
मौजूदा समय में बाजार में कुछ ओपेन एंड डेट फंड हैं जो आपको सालाना 9 फीसदी रिटर्न दे सकते हैं। लेकिन फिक्स्ड डिपॉजिट की तरह म्युचुअल फंड से आपको रिटर्न की गारंटी नहीं मिलती है। कुछ अल्ट्रा शार्ट बॉण्ड फंड हैं जिन्होंने पिछले साल 9 फीसदी रिटर्न दिया है। इन फंड का पिछले 5 साल का औसत रिटर्न 9 फीसदी रहा है। लेकिन यह दावा नहीं किया जा सकता है कि ये फंड आने वाले समय में भी 9 फीसदी रिटर्न देंगे।
अगर आप म्युचुअल फंड से 9 फीसदी का रिटर्न चाहते हैं तो आपको फिक्स्ड मैच्योरिटी प्लान्स यानी एफएमपी में निवेश पर विचार करना चाहिए। ये ओपेन एंड फंड नहीं हैं लेकिन इनका रिटर्न लगभग तय होता है। अगर आप आज एफएमपी या कॉरपोरेट बॉण्ड फंड में 3 साल के लिए निवेश करते हैं तो आपको 9 फीसदी से अधिक रिटर्न मिल सकता है। लेकिन आपको 9 फीसदी रिटर्न हासिल करने पर बहुत ज्यादा जोर नहीं देना चाहिए। अगर म्युचुअल फंड में निवेश करने से आपको 8.75 या 8.50 फीसदी सालाना रिटर्न मिलता है तो यह काफी बेहतर होगा। ऐसा इसलिए है कि अगर आप किसी बैंक की 1 साल की एफडी में निवेश करते हैं तो आपको अधिकतम 8 फीसदी रिटर्न मिल सकता है। इसके अलावा एफडी पर मिलने वाले ब्याज पर टैक्स लगता है।
म्युचुअल फंड पर मिलने वाले रिटर्न को कैपिटल गेन्स माना जाएगा और तीन साल के बाद इंडेक्सेशन की वजह से आपको कैपिटल गेन टैक्स कम रेट पर देना होगा। मेरा मानना है कि 9 फीसदी रिटर्न से 0.50 फीसदी कम या ज्यादा रिटर्न की उम्मीद के साथ आपको कॉरपोरेट बॉण्ड फंड में निवेश करना चाहिए। लेकिन निवेश करने से पहले आपको सुनिश्चित करना होगा कि आप निवेश के लिए जो फंड चुन रहे हैं उसने अच्छी रेटिंग वाले बांड में निवेश किया हो और पिछले 5 से 7 साल का ट्रैक रिकॉर्ड साफ सुथरा हो।
ये लेख पहली बार अगस्त 16, 2019 को पब्लिश हुआ.