Ujjal Das/AI-Generated Image
सारांशः कई फ़ंड हाउस अपने इंटरनेशनल फ़ंड्स में पहले से चल रही SIP भी रोक रहे हैं. यह चिंता की बात लग सकती है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि विदेश में निवेश का रास्ता बंद हो गया है. इस स्टोरी में जानिए कि ऐसा क्यों हो रहा है और निवेशक अब भी ग्लोबल मार्केट में कैसे निवेश कर सकते हैं.
दो फ़ंड हाउस ने अपने ग्लोबल फ़ंड्स में चल रही SIP को बंद करने का ऐलान किया है:
- PGIM India (8 अगस्त से): Global Equity Opportunities, Emerging Markets Equity और Global Select Real Estate Securities
- Edelweiss (12 अगस्त से): ASEAN Equity, Greater China Equity, US Technology, Emerging Markets Opportunities, Europe Dynamic और US Value
अगर आप इनमें से किसी फ़ंड में SIP कर रहे हैं, तो अब तक निवेश किया गया पैसा वहीं रहेगा. सिर्फ़ आगे की किस्तें रुकेंगी. आप अब भी अपना पैसा निकाल सकते हैं या एक फ़ंड से दूसरे फ़ंड में स्विच कर सकते हैं.
ये ऐसा करने वाले पहले फ़ंड हाउस नहीं हैं. Invesco, Motilal Oswal, Axis, Kotak, HDFC और Mirae जैसे फ़ंड हाउस की 19 अन्य इंटरनेशनल स्कीम्स में पहले से चल रही SIP बंद हैं, जबकि करीब 40 स्कीम्स में SIP अब भी जारी हैं. ये नौ स्कीम्स उनके अलावा हैं. नई SIP शुरू करना और भी मुश्किल है. फिलहाल सिर्फ़ Baroda BNP Paribas Aqua में नई SIP ली जा रही हैं.
इसकी वजह हर जगह एक ही है. भारत ने अपने म्यूचुअल फ़ंड्स के विदेश में निवेश की एक सीमा तय कर रखी है. यह सीमा 2022 की शुरुआत से बदली नहीं है. जैसे-जैसे विदेशी बाज़ार ऊपर जाते हैं, एक के बाद एक फ़ंड हाउस इस सीमा तक पहुंच जाते हैं.
एक रास्ता अब भी खुला है
हालांकि, इसके लिए भी वही विदेशी निवेश सीमा इस्तेमाल होती है. कई सामान्य डाइवर्सिफ़ाइड फ़ंड्स पहले से ही विदेशी शेयरों में निवेश करते हैं. इनमें Parag Parikh Flexi Cap के अलावा कई टेक्नोलॉजी और मल्टी-एसेट फ़ंड शामिल हैं. हमने पिछले हफ़्ते बताया था कि इनमें से हर फ़ंड कितना पैसा विदेश में लगाता है.
दूसरा रास्ता: ETFs, जहां प्रीमियम अब कम हुआ है
विदेशी शेयरों में निवेश करने का दूसरा तरीक़ा ग्लोबल एक्सचेंज-ट्रेडेड फ़ंड यानी ETF है. इन्हें शेयर बाज़ार में ख़रीदा जाता है और हम हर हफ़्ते इन पर नज़र रखते हैं.
ETF का मार्केट प्राइस उसके पास मौजूद निवेश की क़ीमत यानी NAV से ऊपर हो सकती है. इन दोनों के बीच के अंतर को प्रीमियम कहते हैं. पिछले हफ़्ते अमेरिकी ETFs का प्रीमियम करीब दो साल के सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंच गया था. इस हफ़्ते यह प्रीमियम काफ़ी कम हो गया.
ग्लोबल ETF का प्रीमियम कैसे बदला
| ग्लोबल ETF | 24-जून | 01-जुलाई | 08-जुलाई | 15-जुलाई | 22-जुलाई | 29-जुलाई | 05-अगस्त |
|---|---|---|---|---|---|---|---|
| Motilal Oswal NASDAQ 100 | 24.5 | 19 | 18.9 | 18.3 | 18.3 | 24 | 17.4 |
| Mirae Asset NYSE FANG+ | 23.8 | 17.4 | 19.4 | 16.8 | 20.1 | 23.6 | 15.7 |
| Mirae Asset S&P 500 Top 50 | 22.5 | 18.5 | 20.6 | 17.7 | 18.9 | 23 | 18 |
| Motilal Oswal Nasdaq Q50 | 21.5 | 18.3 | 21.6 | 19.8 | 18.3 | 22.7 | 18.5 |
| Mirae Asset Hang Seng TECH | 21.9 | 17.8 | 15 | 17.6 | 22 | 16.3 | 18.8 |
| Nippon India ETF Hang Seng BeES | 12.8 | 14.6 | 9.3 | 7.2 | 5.4 | 5.3 | 5.1 |
| केवल आखिरी उपलब्ध NSE डेटा के आधार पर, प्रीमियम NAV से ऊपर की क़ीमत के प्रतिशत के रूप में. | |||||||
Motilal Oswal NASDAQ 100 ETF का प्रीमियम 29 जुलाई के 24% से घटकर 5 अगस्त को 17.4% रह गया. FANG+ का प्रीमियम भी 23.6% से घटकर 15.7% हो गया. ऐसा इसलिए नहीं हुआ कि निवेशकों ने ज्यादा क़ीमत देखकर ख़रीदारी से हाथ खींच लिया. इन दिनों में फ़ंड में मौजूद अमेरिकी शेयरों की क़ीमत फिर बढ़ी. NASDAQ 100 ETF का NAV करीब 8% बढ़ा, जबकि उसके मार्केट प्राइस में बहुत कम बदलाव हुआ. यानी NAV की क़ीमत मार्केट प्राइस के करीब आ गई और दोनों के बीच का अंतर कम हो गया. पूरे हफ़्ते ट्रेडिंग भी ज्यादा नहीं, बल्कि कम रही. इसका मतलब है कि निवेशक तेज़ी से बाहर नहीं निकल रहे थे; बल्कि फ़ंड की असली क़ीमत उसके मार्केट प्राइस के करीब आ गई.
अब आइए देखते हैं कि हर फ़ंड की स्थिति क्या है. प्रीमियम घटने के बाद ज्यादातर ETFs अपने पुराने रिकॉर्ड के मुकाबले बहुत महंगे नहीं दिखते. FANG+, S&P 500 और Hang Seng TECH का प्रीमियम अब अपने एक साल के औसत से थोड़ा नीचे है. एक हफ़्ते पहले सभी अमेरिकी फ़ंड अपने औसत से ऊपर थे.
ग्लोबल ETFs: अभी कितना प्रीमियम है
| ग्लोबल ETF | NAV (₹) | क़ीमत (₹) | अभी का प्रीमियम (%) | 52 हफ्तों का औसत प्रीमियम (%) | 52 हफ़्तों की प्रीमियम रेंज (%) | 52 हफ्तों में औसत रोज़ाना ट्रेडिंग (₹ करोड़) |
|---|---|---|---|---|---|---|
| Motilal Oswal NASDAQ 100 | 274.16 | 321.82 | 17.4 | 9.3 | −3.0 से 27.7 | 23.4 |
| Mirae Asset NYSE FANG+ | 171.92 | 198.96 | 15.7 | 19.7 | 11.8 से 30.1 | 5.42 |
| Mirae Asset S&P 500 Top 50 | 67.12 | 79.23 | 18 | 19.4 | 14.5 से 23.7 | 1.59 |
| Motilal Oswal Nasdaq Q50 | 120.24 | 142.52 | 18.5 | 13 | −1.7 से 26.4 | 1.43 |
| Mirae Asset Hang Seng TECH | 20.11 | 23.89 | 18.8 | 19.5 | 12.4 से 36.4 | 2.54 |
| Nippon India Hang Seng BeES | 465.76 | 489.41 | 5.1 | 15 | 3.4 से 25.6 | 8.83 |
| NAV, क़ीमत और प्रीमियम 5 अगस्त 2026 के हैं. केवल NSE डेटा का लिया गया है. | ||||||
प्रीमियम का मतलब है कि आप फ़ंड के पास मौजूद निवेश की क़ीमत से ज्यादा पैसा चुका रहे हैं. यह प्रीमियम ऊपर-नीचे होता रहता है. पिछले हफ़्ते जो प्रीमियम लगभग रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया था, वह अब काफ़ी कम हो चुका है. किसी भी दिन बहुत ज़्यादा प्रीमियम देकर ETF ख़रीदना इस बात का दांव है कि आगे यह प्रीमियम किस दिशा में जाएगा. और यह कोई नहीं बता सकता.
अब तस्वीर क्या है?
ग्लोबल फ़ंड्स में नई SIP लगभग पूरी तरह बंद हैं. कुछ फ़ंड्स में पहले से चल रही SIP भी रोक दी गई हैं और ETFs की कीमतों में भी उतार-चढ़ाव हो रहा है. फिर भी विदेशी शेयरों में निवेश का रास्ता बंद नहीं हुआ है.
आपके पास दो रास्ते हैं-पहले से मौजूद फ़ंड्स के ज़रिए विदेशी शेयरों में निवेश करना या ज़्यादा ग्लोबल एक्सपोज़र के लिए ETFs का इस्तेमाल करना.
इनमें से आपके लिए कौन-सा रास्ता सही है और किसी फ़ंड को रखना चाहिए या नहीं, यही असली सवाल है. Value Research Fund Advisor इसी सवाल का जवाब देता है. यह बताता है कि आपके मौजूदा फ़ंड्स में पहले से कितना विदेशी निवेश है और साफ़-साफ़ बताता है कि किसी फ़ंड को आपके लक्ष्यों के लिए ख़रीदना और रखना सही है या नहीं.
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