
मैंने ईएलएसएस के डायरेक्ट प्लान में निवेश किया है और ग्रोथ ऑप्शन चुना है। हालांकि, मुझे बताया गया है कि डिवीडेंड ऑप्शन चुनना चाहिए था। ऐसा क्यों है ? क्या मुझे ग्रोथ ऑप्शन से डिवीडेंड ऑप्शन की ओर शिफ्ट कर जाना चाहिए ?
-विमला
नहीं, आपने ग्रोथ ऑप्शन में निवेश करने का सही फैसला किया है। आपको डिवीडेंड प्लान बेहतर होने के बारे में मिल रही सलाह को पूरी तरह से नजरअंदाज करते हुए ग्रोथ ऑप्शन में निवेश बनाए रखना चाहिए। आम धारणा के विपरीत डिवीडेंड में आपको कुछ अतिरिक्त नहीं मिलता है। वास्तव में डिवीडेंड ऑप्शन मौजूदा टैक्स नियमों के तहत टैक्स बचाने के लिहाज से कम फायदेमंद है। आपको जो डिवीडेंड मिलेगा वह आपकी इनकम में जुड़ जाएगा और इस पर आपको अपने स्लैब के हिसाब से टैक्स देना होगा। अगर आप 30 फीसदी टैक्स ब्रैकेट में हैं तो आपको मिलने वाले डिवीडेंड पर 30 फीसदी टैक्स देना होगा।
वहीं, दूसरी तरफ ग्रोथ ऑप्शन में एक साल से ज्यादा समय के बाद फंड बेचने के बाद मुनाफे पर आपको 10 फीसदी टैक्स देना होगा। और यह भी तब अगर आपका मुनाफा 1 लाख से अधिक होगा तब। 1 लाख तक के मुनाफे पर कोई टैक्स नहीं देना होता है। अगर आप इक्विटी से किसी फाइनेंoशियल ईयर में 1 लाख तक लॉग टर्म कैपिटल गेन्स हासिल करते हैं तो आपको कोई टैक्स नहीं देना होगा। अगर आप निवेश 1 साल से पहले बेच लेते हैं तो मुनाफे पर 15 फीसदी टैक्स देना होगा। इस आधार पर ग्रोथ ऑप्शन टैक्स बचाने के लिहाज से ज्यादा फायदेमंद है।
डिवीडेंड के मामले में दूसरी अहम बात यह है कि आपकी समूची डिवीडेंड इनकम टैक्स के दायरे में आती है। वहीं ग्रोथ ऑप्शन में सिर्फ मुनाफे पर टैक्स लगता है। मान लेते हैं कि किसी साल आपको 10,000 रुपए डिवीडेंड इनकम के तौर पर मिलते हैं । तो पूरे 10,000 आपकी इनकम में जुड़ जाएंगे और इस पर टैक्स देना होगा। वहीं ग्रोथ ऑप्शन में, मान लेते हैं कि आपने 10,000 रुपए की यूनिट भुनाई तो पूरे 10,000 रुपए पर टैक्स नहीं देना होगा। 10,000 रुपए में से सिर्फ कैपिटल गेन्स पर टैक्स लगेगा । वह भी एक साल के बाद यूनिट बेचने पर 1 लाख रुपए की सीमा के बाद।
ये लेख पहली बार दिसंबर 05, 2020 को पब्लिश हुआ.

