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अकाउंटहोल्डर की मृत्यु के बाद PPF का क्या होता है?

जानिए, PPF अकाउंटहोल्डर की मृत्यु के बाद कोई नॉमिनी या उत्तराधिकारी पैसे कैसे क्लेम कर सकता है

जानिए, PPF अकाउंटहोल्डर की मृत्यु के बाद कोई नॉमिनी या उत्तराधिकारी पैसे कैसे क्लेम कर सकता है

सारांशः PPF अकाउंटहोल्डर के निधन के बाद अकाउंट बंद हो जाता है और बैलेंस नॉमिनी या क़ानूनी वारिस को दे दिया जाता है. यह गाइड आपको क्लेम के लिए ज़रूरी काग़ज़ात और क़दम बताती है.

मृत्यु तो सबको आनी है, लेकिन पैसों की तैयारी पहले से कर लेनी चाहिए. अगर आपका या आपके किसी अपने का PPF अकाउंट है, तो यह जानना ज़रूरी है कि अकाउंटहोल्डर के जाने के बाद उस पैसे का क्या होता है और यह कैसे पक्का करें कि वो बिना किसी देरी के सही इंसान तक पहुंचे. 

PPF निवेशकों के बीच बहुत पसंद की जाने वाली योजना है क्योंकि इसमें पैसा जमा करने पर और तय समय के बाद निकालने पर भी टैक्स की बचत होती है. PPF पर अभी 7.1% ब्याज मिलता है और यह ब्याज भी टैक्स-फ़्री है.

अकाउंटहोल्डर की मृत्यु होने पर अकाउंट बंद हो जाता है. न नॉमिनी और न क़ानूनी वारिस इसे आगे चला सकते हैं. लेकिन जब तक रक़म क्लेम नहीं होती, उस पर ब्याज मिलता रहता है. हां, मृत्यु के बाद अगर अकाउंट में कोई नई रक़म जमा हुई, तो उस पर कोई ब्याज नहीं मिलेगा और वो रक़म जैसे की तैसे वापस कर दी जाएगी.

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क्लेम कैसे करें?

जब नॉमिनी होः अगर नॉमिनी है, तो उसे तीन चीज़ें जमा करनी होंगी: फ़ॉर्म G, मृत्यु प्रमाण पत्र (death certificate) और अकाउंटहोल्डर की पासबुक. यह काम होने के बाद पूरी रक़म नॉमिनी के अकाउंट में आ जाएगी. अगर अकाउंटहोल्डर ने PPF के बदले कोई लोन लिया था, तो पहले वो लोन ब्याज समेत चुकाया जाएगा, फिर बची हुई रक़म नॉमिनी को मिलेगी.

जब नॉमिनी न होः अगर नॉमिनी नहीं है, तो क़ानूनी वारिस रक़म क्लेम कर सकता है. उसे फ़ॉर्म G और मृत्यु प्रमाण पत्र के साथ उत्तराधिकार प्रमाण (succession certificate) पत्र या प्रशासन का पत्र और वसीयत की प्रमाणित कॉपी भी देनी होगी. एक और ज़रूरी बात है, अगर अकाउंट में ₹1 लाख से कम रक़म है, तो क़ानूनी वारिस बिना उत्तराधिकार प्रमाण पत्र के भी पैसे क्लेम कर सकता है.

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ये लेख पहली बार अप्रैल 29, 2026 को पब्लिश हुआ.

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