वास्‍तविक रिटर्न 2 फीसदी हुआ। अगर आप इनकम के लिए सिर्फ फिक्‍स्ड डिपॉजिट से मिलने वाले ब्‍याज पर निर्भर हैं तो आपको बहुत ज्‍यादा बचत करनी होगी, जिससे आप रिटायरमेंट के बाद पैसों की किल्‍लत से बचे रहें। अगर आपको रेंटल इनकम नहीं हो रही है या आपको सरकारी पेंशन नहीं मिल रही है तो आपको महंगाई से खुद ही लड़ना होगा। आप इस लड़ाई को कैसे लड़ेंगे, इसके लिए आपके पास सिर्फ एक हथियार है। इक्विटी में निवेश। हमारे देश में एक बड़ी समस्‍या निवेश के कल्‍चर को लेकर है। यह कल्‍चर बदल तो रहा लेकिन यह बदलाव उतना तेज नहीं है जितना होना चाहिए।

एफडी में निवेश का दौर

एक समय था जब भारत ऐसा देश था जहां लोग फिक्‍स्ड इनकम स्‍कीमों में निवेश करते थे। शेयर बाजार में दांव लगाने वाले कुछ लोगों को छोड़ कर सारा निवेश फिक्‍स्ड डिपॉजिट स्‍कीमों में जाता था। 1995 तक ऐसा ही होता था। उस समय निवेशक इक्विटी में तभी जाता था जब वह आईपीओ या इश्‍यू खरीदता था। उस समय इस इश्‍यू को सही निवेश के बजाए लॉटरी टिकट खरीदने के तौर पर देखा जाता था। 1995 के बाद से इक्विटी कल्‍चर उभरना शुरू हुआ। इस कल्‍चर के तहत अच्‍छी संख्‍या में निवेशकों ने इक्विटी म्‍युचुअल फंड में निवेश करना शुरू किया। इसके बावजूद अगर उस समय बचत करने वाली आबादी और डिपॉजिट में जमा होने वाले पैसे को देख कर कहा जा सकता है कि इक्विटी में निवेश बहुत कम था।
सिर्फ इक्विटी में निवेश करके ही आप महंगाई के असर को खत्‍म कर सकते हैं और अपनी रकम को लगातार बढ़ा सकते हैं। इसे समझने के लिए आपको बेसिक्‍स को समझना होगा। पैसा निवेश करने का सिर्फ दो तरीका है। या तो आप पैसा किसी को उधार दें या आप अपना बिजनेस खड़ा करें। जब आप पैसा उधार देते हैं तो आपको एक तय रिटर्न मिलता है। अगर कोई बिजनेस कर सकता है तो उसे अपने बिजनेस में निवेश करना चाहिए। अच्‍छी बात यह है कि स्‍टॉक मार्केट की वजह से हम लोगों में से कोई भी बिजनेस या कंपनी का मालिक बन सकता है। ऐसा आप उस कंपनी का शेयर खरीद के कर सकते हैं। हम कुछ चुनौतियों के साथ कंपनी के मालिक होने का वित्‍तीय फायदा उठा सकते हैं। कंपनी का वास्‍तविक मालिक भी इन चुनौतियों का सामना करता है।

इक्विटी में करना होगा निवेश
इक्विटी में निवेश का मतलब शेयर खरीदना है। लेकिन जो इक्विटी में निवेश की शुरूआत करने जा रहे हैं, ऐसे निवेशकों को इक्विटी म्‍युचुअल फंड में निवेश करना चाहिए। आपको यह बड़ी बात लग सकती है लेकिन यह सही है। इससे सहमत होने के लिए आपको इक्विटी प्रॉफिट का स्रोत समझना चाहिए। इक्विटी में प्रॉफिट का स्रोत अर्थव्‍यवस्‍था की ग्रोथ है। आम तौर पर स्‍टॉक्‍स कम से कम अर्थव्‍यवस्‍था की ग्रोथ के बराबर दर से बढ़ना चाहिए। महंगाई दर भी अर्थव्‍यवस्‍था की ग्रोथ के आधार पर कम या ज्‍यादा होती है। अगर महंगाई दर 5 फीसदी ओर इकोनॉमी की ग्रोथ रेट 5 फीसदी है तो स्‍टॉक्‍स 10 फीसदी की दर से ग्रोथ दर्ज कर सकता है। यह औसत ग्रोथ होगी। अगर एक निवेशक के तौर पर आप अच्‍छे इक्विटी फंडों के जरिए ऐसे स्‍टॉक्‍स में निवेश कर सकते हैं, जो औसत से बेहतर हैं तो आप इकोनॉमी की ग्रोथ रेट से काफी अधिक रिटर्न हासिल कर सकते हैं। इक्विटी में निवेश को लेकर लोगों में सबसे बड़ा डर उतार चढ़ाव को लेकर होता है। रोजाना की घटनाओं को लेकर शेयर बाजार में होने वाले शोरगुल को आम निवेशक उतार चढ़ाव समझ लेते हैं। लेकिन यह उनका भ्रम है। अगर आप पिछले तमाम सालों में हर पांच सालों में एक बार इक्विटी मार्केट देखते तो आप दुनिया का सबसे अच्‍छा निवेश मानते। आप मेरा विश्‍वास मत करें। आप नीचे दिया गया ग्राफ देख सकते हैं। यह ग्राफ आपको सारी कहानी बता देंगे।

सौ मर्जो की एक दवा इक्विटी में निवेश

वैल्यू रिसर्च से पूछें aks value research information

कोई सवाल छोटा नहीं होता. पर्सनल फ़ाइनांस, म्यूचुअल फ़ंड्स, या फिर स्टॉक्स पर बेझिझक अपने सवाल पूछिए, और हम आसान भाषा में आपको जवाब देंगे.


टॉप पिक

इन 5 इक्विटी फ़ंड को मिली परफ़ेक्ट 5-स्टार रेटिंग

पढ़ने का समय 5 मिनटख्याति सिमरन नंदराजोग

एक ग्लोबल फ़ंड नई SIP के लिए फिर से खुला

पढ़ने का समय 5 मिनटआकार रस्तोगी

NPS की स्कीम्स अब 5 कैटेगरी में, कहीं बदल न जाए आपकी पेंशन शुरू होने की तारीख़

पढ़ने का समय 6 मिनटआकार रस्तोगी

भारत का ख़र्च कौन उठाता है? ये वो नहीं हैं जो आप सोचते हैं

पढ़ने का समय 5 मिनटधीरेंद्र कुमार

VIP आगे चल रही थी, Safari ने कैसे खेल पलट दिया?

पढ़ने का समय 7 मिनटसत्यजीत सेन

वैल्यू रिसर्च हिंदी पॉडकास्ट

updateनए एपिसोड हर शुक्रवार

जो आपको दिखाई नहीं देता, वही आपको मिलता है

एक राष्ट्रपति की क्रिप्टो वेल्थ और वॉलेट से जुड़ी ग़लत ख़बरें बताती हैं कि छोटे निवेशक को क्या नज़र नहीं आता

अन्य एपिसोड

These are advertorial stories which keeps Value Research free for all. Click here to mark your interest for an ad-free experience in a paid plan

दूसरी कैटेगरी