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पुराने म्यूचुअल फ़ंड सर्टिफ़िकेट: भूले-बिसरे निवेश का पता कैसे लगाएं?

अगर आपने ऐसा कोई निवेश किया था जिसके बारे में आप भूल चुके हैं तो उसका पता लगाने और उसे पाने का तरीक़ा जानिए

अगर आपने ऐसा कोई निवेश किया था जिसके बारे में आप भूल चुके हैं तो उसका पता लगाने और उसे पाने का तरीक़ा जानिए

Old Mutual Fund Certificates: ज़्यादातर खोए हुए सामान के साथ होता ही है, 61 वर्षीय श्री मिश्रा की हाल ही में अपने सामान को व्यवस्थित करते समय धूल से पटे कागजों पर पड़ी. इनमें मॉर्गन स्टैनली ग्रोथ फ़ंड के सर्टिफ़िकेट भी शामिल थे, जो उन्होंने लगभग तीन दशक पहले 1994 (सटीक रूप से कहें तो 18 मार्च) में ₹5,000 में ख़रीदे थे.

मॉर्गन स्टैनली अंतर्राष्ट्रीय स्तर की ख़ासी प्रतिष्ठित कंपनी है. मॉर्गन स्टैनली ने 90 के दशक में भारतीय म्यूचुअल फ़ंड इंडस्ट्री में दस्तक दी थी. हालांकि, कुछ वजहों से वर्ष 2014 तक उसे अपना कारोबार समेटना पड़ गया और उसने अपना म्यूचुअल फ़ंड बिज़नस HDFC को सौंप दिया.

चलिए, अब श्री मिश्रा की कहानी पर फिर से लौटते हैं. जब उनका वास्ता हकीकत से पड़ा तो खोई हुई चीज़ों को पाने की उनकी खुशी अचानक कम हो गई. उनके दिमाग में “क्या ये प्रमाणपत्र अब वैध हैं?”, “मुझे इस निवेश का मूल्य कैसे पता चलेगा?” और “अब मैं अपने निवेश का दावा कैसे करूं” जैसे प्रश्न तेज़ी से घूमने लगे.

यहीं इस आर्टीकल की भूमिका शुरू होती है. इससे सुनिश्चित होगा कि श्री मिश्रा के पुराने निवेश और मेहनत की कमाई बर्बाद न हो पाए. (जहां हम आर्टीकल में श्री मिश्रा की मदद कर रहे हैं, वहीं हम आपके पैसे की वसूली के व्यापक कदमों की रूपरेखा तैयार करेंगे, ताकि आपके लिए भी ये काम आसान हो)।

चरण 1: म्यूचुअल फ़ंड का बदला हुआ नाम पता करें

कॉमर्स में एक साल का समय भी ख़ासा ज़्यादा होता है. लगभग तीन दशकों की कल्पना करें? इसलिए, आपके निवेश का मौजूदा नाम पता लगाने की ख़ासी अहमियत है. मॉर्गन स्टैनली से जुड़े निवेश की तरह, आपके पुराने म्यूचुअल फ़ंड हाउस का अधिग्रहण या विलय हो सकता है.

तो आइए, आपके फ़ंड का मौजूदा नाम पता करते हैं:

-इस पेज के ऊपर की तरफ दायें कोने में ‘सर्च’ के आइकन पर क्लिक करें और फिर अपने पुराने म्यूचुअल फ़ंड का नाम टाइप करें. श्री मिश्रा का मामले में ये Morgan Stanley Growth Fund है.

जैसा कि आप नीचे स्क्रीनशॉट में देख सकते हैं, जब श्री मिश्रा अपने फ़ंड का नाम टाइप करते हैं, तो म्यूचुअल फ़ंड के वर्तमान नाम के साथ एक लिस्ट दिखाई देती है.

संभावना है कि नीचे नज़र आने वाली लिस्ट से भी आपको मदद मिले. इसमें 'erstwhile' से शुरू होने वाले ब्रेकेट में पुराने नाम के साथ मौजूदा नाम भी होना चाहिए.

ये भी पढ़िए- कागज़ों के शेयर सर्टिफ़िकेट को डीमैट में कैसे बदलें?

स्टेप 2: पुराने निवेश की मौजूदा वैल्यू चेक करें

चूंकि, श्री मिश्रा के निवेश का मौजूदा नाम - HDFC लार्ज एंड मिड कैप फ़ंड जानते हैं. इसलिए वह 'मेरे निवेश' नाम के हमारे पोर्टफ़ोलियो ट्रैकर का इस्तेमाल करके अपनी म्यूचुअल फ़ंड यूनिट्स की हालिया वैल्यू की जांच कर सकते हैं.

तो, यहां वो क्या करता है. (आप इन स्टेप्स को भी फ़ॉलो कर सकते हैं)

उन्हें 'मेरे निवेश' पर जाना होगा, जैसा कि नीचे स्क्रीनशॉट में देखा जा सकता है.

फिर, 'निवेश जोड़ें' पर क्लिक करना होगा और ‘म्यूचुअल फ़ंड’ चुनना होगा.

फिर ‘दूसरे तरीक़े देखें’ पर क्लिक कीजिए, ‘फ़ंड्स चुनें’ तक स्क्रॉल करें.

इस तरह, आप ‘फ़ंड्स को ख़ुद से जोड़े’ तक पहुंच जाते हैं. यहां, पर आगे के स्टेप पूरे करने के बाद ‘लेन-देन शामिल करें’ पर क्लिक करें. इससे आपको अपने निवेश की मौजूदा वैल्यू मालूम चल जाएगी.

अगर श्री मिश्रा निवेश पर दावा करना चाहते हैं…

  • भले ही श्री मिश्रा के मामले में इन डॉक्यूमेंट्स की विशेष रूप से ज़रूरत है, लेकिन ये मोटे तौर पर आप पर भी लागू होते हैं.
  • उन्हें नए फ़ंड हाउस की सपोर्ट टीम से संपर्क करना चाहिए, जो इस मामले में HDFC है.
  • एक बार जब विथड्रॉल प्रोसेस के बारे में पता चल जाए, तो उन्हें निम्नलिखित डॉक्यूमेंट्स के साथ फ़ंड हाउस की ब्रांच में जाना चाहिए:

- बैंक खाते की डिटेल को अपडेट करने के लिए एक लिखित अनुरोध देना. इसके लिए, एक कैंसिल किया गया चेक और अपने वर्तमान पते के साथ बैंक मैनेजर द्वारा अटेस्टेड अपने बैंक स्टेटमेंट की एक प्रति ले जाएं.
- बैंक मैनेजर द्वारा सत्यापित हस्ताक्षर
- मॉर्गन स्टैनली ग्रोथ फंड का फिजिकल सर्टिफिकेट
- और आपके नियमित KYC डॉक्यूमेंट: PAN, फोटो और एड्रेस प्रूफ (Aadhaar)

  • इसके बाद फ़ंड हाउस अपनी ओर से डिटेल अपडेट करता है, जिसमें लगभग 7-10 वर्किंग डे लगते हैं.
  • एक बार ऐसा हो जाने पर, श्री मिश्रा पुराने निवेश को सफलतापूर्वक भुना सकते हैं. वह निवेश को बनाए भी रख सकते हैं,

इन बातों को रखें याद

अगर श्री मिश्रा अपना पैसा निकालने का फैसला करते हैं, तो लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन्स (LTCG) टैक्स देना होगा. कैपिटल गेन कैलकुलेट करने के लिए, ख़रीद की तारीख और इक्विटी की कॉस्ट (1994) पर विचार किया जाएगा, न कि 2014 में HDFC-स्टैनली मॉर्गन विलय के दिन पर.

ये भी पढ़िए- Mutual Funds के लिए डीमैट अकाउंट सही नहीं

ये लेख पहली बार दिसंबर 21, 2023 को पब्लिश हुआ.

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