
बिटकॉइन के मोहपाश में बंधे लोग पूरे जोश में हैं। वे इस बात को लेकर आश्वस्त हैं कि बिटकॉइन में बार-बार आ रही तेजी इस बात को साबित करती है कि यह निवेश के लिए एक अच्छी असेट क्लास है। और इस पर शक करने वाले गलत साबित हुए हैं। बिटकॉइन को गंभीर निवेश के तौर पर लेने के विचार का सार्वजनिक तौर पर विरोध करने के लिए कुछ लोग ट्विटर पर मेरी आलोचना कर रहे है और इसको लेकर मुझे ईमेल भी मिल रहे हैं। यह बेहद दिलचस्प बात है कि जिन लोगों को लगता है कि बिटकॉइन को लेकर उनकी सोच सही साबित हुई है वे मानते हें कि बिटकॉइन की कीमतें बार-बार बढ़ने से ऐसा कुछ साबित होता है।
लेकिन मेरे जैसे लोग बिटकॉइन पर शक कर रहे हैं। शक इसलिए नहीं कर रहे हैं कि बिटकॉइन की कीमत बार-बार नई ऊंचाई पर पहुंच रही है। बिटकॉइन को गंभीरता से नहीं लिया जाना चाहिए इस बात का इसकी कीमतों में कोई लेना -देना नहीं है। इसके बजाए मैं कुछ वाजिब वजहों से बिटकॉइन को वैध निवेश नहीं मानता हूं।
कुल मिला कर बिटकॉइन के बारे में तीन तरह की राय है। कुछ लोग हैं जो यह सोचते हैं कि यह बहुत अच्छी चीज है क्योंकि यह किसी भी सरकार से स्वतंत्र है। बिटकॉइन में भरोसा करने वाले इस तरह के लोग सरकार की करेंसी को बहुत बुरी चीज मानते हैं और उनकी सोच है कि बिटकॉइन या दूसरी क्रिप्टोकरेंसी इसका विकल्प है। इनका तर्क है कि सरकार और सेंट्रल बैंक से स्वतंत्र और सिर्फ आपूर्ति व मांग पर निर्भर करने वाली करेंसी कई तरह की आर्थिक समस्याओं का समाधान कर सकती है। यह न सिर्फ आर्थिक समस्याओं बल्कि निगरानी और निजता से जुड़ी समस्याओं का भी समाधान कर सकती है।
इसके अलावा कुछ लोग ऐसे हैं जिनके लिए इस बात के अलावा कुछ और मायने नहीं रखता है कि बिटकॉइन की कीमतें बार-बार बढ़ रही हैं। जब तक ग्राफ की लाइन सही दिशा में जा रही तब तक उनको लगता है कि बिटकॉइन को और कुछ साबित करने की जरूरत नहीं है।
तीसरे समूह की राय पहले समूह की ठीक उलट है। इस समूह की राय यह है कि बिटकॉइन बेकार है क्योंकि इसमें सरकार और सेंट्रल बैंक शामिल नहीं हैं। व्यावहारिक तौर पर बात करें तो किसी चीज को रकम तभी माना जा सकता है जब यह नियम कानून के दायरे में हो। हाल में सेबी चीफ ने संकेत दिया है कि बिटकॉइन के लिए किसी तरह के नियम कानून आएंगे लेकिन नियम कानून किस तरह के होंगे यह इस बात पर निर्भर करेगा कि इसे लीगल टेंडर माना जाएगा या असेट क्लास।
पिछली लहर में क्रिप्टोकरेंसी में निवेश करते हुए बहुत से भारतीय नुकसान उठा चुके हैं। 2016-17 में कई तरह धोखेबाज इस कारोबार में आ गए थे। ऐसे बहुत से ऐप्स और वेबसाइट थीं जहां आप बिटकॉइन खरीद सकते थे और वे यह भी दावा करतीं थी कि वे आपके लिए इसे स्टोर करेंगी। लेकिन किसी ने इस बात की पेशकश नहीं की जो यह साबित करे कि आपने बिटकॉइन खरीदा है या बिटकॉइन आपका हो गया। यह अजीब बात है क्योंकि बिटकॉइन का अस्तिव इस बात पर आधारित है कि माना जाता है कि यह एक लोहे की छड़ की पेशकश करता और यह ओनरशिप का सबूत है। लेकिन जिस तरह से लोग इसे खरीद रहे हैं वह ठीक उलटा है। कुछ कंपनियां हैं या इनको एक तरह के ब्रोकर भी कह सकते हैं जो ट्रेडिंग करते हैं और आपके लिए बिटकॉइन रखते हैं। दूसरी असेट क्लास से सिर्फ एक अंतर है कि यहां स्व घोषित कंपनियां हैं और अगर ये कंपनियां गायब हो जाती हैं और एप्स काम करना बंद कर देते हैं तो आप ज्यादा कुछ नहीं कर सकते हैं। आप सिर्फ यही कर सकते हैं कि ऐप्स को फोन से डिलीट कर दें और पूरे मामले को भूल जाएं।
सेविंग और इन्वेस्टमेंट व्हीकल होने के लिए जरूरी है कि फाइनेंशियल असेट किसी नियम कानून के दायरे में हो। ऐसे माहौल में जहां धोखाधड़ी का खतरा बहुत बड़ा है असेट क्लास इसीलिए फल फूल रही हैं क्योंकि वह नियम कानून के दायरे में आने से बच नहीं सकती है।


