
Mirae Asset Equity Savings Fund: मिराए फ़ंड फ़ैमिली का ये फ़ंड अपनी पहले से ही स्थापित साख को और बेहतर कर रहा है. भले ही, पिछला साल फ़ंड हाउस के कई इक्विटी ओरिएंटेड फ़ंड्स के लिए एक औसत दर्जे का साबित हुआ, लेकिन मिराए एसेट इक्विटी सेविंग्स इस भीड़ से अलग रहा. शुरुआती छह महीनों के दौरान इसमें अपने जैसे दूसरे औसत फ़ंड से ज़्यादा गिरावट ज़रूर दिखी जब इक्विटी मार्केट में गिरावट आई, मगर आखिर के छह महीनों में इसकी रिकवरी ने इसे टॉप-स्पॉट पर ला दिया, जिसने इस दौरा 8.65 प्रतिशत का रिटर्न दिया. कुल मिलाकर, इसने एक बार फिर से इस साल, अपने जैसे दूसरे फ़ंड्स पर बढ़त दर्ज की. ख़ास बात ये रही कि उसके लिए लगातार आगे रहने का ये चौथा साल रहा. इसका प्रदर्शन अच्छा क्यों रहा फ़ंड ने अपने चुने हुए बैंकिंग स्टॉक से फ़ायदा कमाया (एक्सिस बैंक और स्टेट बैंक ऑफ़ इंडिया) और इसे ITC और हिंदुस्तान यूनिलीवर जैसी FMCG कंपनियों में किए अपने निवेश से भी फ़ायदा हुआ. फ़ंड को अडानी स्टॉक की अंबुजा सीमेंट की अपनी होल्डिंग का भी फ़ायदा मिला. मगर हिंडनबर्ग रिपोर्ट के कारण उसे इसी स्टॉक में नुक़सान भी हुआ. ये भी पढ़िए- एक रिटायर्ड व्यक्ति को इक्विटी में कितना निवेश करना चाहिए? आपको इस फ़ंड में जो मिला है वो अच्
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मेरा पोर्टफोलियो कैसा चल रहा है? मुझे क्या सुधार करना चाहिए? मुझे आगे कहाँ निवेश करना चाहिए? फंड एडवाइज़र इन सभी सवालों के जवाब देता है। हर शनिवार एडवाइज़र नोट। हर दूसरे शनिवार धीरेंद्र कुमार के साथ लाइव सत्र।
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